एयर एशिया घोटाला : मुख्य कार्यकारी अधिकारी टोनी फर्नांडीस और टाटा ट्रस्ट के प्रमुख वेंकट के खिलाफ मुकदमा दर्ज। चिदम्बरम और अजीत सिंह को जल्द ही समन भेजा जाएगा!

सीबीआई से उम्मीद है कि चिदंबरम को तत्काल एफआईपीबी उल्लंघन और पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री अजीत सिंह के लिए समन भेजा जाएगा।

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एयर एशिया घोटाला
एयर एशिया घोटाला

सीबीआई ने एफआईपीबी उल्लंघन पर एयर एशिया सीईओ और टाटा संस के प्रबंध निदेशक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एयर एशिया समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, टोनी फर्नांडीस और एयर एशिया निदेशक और टाटा ट्रस्ट के प्रबंध निदेशक आर वेंकटरमन को कथित तौर पर अपने भारतीय उद्यम एयर एशिया इंडिया लिमिटेड के लिए अंतरराष्ट्रीय लाइसेंस प्राप्त करने के लिए भ्रष्ट तरीकों के माध्यम से सरकारी नीतियों में हेरफेर करने की कोशिश करने के लिए आरोपित किया है। विवादास्पद बिचौलिए दीपक तलवार को भी 2013 में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम और तत्कालीन नागरिक उड्डयन मंत्री अजीत सिंह द्वारा मलेशियाई मूल फर्म एयर एशिया को दी गई संदिग्ध अनुमोदन में आरोपी माना गया है।

इस बीच, 2016 में, निकाले गए टाटा संस के मुख्य साइरस मिस्त्री ने रतन टाटा पर अवैध रूप से एयर एशिया को धनराशि निकालने का आरोप लगाया था और फंड अंततः एक अमेरिकी नामित आतंकवादी आरोपी व्यक्ति, दुबई स्थित निवासी हामिद रेजा मालकोटिपुर को पंहुचा था।

मलेशियाई टाइकून फर्नांडीस के आदमी, थारुमलिंगम कनगलिंगम, मलेशिया स्थित एयर एशिया बेरहाद एयर एशिया इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और एयर एशिया बेरहाद की कंपनियों के पूर्व उप समूह सीईओ जिन्हें बो लिंगम के रूप में भी जाना जाता है, को भी इस मामले में आरोपी के रूप में नामित किया गया है।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय एवँ वित्त मंत्रालय की 2012 के अंत के विदेशी निवेश संवर्धन समिति के स्वीकृति में विवाद तब सामने आए जब भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने 2013 में दिल्ली उच्च न्यायालय में एयर एशिया को दी गयी स्वीकृति को रद्द करने की मांग की। सरकार ने कई बार इसे टाल दिया और स्वामी के आरोपों पर जवाब देने के लिए अधिक समय की मांग की। अगली सुनवाई जुलाई में निर्धारित है। स्वामी ने हालिया शिकायत में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) निदेशकों को बताया कि चिदंबरम इस समझौते में मुख्य खलनायक हैं जैसे कि 2 जी घोटाले, एयरसेल-मैक्सिस [1] इत्यादि जैसे अन्य सभी संदिग्ध सौदों में। उन्होंने यह भी कहा कि इन घोटालों के पीछे मास्टर माइंड और कोई नहीं बल्कि टाटा समूह प्रमुख रतन टाटा हैं।

इस बीच, 2016 में, निकाले गए टाटा संस के मुख्य साइरस मिस्त्री ने रतन टाटा पर अवैध रूप से एयर एशिया को धनराशि निकालने का आरोप लगाया था और फंड अंततः एक अमेरिकी नामित आतंकवादी आरोपी व्यक्ति, दुबई स्थित निवासी हामिद रेजा मालकोटिपुर को पंहुचा था। इस बीच, 2016 में, टाटा एंड सन्स के खारिज मुख्य साइरस मिस्त्री ने आरोप लगाए कि रतन टाटा ने अवैध रूप से एयर एशिया की धनराशि निकाली और रुपया अंततः दुबई निवासी अमेरिकी नामित आरोपी आतंकवादी हामिद रेजा मालकोटिपौर तक पहुँचा। यह मिस्त्री द्वारा आदेशित टाटा समूह फर्मों के फोरेंसिक लेखे-जोखे में पाया गया था। प्रवर्तन निदेशालय पहले ही इस काले धन को वैध बनाने के कोण की जांच कर रहा है [2]

“मामला आईपीसी की धारा 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत पंजीकृत किया गया है और धारा 13 (2) भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम की 13 (1) (डी) के साथ पढ़ा गया है। दिल्ली एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरू में पांच स्थानों पर यह छानबीन हुई, “सीबीआई प्रवक्ता आर के गौर ने आज यहां कहा।

एजेंसी ने आरोप लगाया है कि वेंकटरमन अनिवार्य अनुमोदन सुरक्षित करने के लिए सरकार की घेराबंदी कर रहे थे, उनमें से कुछ “गैर-पारदर्शी साधन” के माध्यम से तत्कालीन विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) निकासी, गैर-आपत्ति प्रमाण पत्र और 5/ 20 नियम को बदलने या हटाने का प्रयास कर रहे थे। यह आरोप है कि अंतर्राष्ट्रीय परिचालन के लिए पात्र होने के लिए, कंपनी को 5/20 नियम के अनुसार पांच वर्ष का अनुभव और 20 विमानों का बेड़ा होना आवश्यक था। कंपनी ने अभी तक एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान परमिट प्राप्त नहीं किया है क्योंकि वर्तमान में इसमें केवल 18 विमान हैं। फर्नांडीस चाहते थे कि यह मई 2014 में दी गई उड़ान परमिट मिलने के दिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उड़ जाए।

