ईडी ने पीएफआई के छात्रसंघ नेता को ओमान भागने की कोशिश करते एयरपोर्ट से पकड़ा। पूछताछ में शामिल होगी यूपी पुलिस। बैंक खातों में दो करोड़ से अधिक मिला।

ईडी ने एक प्रमुख अपराधी रऊफ शरीफ, जो शाहीन बाग विरोध प्रदर्शन के लिए धन जुटाने में शामिल था, को देश छोड़ने की कोशिश करते पकड़ा!

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ईडी ने एक प्रमुख अपराधी रऊफ शरीफ, जो शाहीन बाग विरोध प्रदर्शन के लिए धन जुटाने में शामिल था, को देश छोड़ने की कोशिश करते पकड़ा!
ईडी ने एक प्रमुख अपराधी रऊफ शरीफ, जो शाहीन बाग विरोध प्रदर्शन के लिए धन जुटाने में शामिल था, को देश छोड़ने की कोशिश करते पकड़ा!

जेहादी-समर्थक संगठन पीएफआई के नेता रऊफ शरीफ को ईडी ने पकड़ लिया

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को एक जेहादी-समर्थक संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के नेता और उसके छात्र विंग कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया के महासचिव राऊफ शरीफ को ओमान भागने की कोशिश करते हुए धर दबोचा। रउफ शरीफ शाहीन बाग विरोध प्रदर्शन और उत्तर प्रदेश में पीएफआई गतिविधियों हेतु धन जुटाने के लिए एजेंसियों की नजर में था। स्थानीय अदालत ने ईडी को 14 दिनों की हिरासत का समय दिया है और उत्तर प्रदेश पुलिस भी राऊफ से पूछताछ करेगी, राऊफ के तीन बैंक खातों में 2019 से 2.21 करोड़ रुपये का लेनदेन मिला है।

राउफ की भूमिका और उनकी फंडिंग (धन जुटाना) शैली सिद्दीक कप्पन से पूछताछ के दौरान एजेंसियों के रडार पर आई, कप्पन पहले से ही यूपी पुलिस की हिरासत में है। सिद्दीक कप्पन पीएफआई का दिल्ली कार्यालय सचिव है और एक पत्रकार के रूप में भी काम कर रहा है। ये दोनों केरल के रहने वाले हैं[1]

हवाई अड्डे पर गिरफ्तार करने के बाद, राऊफ को कोल्लम जिले के अंचल में उसके घर लाया गया, जहां ईडी अधिकारियों ने उसके बैंक खातों की जांच की। यह पाया गया कि लॉकडाउन अवधि के दौरान खाड़ी देशों से 49 लाख रुपये और 29 लाख रुपये उसके खातों में आए। ईडी ने उसे पहले समन भेजा था लेकिन वह पेश नहीं हुआ और उसे हवाई अड्डे पर आव्रजन अधिकारियों ने रोक दिया। राऊफ मस्कट (ओमान) के लिए उड़ान भरने की योजना बना रहा था।

यूपी पुलिस ने सिद्दीक कप्पन की रिहाई के लिए केरल वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन (केयूडब्ल्यूजे) द्वारा दायर याचिका में सर्वोच्च न्यायालय में एक विस्तृत दूसरा हलफनामा प्रस्तुत किया।

अधिकारियों के मुताबिक, राऊफ को दिल्ली में ईडी यूनिट में लाया जाएगा और यूपी पुलिस भी पूछताछ में शामिल होगी। यूपी पुलिस के पास पहले से ही सांप्रदायिक हिंसाओं हेतु पीएफआई को धन मुहैया कराने का, राऊफ के खिलाफ एक अलग मामला है।

इस खबर को अंग्रेजी में यहाँ पढ़े।

इस बीच, यूपी पुलिस ने सिद्दीक कप्पन की रिहाई के लिए केरल वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन (केयूडब्ल्यूजे) द्वारा दायर याचिका में सर्वोच्च न्यायालय में एक विस्तृत दूसरा हलफनामा प्रस्तुत किया। यूपी पुलिस के मुताबिक, सिद्दीक एक पीएफआई नेता है जो पत्रकारिता की आड़ में काम करता है। सिद्दीक कप्पन कुछ साल पहले पीएफआई के मुखपत्र ‘तेजस‘ (जो पिछले दो साल से बंद है) के पत्रकार के रूप में दिल्ली आया और वर्तमान में केयूडब्ल्यूजे के दिल्ली कार्यालय का महासचिव है। वह पीएफआई के एक अन्य संगठन एनसीएचआरओ (नेशनल कंफेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स) के राष्ट्रीय सह-समन्वयक के रूप में भी काम कर रहा है। इस संगठन के दिल्ली शाहीनबाग कार्यालय का पता वही है जो पीएफआई के कार्यालय का है। पीएफआई, सिमी के पूर्व कार्यकर्ताओं द्वारा बनाया गया संगठन है।

संदर्भ:

[1] यूपी पुलिस ने पत्रकार संघ के झूठ की धज्जियाँ उड़ाईं। यूपी पुलिस ने उच्चतम न्यायालय को बताया – सिद्दीकी कप्पन पत्रकारिता की आड़ में जिहादी-समर्थक इकाई पीएफआई के कार्यालय सचिव का काम कर रहे हैं!Nov 21, 2020, hindi.pgurus.com

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