आईसीआईसीआई बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में तीन साल बाद भी एनडीटीवी के प्रणय रॉय और उनकी पत्नी के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल क्यों नहीं कर रही है सीबीआई?

सीबीआई के आरोप पत्र दाखिल करने में भेदभाव - एनडीटीवी धोखाधड़ी मामले के एक मुखबिर पर मात्र 50 दिन में दर्ज और सालों बाद भी एनडीटीवी के खिलाफ कुछ भी नहीं किया गया

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सीबीआई के आरोप पत्र दाखिल करने में भेदभाव - एनडीटीवी धोखाधड़ी मामले के एक मुखबिर पर मात्र 50 दिन में दर्ज और सालों बाद भी एनडीटीवी के खिलाफ कुछ भी नहीं किया गया
सीबीआई के आरोप पत्र दाखिल करने में भेदभाव - एनडीटीवी धोखाधड़ी मामले के एक मुखबिर पर मात्र 50 दिन में दर्ज और सालों बाद भी एनडीटीवी के खिलाफ कुछ भी नहीं किया गया

सीबीआई की निष्क्रियता

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को आईसीआईसीआई बैंक के ऋण धोखाधड़ी के मामले में एनडीटीवी के प्रणय रॉय के घर पर छापा मारे तीन साल बीत चुके हैं। सीबीआई ने प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की और 5 जून, 2017 को एक छापा मारा। अब तीन साल बीत चुके हैं और आज तक सीबीआई ने इस मामले में आरोप-पत्र दाखिल नहीं किया है। रॉय, उनकी पत्नी राधिका रॉय के अलावा कुछ बेनाम आईसीआईसीआई बैंक अधिकारी आरोपित हैं। सीबीआई ने इस जानकारी का भी खुलासा किया कि रॉय और उनकी पत्नी ने दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में एक महलनुमा घर खरीदने के लिए 40 करोड़ रुपये से अधिक की रकम की हेराफेरी की। इससे एक महत्वपूर्ण सवाल उठता है कि सीबीआई ने उनसे (प्रणय) पूछताछ के बावजूद आरोप-पत्र दाखिल क्यों नहीं किया। मामले का विवरण और प्राथमिकी यहां उपलब्ध है।

इस प्राथमिकी के बाद, सीबीआई ने 19 अगस्त, 2019 को प्रणय रॉय, उनकी पत्नी राधिका, और एनडीटीवी के पूर्व सीईओ और पत्रकार विक्रम चंद्रा के खिलाफ धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) और दुनिया भर में 30 से अधिक फर्जी खोल (शेल) कंपनियों को चलाने के लिए दूसरी प्राथमिकी भी दर्ज की। 10 महीने बीत चुके हैं और इस मामले में भी, सीबीआई ने अभी तक आरोप-पत्र दाखिल नहीं किया है। पत्रकारिता की आड़ में प्रणय रॉय द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग में शेल कंपनियों और कार्यप्रणाली का विस्तृत विवरण यहां दिया गया है।

सभी जानते हैं कि यह 400 करोड़ रुपये की बैंक ऋण धोखाधड़ी आईसीआईसीआई बैंक के पूर्व प्रमुख केवी कामथ और तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम की मेहरबानी से हुआ था। सीबीआई द्वारा इस मामले में केवी कामथ या चिदंबरम से पूछताछ करनी बाकी है।

इन शेल फर्मों में रॉय से जुड़े कई वरिष्ठ पत्रकारों और उनके निदेशकों ने सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने कबूल किया है कि वे गवाह बनने के लिए तैयार हैं। पिछले 10 महीनों से सीबीआई इस मामले में भी एक इंच आगे नहीं बढ़ी है।

इस खबर को अंग्रेजी में यहाँ पढ़े।

चंदा कोचर का कुबूलनामा

जून 2017 में, आईसीआईसीआई बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में, आईसीआईसीआई बैंक की दागी पूर्व सीईओ और कई मामलों में आरोपी चंदा कोचर पहले ही एजेंसियों के सामने कबूल कर चुकी है। सभी जानते हैं कि यह 400 करोड़ रुपये की बैंक ऋण धोखाधड़ी आईसीआईसीआई बैंक के पूर्व प्रमुख केवी कामथ और तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम की मेहरबानी से हुआ था। सीबीआई द्वारा इस मामले में केवी कामथ या चिदंबरम से पूछताछ करनी बाकी है। यहां तक कि ईडी ने 2जी न्यायालय को मलेशिया से एयरसेल-मैक्सिस घोटाले के दौरान एनडीटीवी के माध्यम से 200 करोड़ रुपये (40 मिलियन यूएसडी) भारत में उतरने की सूचना दी है।

क्या मोदी सरकार रॉय को छोड़ रही है?

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि आरोप-पत्र में इतनी देरी हो जाने के कारण प्रणय रॉय के लिए न्यायालय से जमानत लेना आसान हो जाएगा। यहां सवाल यह है कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में प्रणय रॉय की मदद करने की हिम्मत कौन दिखा रहा है और प्राथमिकी दर्ज करने और छापेमारी करने के तीन साल बाद भी आरोप-पत्र दाखिल नहीं किया गया है।

महज 50 दिनों में आईटी कमिश्नर श्रीवास्तव के खिलाफ सीबीआई का आरोप-पत्र!

पूर्व आयकर आयुक्त संजय कुमार श्रीवास्तव 2009 में मनी लॉन्ड्रिंग और कर चोरी को उजागर करके एनडीटीवी धोखाधड़ी मामले में मुखबिर थे। विडंबना यह है कि जून 2019 में नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा कमजोर आरोपों के कारण श्रीवास्तव की सेवाएं समाप्त कर दिया गया थी। वे मुकदमे का सामना कर रहे हैं, जबकि प्रणय रॉय के खिलाफ आरोप पत्र तीन साल बाद भी दाखिल नहीं किया गया है। सीबीआई ने एनडीटीवी धोखाधड़ी के मुखबिर एसके श्रीवास्तव के खिलाफ, उन्हें जमानत से वंचित रखने के लिए केवल 50 दिनों में, आरोप-पत्र दायर किया था (उन्हें फरवरी 2020 के अंतिम सप्ताह में जमानत मिली) और प्रणय रॉय के मामले में सीबीआई ने तीन साल में अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं की है। प्रथम आईसीआईसीआई बैंक ऋण धोखाधड़ी के मामले में और 10 महीने में – धन शोधन के दूसरे मामले में देरी दुनिया भर में 30 से अधिक शेल फर्मों द्वारा चल रही है।

संदर्भ:

[1] At last CBI catches up with Prannoy and Radhika Roy for ICICI bank fraud. ED to follow soonJun 5, 2017, PGurus.com

[2] सीबीआई ने प्रणॉय रॉय, पत्नी राधिका, विक्रम चंद्रा के खिलाफ फर्जी खोल कम्पनियां बनाकर नेताओं की काली कमाई को सफेद करने के लिए एफआईआर दर्ज की।Aug 22, 2019, hindi.pgurus.com

[3] चिदंबरम ने एयरसेल-मैक्सिस सौदे से प्राप्त 40 मिलियन डॉलर की रिश्वत को एनडीटीवी में लगाया, आयकर आयुक्त ने सीबीआई को सूचित कियाNov 3, 2018, hindi.pgurus.com

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