सुब्रमण्यम स्वामी ने कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय और सेबी से टाइम्स ऑफ इंडिया के जैन भाइयों के खिलाफ जांच को तेज करने का आग्रह किया

स्वामी ने सेबी, एमसीए से टाइम्स ऑफ इंडिया समूह के खिलाफ उनके कर उल्लंघनों पर जल्द कार्रवाई करने का आग्रह किया

0
809
स्वामी ने सेबी, एमसीए से टाइम्स ऑफ इंडिया समूह के खिलाफ उनके कर उल्लंघनों पर जल्द कार्रवाई करने का आग्रह किया
स्वामी ने सेबी, एमसीए से टाइम्स ऑफ इंडिया समूह के खिलाफ उनके कर उल्लंघनों पर जल्द कार्रवाई करने का आग्रह किया

भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय से आग्रह किया कि वह टाइम्स ऑफ इंडिया समूहों के खिलाफ फर्जी खोल कंपनियों (शेल फर्म) के माध्यम से कर चोरी, स्टॉक एक्सचेंज में हेरफेर कर उल्लंघन करने और छोटे शेयरधारकों से संदिग्ध शेयर खरीदी के मामलों में जांच में तेजी लाए। अपनी विस्तृत शिकायत में, स्वामी ने बताया कि कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज (सीएसई) द्वारा भारत निधि लिमिटेड के पुनर्खरीद में टाइम्स ऑफ इंडिया के मालिकों इंदु जैन और उनके बेटों समीर जैन और विनीत जैन द्वारा की गयी भारी धोखाधड़ी के बारे में पता लगने और बताने के बाद भी मंत्रालय कार्यवाही नहीं कर रहा है। आपको बता दें कि भारत निधि लिमिटेड एक शेल फर्म है जो टाइम्स ऑफ इंडिया समूह के प्रमुख शेयरों को नियंत्रित करती है।

भारत निधि लिमिटेड सूचीबद्ध कंपनी है और सिर्फ एक शेल फर्म है, जिसके पास बेनेट और कोलमैन कंपनी लिमिटेड (बीसीसीएल) में 24% से अधिक शेयर हैं, जो टाइम्स ऑफ इंडिया समूह की प्रमुख कंपनी है। इससे पहले दिसंबर 2019 में, सुब्रमण्यम स्वामी ने जैन परिवार के सदस्यों द्वारा शेल फर्मों के माध्यम से कर चोरी और धन शोधन के विभिन्न गुप्त तरीकों को सूचीबद्ध किया था और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से आयकर, प्रवर्तन निदेशालय, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो, राजस्व खुफिया विभाग (डीआरआई), भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) और गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) को देश के सबसे बड़े मीडिया समूह में धोखाधड़ी की जांच करने के लिए निर्देशित करने का आग्रह किया था। स्वामी ने बताया कि टाइम्स ऑफ इंडिया समूह की मालकियत वाली कंपनी बेनेट और कोलमैन कंपनी लिमिटेड (बीसीसीएल) को आठ शेल फर्मों के माध्यम से नियंत्रित किया जाता है, जो सभी एक ही पते पर स्थित हैं।

सेबी के आदेश पर, कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज की जांच में भारत निधि लिमिटेड में उल्लंघनों की एक श्रृंखला मिली।

इन सभी आठ शेल फर्मों में भारत निधि लिमिटेड, केमैक कमर्शियल कंपनी लिमिटेड, पीएनबी फाइनेंस एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड, साहू जैन लिमिटेड, अशोका मार्केटिंग लिमिटेड, अशोका विनियोग लिमिटेड, अर्थ उद्योग लिमिटेड, कंबाइन होल्डिंग लिमिटेड स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध हैं। स्वामी और कई छोटे शेयरधारकों (अब दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका लंबित है) ने जैन परिवार पर आरोप लगाया कि वे कम मूल्य दर्शाकर शेयरों को वापस खरीदने की कोशिश कर रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप 1000 करोड़ रुपये से अधिक की कर चोरी और छोटे शेयरधारकों को नुकसान हुआ है। स्वामी की विस्तृत शिकायत यहाँ प्रकाशित की गई है[1]

इस खबर को अंग्रेजी में यहाँ पढ़े।

सेबी के आदेश पर, कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज की जांच में भारत निधि लिमिटेड में उल्लंघनों की एक श्रृंखला मिली। स्टॉक एक्सचेंज ने मार्च 2020 में मंत्रालय और सेबी को रिपोर्ट दी। सीएसई जांच रिपोर्ट पर देरी और निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए, कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय को लिखे अपने विस्तृत पत्र में डॉ स्वामी ने कहा – “इसकी जांच/परीक्षण रिपोर्ट में, सीएसई ने प्रस्तुत किया कि टाइम्स समूह से संबंधित कंपनियों द्वारा एमपीएस उल्लंघन के लिए एक प्रथम दृष्टया मामला स्थापित किया गया है, जिसकी आगे की जांच की आवश्यकता है। हालांकि, मेरे पहले पत्र में टाइम्स समूह द्वारा किए गए ज़बरदस्त उल्लंघनों के उजागर होने के बावजूद, यह अफसोसजनक रूप से सूचित किया जाता है कि मुझे आज तक न तो आपके कार्यालयों से कोई प्रतिक्रिया मिली है और न ही उपरोक्त कंपनियों और व्यक्तियों के मामलों में किसी भी जाँच की शुरुआत के बारे में अवगत कराया गया है।”

स्वामी ने स्टॉक एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) को टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के प्रमुख शेयरधारक जैन भाइयों के संदिग्ध तरीकों की जांच में तेजी लाने के लिए कहा – “आगे, मैं समझता हूं कि इस समय आपके अच्छे कार्यालय पर व्यापक काम का बोझ ज्यादा है। हालांकि, इस मामले की तात्कालिकता और टाइम्स समूह में छोटे शेयरधारकों के हितों को देखते हुए, मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि मुझे जांच शुरू करने से संबंधित या वर्तमान मामलों में आपके कार्यालयों द्वारा प्रस्तावित अगले कदमों के बारे में अपडेट प्रदान करें। मैं इस मामले में एक विस्तृत जांच करने के लिए आपको या आपकी टीम द्वारा आवश्यक किसी भी अन्य जानकारी/दस्तावेज/सहायता प्रदान करने के लिए तैयार हूं। मैं वर्तमान शिकायत के संबंध में आगे के दस्तावेज छोड़ने या प्रस्तुत करने के लिए उत्सुक हूं।”

संदर्भ:

[1] सुब्रमण्यम स्वामी ने टाइम्स ऑफ इंडिया समूह में भारी कर उल्लंघन और धन शोधन के मामले में आयकर, ईडी, सीबीआई, सेबी और एसएफआईओ द्वारा जांच का आग्रह कियाDec 26, 2019, hindi.pgurus.com

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.