पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेसी नेता शिवराज पाटिल ने ‘गीता में जिहाद’ वाले अपने बयान पर दी सफाई!

पाटिल ने दिल्ली में एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में दावा किया था कि जिहाद की अवधारणा न केवल इस्लाम में बल्कि भगवद गीता और ईसाई धर्म में भी है।

0
122
कांग्रेसी नेता शिवराज पाटिल को भगवद गीता में दिखता है जिहाद!
कांग्रेसी नेता शिवराज पाटिल को भगवद गीता में दिखता है जिहाद!

कांग्रेस नेता शिवराज पाटिल ने कहा था कि गीता में श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जिहाद सिखाया था!

पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री और कांग्रेस नेता शिवराज पाटिल ने गुरुवार को दिल्ली में दिए अपने विवादित बयान के बाद सफाई पेश की। उन्होंने कहा न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, ‘उसे आप जिहाद बोलते हैं। क्या आप कृष्ण द्वारा अर्जुन की दी गई सीख को जिहाद बोलेंगे..? नहीं ना, वही मैंने कहा था।’ पाटिल ने बुधवार को दिल्ली में एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में दावा किया था कि जिहाद की अवधारणा न केवल इस्लाम में बल्कि भगवद गीता और ईसाई धर्म में भी है। कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई की जीवनी के विमोचन पर बोलते हुए पूर्व लोकसभा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री शिवराज पाटिल ने कहा था, ‘ऐसा कहा जाता है कि इस्लाम धर्म में जिहाद की बहुत चर्चा है। यह अवधारणा तब सामने आती है जब सही इरादे और सही काम करने के बावजूद कोई नहीं समझता, तब कहा जाता है कि कोई बल प्रयोग कर सकता है।’

उन्होंने अपनी टिप्पणी में कहा था कि महाभारत में भी गीता के हिस्से में श्री कृष्ण भी अर्जुन से जिहाद की बात करते हैं और यह बात सिर्फ कुरान या गीता में नहीं बल्कि ईसाई धर्म में भी है। शिवराज पाटिल ने कहा था, ‘इस्लाम, ईसाई धर्म में मान्यता है कि भगवान बहुत नहीं हैं, सिर्फ एक है। यहूदी धर्म में भी यही मान्यता है कि भगवान की मूर्ति नहीं रख सकते। गीता में भी लिखा है कि भगवान का ना रंग है, ना रूप है और ना ही आकार है। जिहाद का जिक्र सिर्फ कुरान में ही नहीं है। तमाम कोशिशों के बाद भी अगर कोई स्वच्छ विचार को नहीं समझता, तो शक्ति का उपयोग करना चाहिए। गीता में भी इसका जिक्र है। महाभारत में श्रीकृष्ण ने भी अर्जुन को यही पाठ पढ़ाया था। अब इसे आप क्या कहेंगे?’ भाजपा ने शिवराज पाटिल की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा और उस पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया। शिवराज पाटिल को 2010 में पंजाब का राज्यपाल नियुक्त किया गया था।

आपको दें कि शिवराज पाटिल लातूर से कांग्रेस सांसद थे। हालांकि, 2014 के बाद से इस सीट पर भाजपा का कब्जा है। वह 1980 के बाद कई बार केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। इसके अलावा वह साल 2008 में तत्कालीन यूपीए सरकार में गृह मंत्री थे। उनके कार्यकाल में ही मुंबई में 26 नवंबर, 2008 को ताज होटल, छत्रपति शिवाजी टर्मिनस स्टेशन, कामाजी हॉस्पिटल, लियोपोल्ड कैफे समेत कई जगहों पर सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे। आतंकी हमला हुआ था। ​​उनके बयान पर भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, ‘गोपाल इटालिया और राजेंद्र पाल गौतम के बाद कांग्रेस के शिवराज पाटिल भी वोट बैंक की राजनीति के लिए हिंदुओं के प्रति घृणा दिखा रहे हैं और बता रहे हैं कि श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जिहाद का पाठ पढ़ाया था। कांग्रेस हिंदू को भगवा आतंकवाद के साथ जोड़ती है, राम के अस्तित्व पर सवाल खड़ा करती है। शिवराज पाटिल ने ही हिंदू टेरर शब्द ईजाद किया था। जनेऊधारी राहुल गांधी भी हिंदुत्व को लेकर कह चुके हैं कि हिंदू संगठनों से कम खतरनाक तो लश्कर-ए-तैयबा है।’

[आईएएनएस इनपुट के साथ]

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.