चंदा कोचर और आईसीआईसीआई बैंक के अन्य अधिकारियों को सबक सिखाने पर जेटली ने सीबीआई पर क्यों तंज कसा है?

क्या जेटली पीएम से क्रोधित है क्योंकि उन्होंने उसे नजरअंदाज करके सीबीआई द्वारा आईसीआईसीआई के खिलाफ आरोप-पत्र दायर किया है? उसका स्वार्थ क्या है?

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क्या जेटली पीएम से क्रोधित है क्योंकि उन्होंने उसे नजरअंदाज करके सीबीआई द्वारा आईसीआईसीआई के खिलाफ आरोप-पत्र दायर किया है? उसका स्वार्थ क्या है?
क्या जेटली पीएम से क्रोधित है क्योंकि उन्होंने उसे नजरअंदाज करके सीबीआई द्वारा आईसीआईसीआई के खिलाफ आरोप-पत्र दायर किया है? उसका स्वार्थ क्या है?

कुछ हफ्तों के लिए, मैंने पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली के खिलाफ उनके स्वास्थ्य की नाजुक स्थिति के कारण कुछ भी नहीं लिखने के बारे में सोचा था, मेरे निवास देश, अमेरिका में कैंसर से जूझ रहे थे। पीगुरूज ने जेटली और उनकी नीतियों पर कई आलोचनात्मक लेख लिखे हैं। मेरे दोस्तों ने मुझे सचेत किया कि वह अस्वस्थ हैं और उनका इलाज चल रहा है, इसलिए मैंने सोचा, मुझे उनकी बहुत अधिक आलोचना नहीं करनी चाहिए। लेकिन चंदा कोचर और अन्य आईसीआईसीआई बैंक कर्मचारियों के खिलाफ आईसीआईसीआई बैंक धोखाधड़ी मामले में पहली सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) पर क्रोधित होकर शुक्रवार को किए गए अत्याचार और अनैतिक ट्वीट को देखने के बाद, मैंने अपनी आत्मारोपित चुप्पी तोड़ने का फैसला किया।

श्री जेटली, मुझे आपको मंत्री के रूप में आपकी जिम्मेदारियों पर व्याख्यान देने की आवश्यकता नहीं है, हालांकि आप अपने स्वास्थ्य के कारण बिना संविभाग के मंत्री हैं। क्या आपने भाषण नहीं दिया था कि लोगों को “अनुशासित” होना चाहिए? क्या ये ही आपका “अनुशासन” है?

श्री जेटली, आपने भ्रष्ट व्यक्तियों की जांच के लिए सीबीआई के खिलाफ अपना गुस्सा व्यक्त करके अपनी सरकार (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पढ़ें) के खिलाफ ट्वीट करके हद पार कर दी है। इससे भी बड़ी बात यह है कि अपको जवाब देना मेरा उत्तरदायित्व है क्योंकि हम – पीगुरूज – ने पहली बार चंदा कोचर और उनके पति द्वारा लोन आवंटन के लिए रिश्वत लेने वाले आईसीआईसीआई बैंक धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया, जब सभी मीडिया घराने दो साल से इस मुद्दे पर आपराधिक चुप्पी बनाए हुए थे। 25 मार्च, 2018 में, हमने इस धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया, जिसके कारण आईसीआईसीआई बैंक से प्रतिक्रिया मिली और कहानी को इंडियन एक्सप्रेस और अन्य मीडिया घरानों द्वारा आगे बढ़ाया गया और अंततः बैंक से चंदा कोचर बाहर निकल गयी[1]

चित भी मेरी पट भी मेरी, नहीं हो सकता है!

आपको भ्रष्टाचारियों को बचाने की बुरी आदत है। चाहे वो चिदंबरम से जुड़े हों या एनडीटीवी से संबंधित मामले हों। इस मामले में, अन्य आरोपी, वीडियोकॉन के वेणुगोपाल धूत भी आपके अच्छे दोस्त हैं। आप एक मंत्री के रूप में अपने काम के बीच अपने अतीत की दोस्ती को आने नहीं दे सकते। यह पहली बार नहीं है जब आप सीबीआई और जांच एजेंसियों के खिलाफ बोल रहे हैं। जब आप अपने किडनी ट्रांसप्लांट के बाद भी आराम कर रहे थे, तो आपने जुलाई 2018 में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैंकर्स मीट को संबोधित करते हुए भी ऐसा ही किया था। उस समय आप महाराष्ट्र में बैंकरों को सबक सिखाने के लिए जांचकर्ताओं पर गुस्सा कर रहे थे[2]

25 जनवरी, 2019 को कैंसर अस्पताल से आपके ट्वीट अनैतिक हैं और एक वरिष्ठ मंत्री को ये शोभा नहीं देता है।

आपके उपरोक्त ट्वीट्स ने प्रधानमंत्री को शर्मिंदा किया है। आपको यह समझने के लिए रॉकेट विज्ञान की आवश्यकता नहीं है कि सीबीआई ने मोदी के निर्देश पर प्राथमिकी दर्ज की और यह सामान्य ज्ञान है कि आपने भारत छोड़ने तक नखरे करके कई जांचों को रोका था। लोकसभा चुनाव में लगभग दो लाख मतों से रौंदे जाने के बाद भी, जबकि 2014 के लहर के दौरान भाजपा के अधिकांश उम्मीदवार जीते थे, आपको कम से कम मोदी ने मंत्रिमंडल में शामिल किया है इस बात के लिए बाध्य होना चाहिए।

मुझे पता है कि एनडीटीवी पर सीबीआई जांच क्यों अटकी हुई है। आपका कल का ट्वीट यह स्पष्ट करता है। एनडीटीवी मामले में, आईसीआईसीआई बैंक के संस्थापक के वी कामथ ने अवैध रूप से प्रणाॅय रॉय को ऋण प्रदान किया। अब मुझे लगता है, एनडीटीवी से संबंधित काले धन को वैध बनाने और बैंक धोखाधड़ी मामले में सीबीआई और ईडी के जांच को रोकने में आपकी भूमिका है।

श्री जेटली, मुझे आपको मंत्री के रूप में आपकी जिम्मेदारियों पर व्याख्यान देने की आवश्यकता नहीं है, हालांकि आप अपने स्वास्थ्य के कारण बिना संविभाग के मंत्री हैं। क्या आपने भाषण नहीं दिया था कि लोगों को “अनुशासित” होना चाहिए? क्या ये ही आपका “अनुशासन” है?

आपकी उम्र में आपको सलाह देना मुझे सही नहीं लगता। “तुम सुधरोगे नहीं” – यह आम हिंदी कहावत आपको जँचती है। मेरी सरल, अनचाही सलाह – ध्यान लगाएं और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। सीबीआई को अपना काम करने दीजिए।

 

References:

[1] चंदा कोचर को कैसे कर्ज देने की जालसाजी में पकड़ा गया, जबकि सभी उसके खिलाफ कार्यवाही करने से गुरेज करते हैंJan 28, 2019, PGurus.com

[2] श्री जेटली, आपके साथ क्या समस्या है? मानसिक संतुलन खो बैठे हैं? भ्रष्ट बैंकरों के खिलाफ अभिनय के लिए सीबीआई और पुलिस की आलोचना करने की हिम्मत कैसे हुई? Jul 6, 2018, PGurus.com

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