दिल्ली उच्च न्यायालय ने सीबीआई को आदेश दिया कि वह एयर एशिया – टाटा समूह की अवैधताओं की जांच स्थिति रिपोर्ट तैयार करे

क्या सीबीआई एयर एशिया - टाटा समूह के अवैध कारोबार की स्थिति रिपोर्ट, जिसकी तारीख 27 सितंबर है, पर जांच करके एयर एशिया को रोकेगी?

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एयर एशिया और टाटा समूह के लिए बड़ा झटका

एयर एशिया और उसके साझेदार टाटा समूह के लिए एक बड़े झटके में, दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से एयर एशिया और टाटा समूह के निदेशकों के खिलाफ जांच की स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा। मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने एजेंसी को इसे एक सीलबंद लिफाफे में दर्ज करने का आदेश दिया और कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) शासन के दौरान एयर एशिया में हुई अवैधताओं की मंजूरी के मामले में डॉ सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा दायर याचिका पर मामले को 26 सितंबर को निर्णायक रूप देने के लिए सूचीबद्ध किया है।

सीबीआई को उच्च न्यायालय का आदेश एयर एशिया और टाटा समूह के लिए एक बुरा स्वप्न है क्योंकि सीबीआई ने पहले ही मई 2018 में मलेशियाई फर्म के मालिक टोनी फर्नांडीस और टाटा ट्रस्ट्स के प्रबंध निदेशक आर वेंकटरन के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कर ली है। एक अन्य आरोपी, विवादास्पद बिचौलिया दीपक तलवार, जिसने इस अवैध विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी की पैरवी पूर्व दागी वित्त मंत्री पी चिदंबरम और तत्कालीन नागरिक उड्डयन मंत्री अजीत सिंह के माध्यम से की थी। स्वामी ने 2013 में उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाते हुए आरोप लगाया था कि यह प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) अनुमोदन पूरी तरह से अवैध है और नागरिक उड्डयन क्षेत्र में मानदंडों (जो केवल घरेलू कम्पनियों को अनुमति देता है) के खिलाफ है।

भाजपा नेता ने कई बार आरोप लगाया है कि इस संदिग्ध सौदे में मुख्य सरगना रतन टाटा है जिन्होंने चोरी-छिपे नागरिक विमानन क्षेत्र में प्रवेश किया था। यह सौदा होने के बाद, रतन टाटा ने अपनी फर्म विस्तारा के माध्यम से नागरिक उड्डयन क्षेत्र में फिर से प्रवेश किया।

रतन टाटा की एयर एशिया सौदे में संदिग्ध गतिविधियाँ उनके और साइरस मिस्त्री के बीच विवाद की मुख्य जड़ थीं। 2016 में, बर्खास्त टाटा संस के प्रमुख साइरस मिस्त्री ने रतन टाटा पर एयर एशिया में अवैध रूप से धन उगाही करने का आरोप लगाया था और यह फंड अंततः एक अमेरिकी-निर्दिष्ट आतंक के आरोपी व्यक्ति, दुबई निवासी हामिद रजा मलकोटिपोर के पास पहुंचा था। मिस्त्री द्वारा आदेशित टाटा समूह फर्मों के न्यायिक लेखापरीक्षण में यह पाया गया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पहले से ही इस सौदे में इस धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग)  कोण (एंगल) की जांच कर रहा है।

स्वामी ने एक अंतरिम अर्जी के साथ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जिसमें एयर एशिया को दिए गए अंतरराष्ट्रीय उड़ान लाइसेंस को रद्द करने की मांग की गई थी। यह देखते हुए कि 26 सितंबर को सीबीआई की स्थिति रिपोर्ट के साथ अंतिम तर्क हेतु सूचीबद्ध किए गए हैं, उच्च न्यायालय ने याचिका पर गौर नहीं किया।

मलेशिया के प्रमुख व्यवसायी टोनी फर्नांडिस का आदमी, थरमलिंगम कनागलिंगम, को बो लिंगम के रूप में भी जाना जाता है, जो मलेशिया स्थित एयर एशिया बरहाद और एयर एशिया इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का पूर्व डिप्टी ग्रुप सीईओ है, और एयर एशिया बरहाद को भी सीबीआई की प्राथमिकी में एक आरोपी के रूप में नामित किया गया है।

सुब्रमण्यम स्वामी ने सीबीआई से आग्रह किया है कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा नियमों, विदेशी निवेश नियमों और नागरिक उड्डयन मानदण्डों के पहलुओं का उल्लंघन करके भारत में परिचालन करने के लिए एक लाइसेंस के अवैध आवंटन में एयर एशिया और टाटा समूह के शीर्ष अधिकारियों द्वारा की गई धोखाधड़ी पर जांच को विस्तृत करे। इससे पहले सीबीआई निदेशक को 300 से अधिक पृष्ठों की एक विस्तृत शिकायत में, स्वामी ने एयर एशिया के अधिकारियों और टाटा समूह के अधिकारियों द्वारा वित्त और नागरिक उड्डयन अधिकारियों के साथ सांठगांठ को उजागर करने वाले कई आंतरिक ईमेल को प्रस्तुत किया था, जो पहले से ही सीबीआई जांच के अधीन हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता द्वारा सीबीआई को सौंपी गई विस्तृत शिकायत और दस्तावेज यहाँ प्रकाशित हैं।

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