अडानी ने मीडिया व्यवसाय में कदम रखा, राघव बहल की ब्लूमबर्ग क्विंट में कुछ हिस्सेदारी खरीदी। अगला कौन है – ज़ी या एनडीटीवी?

क्या यह राघव बहल के लिए बहल-बहल-बच-गए का मामला है, जैसा कि अडानी ने निवेश करने के लिए कदम बढ़ाया है?

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अडानी मीडिया ने क्विंट में खरीदी कुछ हिस्सेदारी
अडानी मीडिया ने क्विंट में खरीदी कुछ हिस्सेदारी

अडानी नवीनतम भारतीय अरबपति हैं जिनके पास “सही” कथा सेट करने के लिए मीडिया है

अरबपति गौतम अडानी के नव निर्मित मीडिया उद्यम अडानी मीडिया ने घोषणा की कि वह राघव बहल द्वारा नियंत्रित डिजिटल बिजनेस न्यूज प्लेटफॉर्म ब्लूमबर्ग-क्विंट ऑफ क्विंटिलियन बिजनेस मीडिया प्राइवेट लिमिटेड में अज्ञात “कुछ” हिस्सेदारी खरीद रहा है। कंपनियों ने एक बयान में कहा, अडानी समूह ने क्विंट डिजिटल की अप्रत्यक्ष सहायक कंपनी क्विंटिलियन बिजनेस मीडिया प्राइवेट लिमिटेड (क्यूबीएम) में अल्पांश हिस्सेदारी हासिल करने के लिए बीएसई-सूचीबद्ध क्विंट डिजिटल मीडिया लिमिटेड के साथ एक बाध्यकारी टर्म शीट में प्रवेश किया है।

क्यूबीएम एक व्यावसायिक और वित्तीय समाचार कंपनी है और एक प्रमुख व्यावसायिक समाचार डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म ब्लूमबर्ग-क्विंट संचालित करती है। अडानी के प्रवेश करते ही यूएस-आधारित ब्लूमबर्ग मीडिया ने उद्यम छोड़ दिया। यह कहा गया – “अडानी ग्रुप के साथ प्रस्तावित लेनदेन केवल क्यूबीएम के लिए है जो एक डिजिटल बिजनेस न्यूज प्लेटफॉर्म है और क्विंट डिजिटल के स्वामित्व वाली अन्य डिजिटल मीडिया/मीडिया तकनीकी संपत्तियों जैसे द क्विंट, क्विंटटाइप टेक्नोलॉजीज, द न्यूज मिनट और यूथ की आवाज के साथ इसका कोई संबंध नहीं है।”

इस लेख को अंग्रेजी में यहाँ पढ़ें!

भारत के दूसरे सबसे धनी व्यक्ति गौतम अडानी, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेहद करीबी माना जाता है, पिछले कुछ समय से मीडिया के क्षेत्र में प्रवेश करने पर विचार कर रहे हैं। पिछले साल सितंबर में, इन्होंने अपनी मीडिया कंपनी, अडानी मीडिया वेंचर्स का नेतृत्व करने के लिए अनुभवी पत्रकार संजय पुगलिया को काम पर रखा था। हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि अडानी मीडिया या ब्लूमबर्ग या राघव बहल का क्विंट ग्रुप दोनों ही सौदे की कीमत पर चुप्पी साधे हुए हैं।

राघव बहल अब कर (टैक्स) चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में फंस गए हैं और गौतम अडानी के साथ व्यापारिक सौदा कर चुके हैं। राघव बहल पर कर चोरी, मनी लॉन्ड्रिंग और स्टॉक एक्सचेंज में हेराफेरी के मामलों का सामना करने पर पीगुरूज ने लेखों की एक श्रृंखला प्रकाशित की है। [1]

इस बीच मीडिया उद्योग में कई लोगों को लगता है कि गौतम अडानी का मीडिया उद्यम सुभाष चंद्रा के ज़ी ग्रुप के साथ बातचीत कर रहा है। कुछ महीने पहले मुकेश अंबानी के रिलायंस समूह ने जी ग्रुप के साथ 10,000 करोड़ रुपये का सौदा रद्द कर दिया था। [2]

