भारतीय मूल के हिंदुजा समूह के नेतृत्व वाले हिंदुजा बैंक का लाइसेंस केमैन आइलैंड्स के नियामक द्वारा रद्द कर दिया गया। भारत का इंडसइंड बैंक भी मुश्किल में

केमैन द्वीप समूह (आइलैंड्स) के नियामक के निष्कर्षों के साथ अब इंडसइंड बैंक बेनकाब हो रहा है!

0
778
केमैन द्वीप समूह (आइलैंड्स) के नियामक के निष्कर्षों के साथ अब इंडसइंड बैंक बेनकाब हो रहा है!
केमैन द्वीप समूह (आइलैंड्स) के नियामक के निष्कर्षों के साथ अब इंडसइंड बैंक बेनकाब हो रहा है!

जिनेवा, मॉरीशस में तीव्र समस्याओं का सामना करने के बाद, भारतीय मूल के हिंदुजा समूह के स्वामित्व वाले हिंदुजा बैंक का बैंकिंग लाइसेंस केमैन आइलैंड्स के वित्तीय नियामक द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग के कई आरोपों के मामले में रद्द कर दिया गया है। अंतर्राष्ट्रीय अखबार (जर्नल) ग्लोबल बैंकिंग रेगुलेशन रिव्यू ने बुधवार को बताया कि नियामक केमैन आइलैंड्स मॉनेटरी अथॉरिटी (सीआईएमए) ने 27 मई की अधिसूचना के माध्यम से जिनेवा स्थित हिंदुजा बैंक के बैंकिंग लाइसेंस को रद्द कर दिया है।

हिंदुजा बैंक 1978 में स्थापित की गयी थी और 1994 में यह स्विस-विनियमित बैंक बन गई थी। हिंदुजा बैंक चेन्नई, दुबई, लंदन, मॉरीशस, पेरिस और न्यूयॉर्क में सहायक कंपनियों का संचालन करता है। भारत में हिंदुजा बैंक अपनी सहायक इंडसइंड बैंक के माध्यम से काम करता है।

हिंदुजा समूह अशोक लीलैंड, इंडसइंड बैंक और गल्फ लुब्रिकेंट्स को नियंत्रित करता है। दुनिया भर में कारोबार करने वाले भारतीय मूल के समूह की शुरुआत 1940 के दशक की शुरुआत में स्वर्गीय पीडी हिंदुजा ने की थी।

केमैन आइलैंड्स के वित्तीय नियामक ने जिनेवा स्थित हिंदुजा बैंक के बैंकिंग लाइसेंस को एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (काले धन की रोकथाम) और कार्यप्रणाली में खामियों के लिए रद्द कर दिया है। केमैन आइलैंड्स मॉनेटरी अथॉरिटी (सीआईएमए) के प्रबंध निदेशक सिंडी स्कॉटलैंड ने 27 मई को प्रकाशित एक नोटिस में निर्णय की घोषणा की, जो पांच दिन पहले प्रभावी हो चुका है। पत्र के अनुसार, हिंदुजा बैंक की केमैनियन सहायक कंपनी न्यूनतम 400,000 केमैन डॉलर (488,000 अमेरिकी डॉलर) (3.5 करोड़ रुपये) की शुद्ध संपत्ति बनाए रखने में बार-बार विफल रही और पिछले लगातार दो वर्षों से ऑडिट किए गए खातों को जारी करने में विफल रही।

इस खबर को अंग्रेजी में यहाँ पढ़े।

ग्लोबल बैंकिंग रेगुलेशन रिव्यू ने नियामक सीआईएमए के हवाले से कहा – “सीआईएमए ने पाया कि हिंदुजा बैंक के महानिदेशक गिल्बर्ट पफेफ्ली लाइसेंसधारी के निदेशक पद पर बने रहने के लिए उपयुक्त और उचित व्यक्ति नहीं हैं, और कहा कि बैंक ने उन नियमों का उल्लंघन भी किया है जिसके अनुसार बैंकों को हर समय दो निदेशक बनाए रखने की आवश्यकता होती है। नियामक ने रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया कि हिंदुजा बैंक ने कई एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (एएमएल/काला धन रोकथाम) नियमों का उल्लंघन किया है, और बैंक ने एएमएल नीति लागू नहीं की और बैंक किसी भी मनी लॉन्ड्रिंग रिपोर्टिंग अधिकारी को नियुक्त करने में विफल रही है। यह बैंक की कथित या प्रस्तावित बिक्री के संबंध में शेयरों के मुद्दे, हस्तांतरण या निपटान के लिए सीआईएमए की मंजूरी लेने में भी विफल रही।” अधिसूचना के अनुसार, केमैन आइलैंड्स के नियामक सीआईएमए ने उल्लंघनों को लेकर इस साल 21 जनवरी को हिंदुजा बैंक को चेतावनी नोटिस जारी किया था[1]

तीन हफ्ते पहले, जिनेवा की एक अदालत ने भारतीय उद्योगपति प्रकाश हिंदुजा पर कर उल्लंघन के मामले में 157 मिलियन फ़्रैंक (1,270 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया था। हिंदुजा द्वारा जिनेवा में रहते हुए अपना निवास मोनाको में दर्शाकर कर में छूट प्राप्त करने के लिए जिनेवा कोर्ट ने जुर्माना लगाया था। पीगुरूज ने प्रकाश हिंदुजा द्वारा की गयी धोखाधड़ी का विस्तृत विवरण दिया है[2]

हिंदुजा समूह अशोक लीलैंड, इंडसइंड बैंक और गल्फ लुब्रिकेंट्स को नियंत्रित करता है। दुनिया भर में कारोबार करने वाले भारतीय मूल के समूह की शुरुआत 1940 के दशक की शुरुआत में स्वर्गीय पीडी हिंदुजा ने की थी। हिंदुजा समूह की कंपनियों को मॉरीशस और जिनेवा जैसे टैक्स हेवन (कर आश्रयों) में स्थित होल्डिंग कंपनियों द्वारा नियंत्रित किया जाता है। फरवरी में, जिनेवा और मॉरीशस में अदालतों ने भी प्रकाश हिंदुजा के बेटे अजय हिंदुजा पर कंपनी कानून से संबंधित उल्लंघन के मामले में आरोपित किया था। हिंदुजा समूह मॉरीशस में स्थित होल्डिंग कंपनियों के माध्यम से अपने पूरे विश्वव्यापी संचालन को नियंत्रित करता है।

पीगुरूज ने हाल ही में मूल बोफोर्स घोटालेबाज हिंदुजा परिवार और शीर्ष कांग्रेस और भाजपा नेताओं के साथ उनके संबंधों पर लेखों की एक श्रृंखला प्रकाशित की थी, इन्हीं नेताओं ने अंततः बोफोर्स घोटाले को दबाने का काम किया[3]

संदर्भ:

[1] Hinduja Bank’s licence cancelled by Cayman over money launderingJun 03, 2021, The Pioneer

[2] उद्योगपति प्रकाश हिंदुजा पर कर उल्लंघन हेतु जिनेवा कोर्ट द्वारा 157 मिलियन फ्रैंक (1270 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया गया!May 17, 2021, hindi.pgurus.com

[3] दफन बोफोर्स घोटाला – संस्थागत पतन, आपराधिक षड्यंत्र और एक तैयार आखिरी सिरे की दुखद कहानी, लेकिन…?Sep 25, 2020, hindi.pgurus.com

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.