प्रशांत भूषण ने सीबीआई द्वारा अनिल अंबानी के खिलाफ भारी बैंक धोखाधड़ी के लिए मामला दर्ज करने हेतु विभिन्न एजेंसियों को याचिका दायर की। अनिल अंबानी का पासपोर्ट रद्द करने की मांग की!

प्रशांत भूषण ने विभिन्न सरकारी एजेंसियों को ऋण-ग्रस्त अनिल अंबानी के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए याचिका दी!

0
551
प्रशांत भूषण ने विभिन्न सरकारी एजेंसियों को ऋण-ग्रस्त अनिल अंबानी के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए याचिका दी!
प्रशांत भूषण ने विभिन्न सरकारी एजेंसियों को ऋण-ग्रस्त अनिल अंबानी के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए याचिका दी!

प्रशांत भूषण ने सीबीआई, सीवीसी, आरबीआई, एमईए और एमओएफ को याचिका दायर की

सार्वजनिक क्षेत्र के विभिन्न बैंकों द्वारा भेजे गए भारी कर्ज के नोटिसों का हवाला देते हुए, विख्यात वकील प्रशांत भूषण ने बैंक धोखाधड़ी और जालसाजी के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा कर्ज में डूबे उद्योगपति अनिल अंबानी के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए विभिन्न सरकारी एजेंसियों को याचिका दी। अनिल अंबानी की बैंक धोखाधड़ी को इंगित करते हुए 39 पृष्ठों की एक विस्तृत शिकायत में, भूषण ने भारत से भागने से रोकने के लिए अनिल अंबानी के पासपोर्ट को रद्द करने की मांग भी की। प्रशांत भूषण ने सीबीआई, सीवीसी (केंद्रीय सतर्कता आयोग), आरबीआई (भारतीय रिज़र्व बैंक), विदेश मंत्रालय (एमईए), वित्त मंत्रालय (एमओएफ) को याचिका दायर की, जिसमें बताया गया कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने, अनिल अंबानी द्वारा उनकी कंपनियों रिलायंस कम्युनिकेशन लिमिटेड, रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड और रिलायंस इंफ्राटेल लिमिटेड के माध्यम से की गयी, धोखाधड़ी की घोषणा की है।

भूषण ने एजेंसियों को की अपनी विस्तृत शिकायत में कहा कि भारतीय स्टेट बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक ने रिलायंस कम्युनिकेशन लिमिटेड, रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड और रिलायंस इंफ्राटेल लिमिटेड के बैंकों के खातों को “धोखेबाज” घोषित किया है। उन्होंने अनिल अंबानी के नेतृत्व वाली कंपनियों के ऋणों पर हाल ही में दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश का भी हवाला दिया।

2018 में, सीवीसी ने भी इसी तरह का परिपत्र जारी किया था, भूषण ने, अनिल अंबानी के खिलाफ  86,000 करोड़ से अधिक की बैंक धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने की मांग की।

इस शिकायत में प्रशांत भूषण ने कहा है कि रिलायंस कम्युनिकेशन का कर्ज 49,000 करोड़ रुपये से अधिक, रिलायंस टेलीकॉम का कर्ज 24,000 करोड़ रुपये से अधिक और रिलायंस इंफ्राटेल का कर्ज 12,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है और उन्होंने मांग की है कि विदेश मंत्रालय को अनिल अंबानी के पासपोर्ट को रद्द कर देना चाहिए ताकि वे देश छोड़कर न भाग सकें। औद्योगिक क्षेत्र के कई जानकारों का कहना है कि अनिल अंबानी लंदन नहीं जायेंगे (जैसे विजय माल्या) क्योंकि चीनी बैंकों ने बकाया वसूलने के लिए लंदन कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिससे उन्हें मुसीबत का सामना करना पड़ेगा। कुछ महीने पहले लंदन कोर्ट ने 717 मिलियन डॉलर (5400 करोड़ रुपये) का भुगतान करने का आदेश दिया था[1]

इस खबर को अंग्रेजी में यहाँ पढ़े।

प्रशांत भूषण ने बताया कि आरबीआई के परिपत्र (सर्कुलर) के अनुसार, बैंकों में धोखाधड़ी की रकम 50 करोड़ रुपये से अधिक होने पर सीबीआई को आपराधिक मामला दर्ज करना चाहिए। 1 जुलाई, 2016 के आरबीआई के परिपत्र के अनुसार, यदि धोखाधड़ी 50 करोड़ रुपये से अधिक है, तो बैंकों को सीबीआई के मुख्यालय (हेड क्वार्टर) को सूचित करना चाहिए। 2018 में, सीवीसी ने भी इसी तरह का परिपत्र जारी किया था, भूषण ने, अनिल अंबानी के खिलाफ  86,000 करोड़ से अधिक की बैंक धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने की मांग की।

एजेंसियों को लिखी अपनी 39 पन्नों की शिकायत में प्रशांत भूषण ने मांग की – “यह अनुरोध किया जाता है कि श्री अनिल अंबानी का पासपोर्ट तुरंत रद्द कर दिया जाए। यह सब श्री नीरव मोदी और विजय माल्या के अतीत के उदाहरणों के मद्देनजर और अधिक आवश्यक हो जाता है, क्योंकि जांच और अभियोजन से बचने के लिए वे देश से भाग गए।”

संदर्भ:

[1] लंदन की अदालत ने अनिल अंबानी को चीनी बैंकों को 21 दिनों के भीतर 717 मिलियन डॉलर (5400 करोड़ रुपये) का भुगतान करने का आदेश दियाMay 23, 2020, hindi.pgurus.com

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.