आखिरकार, ईडी ने आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीईओ चंदा कोचर के पति दीपक कोचर को पत्नी द्वारा किये ऋण भुगतान में रिश्वत लेने हेतु गिरफ्तार किया

चंदा कोचर और उनके पति दीपक के खिलाफ रिश्वत का मामला दीपक की गिरफ्तारी के साथ फिर आगे बढ़ रहा है

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चंदा कोचर और उनके पति दीपक के खिलाफ रिश्वत का मामला दीपक की गिरफ्तारी के साथ फिर आगे बढ़ रहा है
चंदा कोचर और उनके पति दीपक के खिलाफ रिश्वत का मामला दीपक की गिरफ्तारी के साथ फिर आगे बढ़ रहा है

आखिरकार, पीगुरूज के खुलासे के दो साल बाद, आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीईओ चंदा कोचर के पति दीपक कोचर को उनकी पत्नी द्वारा वीडियोकॉन समूह को आवंटित ऋण में रिश्वत लेने के आरोप में सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार कर लिया। 25 मार्च, 2018 को पीगुरूज ने उजागर किया था कि कैसे दीपक की पत्नी चंदा कोचर ने आईसीआईसीआई बैंक की प्रमुख रहते 3900 करोड़ रुपये आवंटित किए थे और दीपक को 325 करोड़ की रिश्वत मिली थी, और किस तरह एजेंसियों ने इस मामले को दबाने की कोशिश की। पीगुरूज के खुलासे के बाद, कई मीडिया घरानों ने मार्च 2016 में दायर की गयी एक निवेशक फोरम के कार्यकर्ता अरविंद गुप्ता की शिकायत को उठाया। इस शिकायत में चंदा के कार्यकाल के दौरान आईसीआईसीआई बैंक में धोखाधड़ियों पर प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री, देश की सभी एजेंसियों को संबोधित किया गया था[1]

सीबीआई और ईडी को चंदा कोचर और उनके पति के खिलाफ आगे बढ़ने के लिए सभी प्रकार की बाधाओं से जूझना पड़ा। जनवरी 2019 में सीबीआई की प्राथमिकी (एफआईआर) में आईसीआईसीआई बैंक के पूर्व सीईओ केवी कामथ की भूमिका का उल्लेख किया गया था और स्पष्ट रूप से कहा गया था कि सभी उच्च मूल्य वाले ऋण केवल कामथ के नेतृत्व वाली समिति के अनुमोदन के बाद वितरित किए गए थे। तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने खुले तौर पर देश के शीर्ष बैंकरों की जांच के लिए सीबीआई को दोषी ठहराया[2]

चंदा कोचर ने एजेंसियों के समक्ष पहले ही कबूल कर लिया था कि उनके द्वारा दिए गए सभी ऋण केवी कामथ की मंजूरी के बाद आवंटित किये गए थे, जिन्हें एजेंसियों द्वारा नहीं बुलाया गया।

जनवरी 2020 में, ईडी ने चंदा कोचर और उनके पति की 78 करोड़ रुपये की संपत्ति संलग्न की। संपत्तियों का वास्तविक बाजार मूल्य 600 करोड़ रुपये है[3]

आईसीआईसीआई बैंक एनडीटीवी बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में भी शामिल है। चंदा कोचर ने एजेंसियों के समक्ष पहले ही कबूल कर लिया था कि उनके द्वारा दिए गए सभी ऋण केवी कामथ की मंजूरी के बाद आवंटित किये गए थे, जिन्हें एजेंसियों द्वारा नहीं बुलाया गया। केवी कामथ को आईसीआईसीआई बैंक के उच्च मूल्य वाले ऋण धोखाधड़ी मामले से बचाने में शक्तिशाली लोगों की भूमिका पर पीगुरूज ने विस्तार से रिपोर्ट किया है[4]

संदर्भ:

[1] आईसीआईसीआई – वीडियोकॉन ऋण घोटाला Mar 29, 2018, Hindi.PGurus.com

[2] चंदा कोचर और आईसीआईसीआई बैंक के अन्य अधिकारियों को सबक सिखाने पर जेटली ने सीबीआई पर क्यों तंज कसा है? Feb 1, 2019, Hindi.PGurus.com

[3] ईडी ने पूर्व आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व चेयरमैन चंदा कोचर और उनके रिश्वत लेने वाले पति और उनकी कंपनियों की 600 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कीJan 11, 2020, Hindi.PGurus.com

[4] आईसीआईसीआई बैंकर के वी कामथ के अगले वित्त मंत्री बनने की अफ़वाह कौन फैला रहा है? Jun 3, 2020, Hindi.PGurus.com

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