भारत बिटकॉइन जैसी क्रिप्टो करेंसी को मंजूरी देगा। संसद में मंजूरी के लिए विधेयक पेश

भारत अपनी क्रिप्टो करेन्सी शुरू करके चीन के डिजिटल आरएमबी पर प्रतिक्रिया देगा!

1
602
भारत अपनी क्रिप्टो करेन्सी शुरू करके चीन के डिजिटल आरएमबी पर प्रतिक्रिया देगा!
भारत अपनी क्रिप्टो करेन्सी शुरू करके चीन के डिजिटल आरएमबी पर प्रतिक्रिया देगा!

भारत अपनी खुद की डिजिटल मुद्रा लाने वाला है

भारत क्रिप्टो करेन्सी को वैध बनाने जा रहा है और उम्मीद है कि भारत सरकार अपनी डिजिटल मुद्रा के साथ आने वाली है। संसद के बुलेटिनों के सामने प्रस्तुत किये गए कागजातों के अनुसार वर्तमान बजट सत्र में लोकसभा में केंद्रीय वित्त मंत्री क्रिप्टो करेंसी एंड रेगुलेशन ऑफ ऑफिशियल डिजिटल करेंसी बिल, 2021 का विधेयक पेश करने वाली हैं। बुलेटिन के समक्ष प्रस्तुत कागजातों में विधेयक का उद्देश्य बताया गया – “भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) द्वारा जारी की जाने वाली आधिकारिक डिजिटल मुद्रा के निर्माण के लिए एक सुविधाजनक ढांचा तैयार किया जायेगा। विधेयक के द्वारा भारत में सभी निजी क्रिप्टो करेंसी को प्रतिबंधित करने का प्रयास भी किया जायेगा; हालांकि, यह क्रिप्टो करेंसी की अंतर्निहित तकनीक और इसके उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कुछ अपवादों की अनुमति देता है।” अधिकारियों के अनुसार, विधेयक को बहस और मतदान के लिए आने वाले सप्ताह में प्रस्तुत किया जाएगा। यह विधेयक पारित करने से पहले विस्तृत बहस के लिए स्थायी समिति को दिया जा सकता है।

पिछले छह-सात वर्षों से, भारत सहित कई देश डिजिटल मुद्राओं की शुरूआत की तलाश में थे, जब से बिटकॉइन जैसी क्रिप्टो मुद्राओं की दुनिया में बाढ़ सी आ गयी और उनके व्यापार कई क्षेत्रों में प्रचलित हो गए। भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) रुपये के डिजिटल संस्करण को जारी करने के विकल्प को खोज रहा है, जो केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा के रूप में कार्य कर सकता है।

क्रिप्टो करेंसी और ऑफिशियल डिजिटल करेंसी बिल 2021 के विनियमन को शुरू करने का वित्त मंत्रालय का निर्णय, आरबीआई द्वारा कहने कि इसने डिजिटल मुद्रा या डिजिटल रुपया जारी करने और विकसित करने की संभावना तलाशना शुरू कर दिया है, के एक सप्ताह बाद आया है।

प्रस्तावित विधेयक को लोकसभा और राज्यसभा के सामने रखे जाने वाले नये विधेयकों पर संसद बुलेटिन के अनुसार, यह विधेयक केंद्रीय बैंक समर्थित डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) विकसित करने के लिए आरबीआई को आवश्यक कानूनी शक्तियाँ प्रदान करेगा।

इस खबर को अंग्रेजी में यहाँ पढ़े।

सरकार विभिन्न उपयोग के मामलों में ब्लॉकचेन (वित्तीय लेनदेन का रिकॉर्ड) के उपयोग को बढ़ावा देना चाहती है, इस बिल में भारत की डिजिटल मुद्राओं या सीबीडीसी की वैश्विक दौड़ में प्रवेश की उम्मीद है, जबकि उसी समय बिटकॉइन और एथेरियम जैसी “निजी” क्रिप्टो मुद्राओं पर प्रतिबंध लगाया जायेगा। हाल ही में चीन ने भी डिजिटल या क्रिप्टो करेंसी पर सरकारी संचालन को नियमित करके इस क्षेत्र में निजी संचालकों (ऑपरेटरों) पर प्रतिबंध लगा दिया था।

क्रिप्टो करेंसी और ऑफिशियल डिजिटल करेंसी बिल 2021 के विनियमन को शुरू करने का वित्त मंत्रालय का निर्णय, आरबीआई द्वारा कहने कि इसने डिजिटल मुद्रा या डिजिटल रुपया जारी करने और विकसित करने की संभावना तलाशना शुरू कर दिया है, के एक सप्ताह बाद आया है। यह आरबीआई की स्थिति का उलट है। दिसंबर 2019 में, आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा था कि सीबीडीसी पर बोलना बहुत जल्दबाजी होगी। दास ने कहा था, “कुछ चर्चाएं चल रही हैं। प्रौद्योगिकी अभी तक पूरी तरह से विकसित नहीं हुई है। यह अभी भी प्रारंभिक चर्चा के चरण में है और आरबीआई ने इसकी आंतरिक रूप से जांच की है।” भारतीय क्रिप्टो संस्थापकों को इस खबर ने विचलित कर दिया है, लेकिन फिर भी उम्मीद है कि सरकार उद्योग के साथ मिलकर काम करेगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनके संचालन में वैधता हो।

1 COMMENT

  1. […] बिटकॉइन जैसी निजी क्रिप्टोकरेंसी, जो अनियमित हैं, एक जटिल प्रक्रिया के माध्यम से माइन (निर्माण) की जाती हैं और अत्यधिक अस्थिर कीमतों वाली हैं, एक संपत्ति के रूप में प्रसार के बावजूद भारत में नियामक की नजर में हैं। इसे एक विदेशी संपत्ति के रूप में मानने के लिए निर्णय लिए गए हैं, और सरकार को यह तय करना है कि उन्हें पूरी तरह से अनुमति दी जाए या नहीं। अल सल्वाडोर इस सप्ताह की शुरुआत में बिटकॉइन को मान्यता देने वाला पहला देश बना है और कथित तौर पर एक ही दिन में मुद्रा के मूल्य में 20 प्रतिशत की गिरावट के बाद नागरिक अशांति का अनुभव कर रहे हैं, जो कि मध्य अमेरिकी देश में इस उपकरण को मान्यता दिए जाने के बाद पहला दिन था[1]। […]

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.