व्यापारी संगठन सीएआईटी ने अमेज़न के साथ एमओयू करने के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी को दोषी ठहराया

अमेज़न का इस्तेमाल करने के गुजरात सरकार के फैसले से हमें ठेस पहुंची: सीएआईटी

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अमेज़न का इस्तेमाल करने के गुजरात सरकार के फैसले से हमें ठेस पहुंची: सीएआईटी
अमेज़न का इस्तेमाल करने के गुजरात सरकार के फैसले से हमें ठेस पहुंची: सीएआईटी

सीएआईटी ने अमेज़न के साथ एमओयू साइन करने के लिए मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की कड़ी आलोचना की

अखिल भारतीय व्यापारी संघ (सीएआईटी) ने अमेज़न ग्लोबल सेलिंग के माध्यम से अपने निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अमेज़न की मदद लेने के लिए अमेज़न के साथ गुजरात सरकार द्वारा एमओयू किये जाने पर गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की कड़ी आलोचना की है। गुजरात के व्यापारियों के अलावा, देश भर के व्यापारियों ने एक ज्ञात कानून अपराधी कंपनी से गुजरात सरकार के हाथ मिलाने पर ठगा हुआ महसूस किया है। सीएआईटी नेताओं ने कहा, सीएआईटी ऐसे एमओयू का विरोध करेगा और 9 सितंबर, 2021 को होने वाली राष्ट्रीय व्यापार नेताओं की बैठक में निर्णय लेगा। सम्मेलन में सभी राज्यों के व्यापार नेताओं द्वारा ई-कॉमर्स में लगीं बहुराष्ट्रीय कंपनियों के विरोध में एक राष्ट्रीय अभियान के लिए रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए भाग लिया जाएगा। सीएआईटी जो अक्सर सत्तारूढ़ दल भाजपा का समर्थन करती है, भारत में व्यापारियों का सबसे बड़ा संगठन है।

सीएआईटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया और महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने भाजपा नेतृत्व वाली गुजरात सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि एक तरफ केंद्र सरकार के वैधानिक निकाय भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग और प्रवर्तन निदेशालय अमेज़न के खिलाफ प्रतिस्पर्धा-विरोधी प्रथाओं और ई-कॉमर्स एवं फेमा नियमों के उल्लंघन में लिप्त होने के लिए जाँच कर रहे हैं जबकि दूसरी ओर गुजरात सरकार अमेज़न के माध्यम से अपने उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए अमेज़न से हाथ मिला रही है।

सीएआईटी नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री रूपाणी ने एक राज्य के शासक की तरह ईस्ट इंडिया कंपनी से हाथ मिलाने की तरह काम किया है, जिसका देश को आर्थिक गुलाम बनाने का भयावह मकसद था।

हाल ही में सीएआईटी ने इंफोसिस के प्रमुख नारायण मूर्ति पर भारत में अमेज़न की संदिग्ध प्रथाओं में मदद करने का आरोप लगाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि मूर्ति द्वारा वित्त पोषित कम्पनी क्लाउडटेल भारत में अमेज़न की सबसे बड़ी विक्रेता है।[1]

इस खबर को अंग्रेजी में यहाँ पढ़े।

भरतिया और खंडेलवाल ने कहा कि गुजरात सरकार (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृह राज्य) की यह हरकत गुजरात के उत्पादों को अमेज़न के हाथों लुभाने की ओर ले जा रही है। क्या गुजरात के मुख्यमंत्री को अमेज़न की जमीनी हकीकत की जानकारी है, या ऐसा निर्णय लेने से पहले, क्या उन्होंने अमेज़न पर लगाए गए विभिन्न आरोपों को देखा है? क्या उन्होंने ऐसा फैसला लेने से पहले केंद्र सरकार से सलाह ली है। सीएआईटी नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री रूपाणी ने एक राज्य के शासक की तरह ईस्ट इंडिया कंपनी से हाथ मिलाने की तरह काम किया है, जिसका देश को आर्थिक गुलाम बनाने का भयावह मकसद था। यह अत्यंत खेद की बात है कि केंद्र सरकार के वकील सर्वोच्च न्यायालय सहित विभिन्न न्यायालयों में अमेज़न का पर्दाफाश कर रहे हैं, लेकिन दूसरी ओर गुजरात की राज्य सरकार अमेज़न के साथ समझौता कर रही है।

भरतिया और खंडेलवाल ने कहा कि वे इस मुद्दे को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के समक्ष उठाएंगे और उन्हें गुजरात सरकार के इस कृत्य के राजनीतिक परिणामों से अवगत कराएंगे।

संदर्भ:

[1] भारतीय व्यापारी संघ ने इन्फोसिस के नारायण मूर्ति पर भारत में अमेज़न की कदाचारी नीतियों में मदद करने का आरोप लगाया। आरोप लगाया कि मूर्ति की क्लाउडटेल अमेज़न की सबसे बड़ी विक्रेता है!Feb 20, 2021, hindi.pgurus.com

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