सत्ता के दुरुपयोग के लिए बेनकाब – नैतिकता-उपदेशक चुनाव आयुक्त अशोक लवासा की पत्नी और बेटे ने निजी कंपनियों के निदेशकों से इस्तीफा देना शुरू कर दिया है

पूर्व ईसी अशोक लवासा के लिए विवादास्पद निर्देशन पर कार्यवाही का सामना करने का समय है!

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पूर्व ईसी अशोक लवासा के लिए विवादास्पद निर्देशन पर कार्यवाही का सामना करने का समय है!
पूर्व ईसी अशोक लवासा के लिए विवादास्पद निर्देशन पर कार्यवाही का सामना करने का समय है!

एक शासकीय सचिव के रूप में सत्ता के दुरुपयोग के उजागर होने के बाद, विवादास्पद चुनाव आयुक्त अशोक लवासा की पत्नी, और बेटे ने कई निजी कंपनियों के निदेशकों से इस्तीफा दे दिया है। नैतिकता का प्रचार करने वाले अशोक लवासा को सबसे पहले पीगुरूज के लेख ने उनकी पत्नी नोवेल सिंघल लवासा की 12 निजी कंपनियों में निदेशक पद के विवरण के बारे में छापकर उजागर किया था। सेवानिवृत्त बैंक प्रबंधक नोवेल लवासा को 2015 से बड़े व्यापारिक कम्पनियों (कॉर्पोरेट्स) के निदेशक के रूप में प्रवेश करते देखा गया, जब उनके पति बिजली, पर्यावरण और वित्त मंत्रालयों में शासकीय सचिव थे। मई 2019 में, पीगुरूज ने अशोक लवासा के परिवार के सदस्यों द्वारा इस अनैतिक गतिविधि और शक्ति के दुरुपयोग पर एक विस्तृत लेख लिखा था[1]

बाद में उनकी पत्नी को आयकर और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा 12 निजी कंपनियों में उसकी निदेशक पदों को रखने के खुलासे के बाद नोटिस दिया गया। अशोक लवासा के वित्त सचिव होने पर उनके बेटे अबीर को भी वेंचुरा कैपिटल कम्पनियों और अन्य कंपनियों में निदेशक पद रखने के लिए पकड़ा गया था। ईडी ने लवासा के बेटे के कम्पनी में निदेशक बनने के बाद नौरिश ऑर्गेनिक फूड्स प्राइवेट लिमिटेड में लगभग 8 करोड़ रुपये के भारी निवेश करने के लिए नोटिस जारी किया है।

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यहां उन कंपनियों की एक सूची दी गई है, जिन्होंने 2015 से नोवेल सिंघल लवासा को निदेशक नियुक्त किया: वेलस्पन सोलर टेक प्राइवेट लिमिटेड, वेलस्पन सोलर पंजाब प्राइवेट लिमिटेड, बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड, वेलस्पन ऊर्जा गुजरात प्राइवेट लिमिटेड, ओमैक्स ऑटो लिमिटेड, पावरलिंक ट्रांसमिशन लिमिटेड, वेलस्पन एनर्जी राजस्थान प्राइवेट लिमिटेड, दुगार हाइड्रो पावर लिमिटेड, ड्रिसजेट मैसूर 24 प्राइवेट लिमिटेड, वाल्वहन विंड आरजे लिमिटेड, एमआई मैसूर 24 प्राइवेट लिमिटेड, और वाल्वान ऊर्जा अंजार लिमिटेड। जांच एजेंसियों का कहना है कि पर्यावरण और ऊर्जा सचिव के रूप में, अशोक लवासा ने इनमें से कई कम्पनियों की मदद की और वे कम्पनियां तत्कालीन शासकीय सचिव की पत्नी को निदेशक बनाने के लिए बाध्य हुई।

अब रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद, अशोक लवासा की पत्नी और बेटे ने इन कंपनियों से इस्तीफा देना शुरू कर दिया। यह बिल्कुल सही समय है जबकि जांच एजेंसियों को अशोक लवासा के उच्च मंत्रालयों में कार्यकाल के दौरान हुए मामलों की जांच की जानी चाहिए।

संदर्भ:

[1] नैतिक उपदेशक चुनाव आयुक्त अशोक लवासा जब सरकार में सचिव बने तब उनकी पत्नी, 12 कंपनियों की निदेशक बनीं।May 21, 2018, hindi.pgurus.com

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