भारतीय मीडिया के खिलाड़ी प्रणॉय रॉय के नेतृत्व वाले एनडीटीवी के साथ अडानी समूह के साथ संभावित सौदे पर नजर रख रहे हैं। प्रणॉय रॉय केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की दो गंभीर जांचों का सामना कर रहे हैं। पहली प्राथमिकी 2017 में, आईसीआईसीआई बैंक के 400 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण के गबन और दक्षिण अफ्रीका में एक महलनुमा घर बनाने के लिए 40 करोड़ रुपये से अधिक के धन को भेजने के मामले में रॉय के घर पर छापा मारने के बाद, दर्ज की गई थी। दूसरी प्राथमिकी 2019 में 20 से अधिक देशों में 32 शेल (फर्जी) कंपनियों को चलाकर और बरमूडा जैसे कर आश्रय (टैक्स हेवन) सहित धन को रूट करने के लिए लगभग 1000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के लिए दर्ज की गई थी। गौरतलब है कि अभी तक सीबीआई ने प्रणॉय रॉय के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल नहीं किया है। इतनी देरी क्यों?

यह एक सर्वविदित रहस्य है कि एनडीटीवी के काफी शेयर 2009 से मुकेश अंबानी के रिलायंस समूह के करीबी व्यक्ति महेंद्र नाहटा की कंपनियों के पास हैं। 2019 में, प्रणॉय रॉय और उनकी पत्नी राधिका रॉय को मुंबई हवाई अड्डे से उनके साउथ अफ्रीका वाले महलनुमा घर जाते हुए प्लेन से उतारा गया था। लेकिन 2017 और 2019 में दर्ज दो प्राथमिकी में सीबीआई द्वारा आरोप-पत्र क्यों नहीं दाखिल किया गया? घोटालेबाज प्रणॉय रॉय के लिए कोई डील या भागने का रास्ता तैयार है। प्रणॉय रॉय और उनकी पत्नी राधिका रॉय पर स्टॉक एक्सचेंज में हेरफेर के लिए भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा जुर्माना लगाया गया है। [3]

यहां करोड़ों का सवाल है – प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के जाने-माने अच्छे दोस्त उद्योगपति गौतम अडानी एक घोटालेबाज / जांच के तहत / आरोपों का सामना कर रहे / मामलों का सामना करने वाले मीडिया दबंग से सौदा और पैच अप करने की कोशिश कर रहे हैं? हम पहले ही अडानी और एक घोटालेबाज, कर-चोरी, धन शोधन मामले का सामने करने वाले राघव बहल के बीच सौदे के गवाह बन चुके हैं।

पत्रकारिता की आड़ में मनी लॉन्ड्रिंग, स्टॉक एक्सचेंज में हेराफेरी और कर चोरी पर पीगुरूज के प्रबंध संपादक श्री अय्यर ने एक विस्तृत पुस्तक – एनडीटीवी फ्रॉड – लिखी है। पुस्तक यहाँ उपलब्ध है: [4]

संदर्भ:

[1] दिल्ली उच्च न्यायालय ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले के खिलाफ मीडिया दबंग राघव बहल की याचिका पर ईडी का रुख पूछाDec 03, 2021, PGurus.com

[2] मुकेश अंबानी की रिलायंस ने कहा कि सुभाष चंद्रा के नेतृत्व वाले ज़ी ग्रुप के साथ 10,000 करोड़ रुपये के विलय या अधिग्रहण की योजना को खत्म कर दियाOct 13, 2021, PGurus.com

[3] सेबी ने प्रणॉय रॉय, उनकी पत्नी और उनकी शेल कंपनी पर स्टॉक एक्सचेंज में जबरदस्त हेराफेरी करने के लिए कुल 43.97 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने के बाद एनडीटीवी पर 5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया।Dec 30, 2020, PGurus.com

[4] NDTV Frauds: A classic example of breaking of Law by Indian Media Houses – Amazon.in

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