उन्होंने और उनके स्थानीय टाटा संस के भारतीय साझेदार ने अपने द्वारा नामांकित किये गए व्यक्ति वेंकटरमण से सरकार को राज़ी करना,एफआईपीबी कि मंजूरी सहित सभी मंजूरी मिलने और अंतर्राष्ट्रीय परिचालन के लिए मौजूदा 5/20 नियमों को हटाने या बदलाव करने के लिए उन्होंने और उनके स्थानीय भारतीय साझेदार टाटा संस ने सरकार की घेराबंदी की होगी,एफआईआर में आरोप लगाया गया है।

एजेंसी ने राजेन्द्र दुबे (सिंगापुर स्थित एचएनआर ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक), सुनील कपूर (चेयरमैन टोटल फूड सर्विसेज, मुंबई) और दीपक तलवार, प्रिंसिपल और संस्थापक डीटीए कंसल्टिंग, और कंपनी एचएनआर ट्रेडिंग को कथित बिचौलिए के रूप में भी नामित किया है, जिन्होंने पहुँच का इस्तेमाल किया 5/20 नियम को 2014 के आम चुनाव से पहले अपने हिसाब से उपयोग करने के लिए।

यह आरोप लगाया गया है कि नियुक्ति प्राप्त करने के लिए एएआईएल अधिकारियों तथा मंत्रालय में अधिकारियों के साथ नियुक्तियों की मांग और नियुक्ति की सुविधा में दुबे महत्वपूर्ण थे। सीबीआई एफआईआर में कहा गया कि दिसंबर 2014 के महीने में कपूर फोर सीज़न में कॉफी शॉप में, मुंबई होटल में बो लिंगम ने एक बन्द लिफाफा सौंप दिया जिसमें एक श्रीराम के लिए 50 लाख रुपये की नकदी थी, जिसे बो लिंगम ने दिया था ताकि 5/20 के नियम में सुविधा प्रदान की जा सके। बदले में एयरलाइंस के लिए खानपान अनुबंध कपूर को “मुआवजे” के रूप में दिया गया था, आरोप लगाया गया है।

एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि 27 फरवरी, 2014 को मंत्रिमंडल को एक गुप्त संशोधन पत्र भेजा गया था, जिसके बाद 05 मार्च, 2014 को पूरक पत्र के बाद मंत्रिमंडल की मंजूरी नहीं मिल पाई थी क्योंकि चुनाव आयोग ने 5 मार्च, 2014 को लोकसभा के आम चुनाव की घोषणा कर दी थी।

आरोप है कि अगले साल एयर एशिया (इंडिया) लिमिटेड (एएआईएल) ने सादे कागज पर फर्जी समझौते के आधार पर “झूठे अनुबंध” के लिए दुबे के एचएनआर ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड को लगभग 12.28 करोड़ रुपये प्रेषित किए थे। प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) में कहा गया कि तलवार और कपूर के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय परिचालनों के लिए परमिट हासिल करने के लिए अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और अन्य लोगों को रिश्वत देने के लिए इस पैसे का कथित रूप से उपयोग किया गया था।

एजेंसी ने कहा कि 2013-14 के बीच विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) नीति के अनुसार, विदेशी एयरलाइंस को घरेलू एयरलाइंस में केवल 49 प्रतिशत अंश रखने की इजाजत थी, लेकिन भारतीय साथियों के साथ प्रभावी प्रबंधन नियंत्रण होना चाहिए। यह आरोप है कि एयर एशिया इंडिया लिमिटेड – इनके बीच एक संयुक्त उद्यम है।

टाटा सन्स और मलेशियाई कंपनी एयर एशिया बेरहाद को अप्रत्यक्ष रूप से नियंत्रित किया गया था और मलेशिया समूह और विशेष रूप से एयर एशिया द्वारा संचालित किया गया था, बेरहाद को पूर्व विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड के मौजूदा विभिन्न मानदंडों का उल्लंघन करना पड़ा था, जो अब निष्क्रिय है।

फर्नांडीस और बो लिंगम ने 17 अप्रैल, 2013 को एयर एशिया (इंडिया) लिमिटेड (फर्नांडीस द्वारा प्रतिनिधित्व) और एयर एशिया, बेरहाद (बीओ लिंगम द्वारा प्रतिनिधित्व) के बीच “ब्रांड लाइसेंस समझौते” के माध्यम से संरचना को अप्रत्यक्ष रूप औपचारिक बनाया था। एयर एशिया (लिंडिया) लिमिटेड, संयुक्त उद्यम की बजाय एक वास्तविक तथ्य वाली सहायक कंपनी है।

“आगे पता लगा कि बोर्ड के सदस्यों समेत संयुक्त उद्यम में शेयरधारकों और भारतीय भागीदारों को न केवल इन इरादों के बारे में पता था, बल्कि मौजूदा एफआईपीबी मानदंडों का उल्लंघन भी सुनिश्चित किया गया था, इसलिए प्रथम दृष्टया एफडीआई मानदंडों का उल्लंघन एक विदेशी इकाई को प्रभावी प्रबंधन नियंत्रण देकर पाया गया,” एजेंसी की एफआईआर में कहा गया।

सीबीआई से उम्मीद है कि चिदंबरम को तत्काल एफआईपीबी उल्लंघन और पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री अजीत सिंह के लिए समन भेजा जाएगा।

संदर्भ:

[1] Swamy urges CBI and ED Chiefs to speed up the probe on the FIPB violations in Air Asia approved by ChidambaramMar 4, 2018, PGurus.com

[2] Money flown to terrorist from Tata/ Air Asia deal: Swamy urges CBI to probeDec 2, 2016, PGurus.com

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