दूरसंचार विभाग ने ई-कॉमर्स फर्मों द्वारा भारत में मोबाइल सिग्नल बूस्टर की अनधिकृत बिक्री को चिन्हित किया, सीमा शुल्क विभाग को पत्र लिखा

अनधिकृत मोबाइल सिग्नल रिपीटर्स और वॉकी-टॉकी को सुरक्षा खतरे के रूप में देखते हुए, दूरसंचार विभाग ने सीमा शुल्क विभाग से आयात नियम को सख्ती से लागू करने की मांग की

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अनधिकृत मोबाइल सिग्नल रिपीटर्स और वॉकी-टॉकी को सुरक्षा खतरे के रूप में देखते हुए, दूरसंचार विभाग ने सीमा शुल्क विभाग से आयात नियम को सख्ती से लागू करने की मांग की
अनधिकृत मोबाइल सिग्नल रिपीटर्स और वॉकी-टॉकी को सुरक्षा खतरे के रूप में देखते हुए, दूरसंचार विभाग ने सीमा शुल्क विभाग से आयात नियम को सख्ती से लागू करने की मांग की

दूरसंचार विभाग ने ई-कॉमर्स फर्मों द्वारा मोबाइल सिग्नल बूस्टर की अनधिकृत बिक्री को चिन्हित किया

दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने शुक्रवार को सीमा शुल्क विभाग को पत्र लिखकर ई-कॉमर्स फर्मों द्वारा मोबाइल सिग्नल बूस्टर की अनधिकृत बिक्री को चिन्हित करने के लिए कहा और इस तरह की प्रथाओं पर अंकुश लगाने के लिए आयात नियमों को सख्ती से लागू करने की मांग की। मोबाइल सिग्नल बूस्टर को कॉल ड्रॉप का प्रमुख कारण माना जाता है और भारत ने पहले ही इस पर प्रतिबंध लगाया हुआ था। लेकिन ई-कॉमर्स के माध्यम से, कई प्रकार के मोबाइल सिग्नल बूस्टर, विशेष रूप से चीन से आयात किए गए, पिछले कई सालों से भारत में अपना रास्ता खोज चुके हैं।

दूरसंचार विभाग ने मुख्य सीमा शुल्क आयुक्त और केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर के मुख्य आयुक्त और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के अध्यक्ष को लिखे पत्र में कहा कि यह उसके संज्ञान में आया है और खुफिया ब्यूरो द्वारा विभाग की नियामक आवश्यकता के अनुपालन के बिना कुछ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बिक्री के लिए उपलब्ध वॉकी-टॉकी सेट के कुछ मॉडलों के बारे में भी बताया गया है। मोबाइल सिग्नल बूस्टर और वॉकी-टॉकी सेट रिसेप्शन उपकरण को शामिल करने वाले ट्रांसमिशन उपकरण की श्रेणी में आते हैं जिन्हें बिना लाइसेंस के आयात करने की अनुमति नहीं है।

फरवरी में, दूरसंचार विभाग के वायरलेस प्रौद्योगिकी निगरानी समूह ने एक सप्ताह भर चली छापेमारी के दौरान राष्ट्रीय राजधानी के 140 अवैध मोबाइल सिग्नल बूस्टरों पर कार्यवाही की थी।

पत्र में कहा गया है – “हालांकि विभाग उल्लंघन के मामलों में इस संबंध में उचित कार्रवाई करना जारी रखे हुए है, लेकिन मोबाइल सिग्नल बूस्टर/ रिपीटर सहित ऐसे अनधिकृत वायरलेस उपकरणों के प्रवाह को प्रतिबंधित करने के लिए देश में, इस संबंध में डीजीएफटी की आयात नीति में निहित प्रावधानों को सख्ती से लागू करने का अनुरोध किया जाता है।” फरवरी में, दूरसंचार विभाग के वायरलेस प्रौद्योगिकी निगरानी समूह ने एक सप्ताह भर चली छापेमारी के दौरान राष्ट्रीय राजधानी के 140 अवैध मोबाइल सिग्नल बूस्टरों पर कार्यवाही की थी। 18 से 24 फरवरी के बीच कनॉट प्लेस, हौज खास और नेहरू प्लेस सहित दिल्ली के कई हिस्सों में छापेमारी की गई थी। पिछले साल, डीओटी के अधिकारियों ने लगभग 400 अवैध मोबाइल सिग्नल बूस्टर जब्त किए और हटा दिए थे, जिनके कारण कॉल ड्रॉप की समस्या आ रही थी।

इस खबर को अंग्रेजी में यहाँ पढ़े।

अनधिकृत मोबाइल सिग्नल रिपीटर्स और वॉकी-टॉकी असामाजिक तत्वों को अवैध संचार तंत्र स्थापित करने में मदद कर सकते हैं। अधिकांश लोग अपने परिसर में मोबाइल सिग्नल को बढ़ाने के लिए भी इस उपकरण का उपयोग करते हैं, जो आसपास के क्षेत्रों में दूरसंचार नेटवर्क पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है जिसके परिणामस्वरूप कॉल ड्रॉप, खराब कॉल गुणवत्ता आदि समस्याएं होती हैं। इनमें से अधिकांश उपकरण चीन, ताइवान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर और मलेशिया से अवैध रूप से आयात किए जाते हैं।

“इसके अलावा, विभिन्न ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को भी सिग्नल रिपीटर्स/ बूस्टर सहित अनधिकृत वायरलेस उपकरणों की बिक्री/ मुहैया की सुविधा प्रदान करने से उन्हें रोकने के लिए नोटिस दिया गया है। ऐसे कुछ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने निर्देशों का पालन किया है। हालांकि, ऐसे अनधिकृत मोबाइल सिग्नल रिपीटर्स/ बूस्टर सहित वायरलेस उपकरण अभी भी कुछ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और ग्रे मार्केट (गुप्त तरीके से) में बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।”

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