सेंडेसरा – स्टर्लिंग मामला – ईडी ने अहमद पटेल के दामाद इरफान, अभिनेता डिनो मोरिया, संजय खान और डीजे अकील की संपत्ति कुर्क की

राजनीतिक मुखिया के चले जाने से संदेसरा ग्रुप से जुड़े और सरकार में बैठे सभी लोगों के पसीने छूट जाएंगे!

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राजनीतिक मुखिया के चले जाने से संदेसरा ग्रुप से जुड़े और सरकार में बैठे सभी लोगों के पसीने छूट जाएंगे!
राजनीतिक मुखिया के चले जाने से संदेसरा ग्रुप से जुड़े और सरकार में बैठे सभी लोगों के पसीने छूट जाएंगे!

ईडी ने संदेसरा मामले में इरफान और तीन अभिनेताओं की संपत्ति कुर्क की

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को गुजरात स्थित दवा कंपनी सेंडेसरा स्टर्लिंग बायोटेक समूह से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिवंगत कांग्रेस नेता अहमद पटेल के दामाद इरफान सिद्दीकी, अभिनेता डिनो मोरिया और संजय खान और डीजे अकील की संपत्ति कुर्क कर दी। यह सर्वविदित है कि गुजरात का सेंडेसरा समूह राजनीतिक रूप से उजागर कंपनी है जिसे दिवंगत अहमद पटेल का आशीर्वाद प्राप्त था। सेंडेसरा परिवार पहले से ही भगोड़ा है और विदेश में रह रहा है और ईडी ने नाइजीरिया में तेल रिग (दोहन), यूएसए में पंजीकृत विमान और जून 2019 में लंदन में संपत्तियों सहित उनकी 9800 करोड़ रुपये की संपत्ति पहले ही कुर्क कर ली है।[1]

शुक्रवार को ईडी ने इरफान और तीन अभिनेताओं की 8.79 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की। इन लोगों के नाम कुख्यात सेंडेसरा डायरी में हैं, जिसने अब तक गुजरात और मुंबई के कई आईएएस, आईआरएस और आईपीएस अधिकारियों को सेंडेसरा समूह से मासिक शुल्क या रिटेनर शुल्क या हफ्ता लेने के लिए उजागर किया है। सितंबर 2017 में पीगुरूज ने सबसे पहले सेंडेसरा के पैसों के लेनदेन में अहमद पटेल के दामाद इरफान की भूमिका की सूचना दी थी। इरफान का नाम सबसे पहले सीबीआई की प्राथमिकी में सामने आया था, इसमें तीन आयकर आयुक्तों को आरोपी बनाया गया था और उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था।[2]

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कहा कि स्टर्लिंग बायोटेक समूह के फरार मालिकों नितिन सेंडेसरा और चेतन सेंडेसरा ने अपराध की आय को चार लोगों को भेजा है।

बाद में इस मामले में अहमद पटेल के बेटे फैजल पटेल की भूमिका का खुलासा हुआ और कई हवाला संचालकों (ऑप्रेटर) ने एजेंसियों के सामने अहमद पटेल के दिल्ली स्थित सरकारी आवास तक पैसे पहुंचाने की बात कबूल की। जून 2020 में ईडी ने खुद अहमद पटेल से पूछताछ की थी[3]। सेंडेसरा डायरीज में पुलिस अधिकारी राकेश अस्थाना का भी नाम था। फिर इस सेंडेसरा मामले पर सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा और तत्कालीन अतिरिक्त निदेशक राकेश अस्थाना के बीच खींचतान शुरू हुई[4]

इस खबर को अंग्रेजी में यहाँ पढ़े।

ईडी ने शुक्रवार को कहा कि धन शोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत चार लोगों की 8.79 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करने का अनंतिम आदेश जारी किया गया था। इसमें से खान की संपत्ति की कुर्की की कीमत 3 करोड़ रुपये, डिनो मोरिया की संपत्ति 1.4 करोड़ रुपये, डीजे अकील के नाम से मशहूर अकील अब्दुल खलील बचूअली की संपत्ति 1.98 करोड़ रुपये और अहमद पटेल के दामाद इरफान अहमद सिद्दीकी की कुर्क की गई संपत्ति 2.41 करोड़ रुपये की है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कहा कि स्टर्लिंग बायोटेक समूह के फरार मालिकों नितिन सेंडेसरा और चेतन सेंडेसरा ने अपराध की आय को चार लोगों को भेजा है। विशेष अदालत ने मालिक भाइयों नितिन सेंडेसरा, चेतन सेंडेसरा, चेतन की पत्नी दीप्ति सेंडेसरा और हितेश पटेल को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया है। मनी लॉन्ड्रिंग का मामला 14,500 करोड़ रुपये के बैंक-ऋण धोखाधड़ी से संबंधित है, जिसके बारे में कहा जाता है कि यह स्टर्लिंग बायोटेक और इसके मुख्य मालिकों और निदेशकों द्वारा किया गया था।

संदर्भ:

[1] ईडी ने अहमद पटेल से सम्बंधित स्टर्लिंग बायोटेक-सैंडेसरा ग्रुप की 9,800 करोड़ रुपये की विदेशी संपत्ति जब्त कीJun 27, 2019, hindi.pgurus.com

[2] CBI FIR names son-in-law of Ahmed Patel (Irfan) of bribing Income Tax officialsSep 25, 2017, PGurus.com

[3] सैंडेसरा समूह धन शोधन: आखिरकार, तीन साल बाद, प्रवर्तन निदेशालय किंगपिन अहमद पटेल के घर पहुंचाJun 28, 2020, hindi.pgurus.com

[4] Inside story of Alok Verma vs Rakesh Asthana fight in CBIOct 23, 2018, India Today

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