इंडसइंड बैंक ने विदेशों से भारत में यूपीआई के जरिये पैसे भेजने की सुविधा शुरू की

इससे भारत में पैसे आने में देर नहीं लगेगी। सबसे बड़ी बात यह है कि इस तरह के हर ट्रांजेक्शन की जानकारी सरकार को रहेगी

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इंडसइंड बैंक ने विदेशों से भारत में यूपीआई के जरिये पैसे भेजने की सुविधा शुरू की
इंडसइंड बैंक ने विदेशों से भारत में यूपीआई के जरिये पैसे भेजने की सुविधा शुरू की

इंडसइंड बैंक विदेशों से यूपीआई पेमेंट शुरू करने वाला पहला बैंक बना!

इंडसइंड बैंक ने विदेश में यूपीआई ट्रांजेक्शन की सुविधा शुरू कर दी है। इस तरह का पेमेंट शुरू करने वाला इंडसइंड बैंक पहला बैंक है। विदेश में बैठे कस्टमर भी इंडसइंड बैंक के यूपीआई से पेमेंट कर सकेंगे। इस बैंक ने थाइलैंड के साथ यूपीआई के जरिये फॉरेन इनवार्ड रेमिटेंस (पैसों के लेनदेन) की सुविधा शुरू की है। कस्टमर को डीमनी (DeeMoney) बेवसाइट पर बेनिफिशियरी (जिसको पैसे भेजने हैं) को जोड़ना होगा जिसके बाद आसानी से यूपीआई से पैसा भेजा (फंड ट्रांसफर) जा सकेगा।

इंडसइंड बैंक ने विदेश में यूपीआई से पैसे भेजने की सुविधा के लिए एनपीसीआई या नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के साथ करार किया है। इंडसइंड बैंक और एनपीसीआई ने मिलकर यह सेवा शुरू की है। डीमनी थाइलैंड का वित्तीय सेवा प्रदाता (फाइनेंशियल सॉल्यूशन प्रोवाइडर) है जो मनी ट्रांसफर और फॉरेन करंसी एक्सचेंज जैसी सर्विस देता है। अभी इंडसइंड बैंक ने थाइलैंड के डीमनी के साथ करार किया है और आगे चलकर अन्य देशों के सर्विस प्रोवाइडर के साथ भी यूपीआई से मनी ट्रांसफर की योजना बनाई जा रही है।

इंडसइंड बैंक के कंज्यूमर बैंकिंग और मार्केटिंग के प्रमुख सौमित्र सेन ने इस नई सुविधा के बारे में बताते हुए कहा कि कस्टमर को निर्बाध बैंकिंग की सुविधा दी जा सके, इसके लिए यूपीआई आधारित विदेश में मनी ट्रांसफर की सेवा शुरू की गई है। यह बैंक देश का पहला बैंक है जिसने एनपीसीआई के साथ मिलकर विदेश में यूपीआई आधारित मनी ट्रांसफर की सर्विस शुरू की है। इसमें थाइलैंड में बैठा कोई एनआरआई डीमनी के यूपीआई से जुड़कर भारत में सीधे पैसा भेज सकेगा। वह भी तुरंत (रियल टाइम में)।

भारत के लोग जैसे यूपीआई में सिर्फ यूपीआई आईडी के जरिये कहीं से किसी को भी पैसा भेज देते हैं और इसमें बैंक खाते और पासवर्ड की जरूरत नहीं होती, वैसे ही विदेश से भी मनी ट्रांसफर हो सकेगा। भेजने वाले व्यक्ति को केवल अपना यूपीआई पिन दर्ज करना होगा। एनआरआई की बहुतायत संख्या को देखते हुए यूपीआई से फॉरेन रेमिटेंस शूरू होना बड़ा कदम माना जा रहा है क्योंकि इससे भारत में पैसे आने में देर नहीं लगेगी। सबसे बड़ी बात यह है कि इस तरह के हर ट्रांजेक्शन की जानकारी सरकार को रहेगी।

इस सर्विस का बड़ा फायदा भारत से बाहर रहने वाले एनआरआई और पीआईओ को होने वाला है जो यूपीआई के सहारे आसानी से एनआरई और एनआरओ खाते में पैसे भेज सकेंगे। साथ ही, यूपीआई से भारत में अपने परिजनों या दोस्त-नातेदारों को भी मनी ट्रांसफर कर सकेंगे। इससे पैसा भेजना सुरक्षित और तेज होगा। कोई कागजी कार्यवाही की जरूरत नहीं होगी। भारत में पैसे भेजने के लिए बेनिफिशियरी का खाता संख्या, आईएफएससी याद रखने या दर्ज करने की जरूरत नहीं होगी। पैसे भेजने के लिए बैंक की ब्रांच में भी नहीं जाना होगा। एनआरआई को लंबा-चौड़ा फॉर्म भरने की भी आवश्यकता नहीं होगी।

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