भारत के उद्योगपति घरानों और सार्वजनिक उपक्रमों ने महामारी से लड़ने के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर और कंटेनरों की आपूर्ति और आयात हेतु कमर कसी

महामारी से निपटने में देश की मदद करने के लिए भारतीय उद्योगपति आगे आए!

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महामारी से निपटने में देश की मदद करने के लिए भारतीय उद्योगपति आगे आए!
महामारी से निपटने में देश की मदद करने के लिए भारतीय उद्योगपति आगे आए!

कॉरपोरेट घराना और पीएसयू देश की मदद के लिए आगे आया!

टाटा समूह, आईटीसी, जिंदल समूह, अडानी समूह जैसे व्यवसायी घराने और बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) जैसे बीएचईएल (भेल) और स्टील पीएसयू जैसे एसएआईएल (सेल) और आरआईएनएल ऑक्सीजन सिलेंडर, कंटेनर और प्लांट और कॉन्सॅन्ट्रेटॅर्स (संकेन्द्रक) की आपूर्ति और वितरण में सबसे आगे हैं, यहाँ तक कि जर्मनी, सऊदी अरब, दुबई, हांगकांग और सिंगापुर से भी आयात कर रहे हैं। रेलवे, एयर इंडिया और भारतीय वायु सेना ने ऑक्सीजन की डिलीवरी के लिए राष्ट्रीय स्तर पर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कॉर्पोरेट घरानों और सार्वजनिक उपक्रमों को इन त्वरित अभियानों के लिए रसद प्रदान की।

टाटा समूह और आईटीसी ने भारतीय वायु सेना की मदद से जर्मनी के बहुराष्ट्रीय लिंडे समूह के कारखानों से 24 ऑक्सीजन कंटेनर पहुँचाए। टाटा ग्रुप ने सोमवार को खेप पहुंचाने के बाद एक बयान में कहा – “ऑक्सीजन संकट को देखते हुए, हम भारत के स्वास्थ्य तंत्र (हेल्थकेयर इन्फ्रास्ट्रक्चर) की मदद करने के लिए सभी तरह के प्रयासों में लगे हैं। विभिन्न राज्यों को तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन की महत्वपूर्ण आपूर्ति के पूरक के रूप में, हम 24 क्रायोजेनिक कंटेनरों का आयात कर रहे हैं। यह महामारी से लड़ने का हमारा सामूहिक संकल्प है।” टाटा स्टील ने 600 टन ऑक्सीजन के अपने दैनिक उत्पादन में भी वृद्धि की।

जर्मनी से 24 ऑक्सीजन क्रायोजेनिक कंटेनरों को एयरलिफ्ट करने के अलावा, आईटीसी की भदाचलम पेपर यूनिट ने भी आस-पास के राज्यों को ऑक्सीजन की आपूर्ति शुरू कर दी।

मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात के अस्पतालों को पिछले दो सप्ताह से 700 मीट्रिक टन प्रतिदिन की आपूर्ति के साथ इस मामले में सबसे आगे है। रिलायंस का जामनगर प्लांट अस्पतालों में मेडिकल ऑक्सीजन की बड़ी आपूर्ति पर ध्यान केंद्रित कर रहा है[1]

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अडानी समूह ने सऊदी अरब और दुबई से 12-12 कंटेनरों को गुजरात के अस्पतालों में ऑक्सीजन प्रदान करने के लिए पहुँचाया है। गौतम अदानी ने सोमवार को ट्वीट किया – “हमने दुबई से तरल ऑक्सीजन का परिवहन करने के लिए उपयोग के लिए तैयार 12 क्रायोजेनिक टैंक हासिल किए हैं। भारतीय वायु सेना आज इन टैंकों में से 6 को भारत में पहुँचा रही है। जय हिंद!”

अडानी ने कहा – “अगर गृह राज्य की बात करूँ तो, हम गुजरात में शीघ्र वितरण के लिए अतिरिक्त ऑक्सीजन की आपूर्ति की व्यवस्था कर रहे हैं। हर दिन, हमारी टीमें कड़ी मेहनत करती हैं, 1,500 सिलेंडरों को मेडिकल ऑक्सीजन से भरती हैं और उन्हें कच्छ जिले में जहां भी जरूरत होती है, वहां ले जाती हैं।”

जिंदल ग्रुप के सज्जन जिंदल और नवीन जिंदल उत्तर भारत के कई अस्पतालों में तथा ऑक्सीजन की कमी से जूझ रही राजधानी दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति में तेजी लाने के लिए देश भर में अपनी इकाइयों को तैयार करने में सबसे आगे हैं।

भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) पीएसयू ने अपने भोपाल और हरिद्वार संयंत्रों को ऑक्सीजन का उत्पादन बढ़ाने का जिम्मा सौंपा है। भेल ने एक बयान में कहा – “ऑक्सीजन की बढ़ती दैनिक मांग के कारण, भेल का भोपाल संयंत्र भोपाल क्षेत्र के अस्पतालों में प्रतिदिन 6,000 क्यूबिक मीटर से अधिक ऑक्सीजन गैस की आपूर्ति कर रहा है। यूनिट ने 23 अप्रैल 2021 को रिकॉर्ड 975 सिलेंडरों की आपूर्ति की। हरिद्वार संयंत्र अपने बुनियादी ढांचे को उन्नत कर रहा है ताकि चिकित्सा के लिए प्रति दिन लगभग 16,000 क्यूबिक मीटर ऑक्सीजन की आपूर्ति हो सके। यह शीघ्र ही, प्रति दिन लगभग 700 सिलेंडर की क्षमता से बढ़कर प्रति दिन लगभग 2,200 सिलेंडर की आपूर्ति करने में सक्षम होगा।”

धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता वाले इस्पात मंत्रालय के अनुसार, रविवार तक स्टील सेक्टर ने 3474 मीट्रिक टन तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन का उत्पादन किया है। सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों के स्टील प्लांट विभिन्न राज्यों में तरल ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। सेल द्वारा लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की औसत आपूर्ति प्रतिदिन 800 टन से अधिक हो गई है। 23 अप्रैल को लगभग 1150 टन तरल ऑक्सीजन की आपूर्ति की गयी, और कल वितरित की गई मात्रा 960 टन थी। सेल लगातार तरल ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ा रहा है। अगस्त, 2020 से कल तक भिलाई, बोकारो, राउरकेला, दुर्गापुर और बर्नपुर में सेल के एकीकृत इस्पात संयंत्रों से आपूर्ति की गयी कुल तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन 39,647 टन है।

“जहां तक आरआईएनएल का संबंध है, पिछले वित्त वर्ष 20-21 में, उसने 8842 टन तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन की आपूर्ति की थी। इस वित्त वर्ष, 13 अप्रैल से आज सुबह तक, 1300 टन से अधिक मेडिकल आक्सीजन भेजा जा चुका है। स्टील मिनिस्ट्री ने कहा, “पिछले तीन दिनों में 100 टन से 140 टन तक वृद्धि हुई है। पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस आरआईएनएल विज़ाग (विशाखापत्तनम) स्टील प्लांट से कोविड मरीजों की स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करने के लिए 100 टन तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन 22 अप्रैल को महाराष्ट्र ले गयी थी।”

संदर्भ:

[1] Reliance will supply over 700 tonnes oxygen a day to COVID-hit states; benefit 70,000 patientsApr 20, 2021, Live Mint

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