ईडी ने चिदंबरम से एयर इंडिया के लिए 111 विमानों की उच्च दर पर खरीदी के लिए पूछताछ की। 70,000 करोड़ रुपये के सौदे में रिश्वत का पैसा लगभग 20% होगा

चिदंबरम को 111 विमान अधिक दामों में खरीदने के लिए ईडी की कार्यवाही का सामना करना पड़ रहा है

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चिदंबरम को 111 विमान अधिक दामों में खरीदने के लिए ईडी की कार्यवाही का सामना करना पड़ रहा है
चिदंबरम को 111 विमान अधिक दामों में खरीदने के लिए ईडी की कार्यवाही का सामना करना पड़ रहा है

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम की शुक्रवार को 2006 में एयर इंडिया के लिए 111 विमानों की अत्यधिक कीमतों पर (अधि-चालान आयात का एक उत्कृष्ट मामला) विवादास्पद खरीद के संबंध में छह घंटे तक पूछताछ की गयी। तत्कालीन नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल को ईडी ने पहले ही विमान निर्माताओं एयरबस और बोइंग से प्राप्त भारी रिश्वत के धन के धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के मामले में पूछताछ की थी। कुल खरीद मूल्य 70,000 करोड़ रुपये से अधिक था और 111 विमानों की इस विवादास्पद खरीद ने सार्वजनिक वाहक कंपनी एयर इंडिया की वित्तीय स्थिति को ध्वस्त कर दिया था।

यह पता चला है कि निजी ऑपरेटरों की समान खरीद के साथ तुलना में विमान की कीमतें बहुत अधिक थीं। कीमतों में लगभग 20% की वृद्धि हुई थी और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) के शासन के दौरान कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के शीर्ष नेताओं द्वारा साझा किए गए खरीद सौदे में इसे रिश्वत माना गया। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने 2011 में 111 विमानों की इस संदिग्ध खरीद में अनियमितताओं की ओर इशारा किया। एयरबस से 48 और बोइंग से 63 हवाई जहाज खरीदने के लिए 70,000 करोड़ रुपये खर्च किए गए। बाद में, 2012 में, इनमें से कुछ नए विमान बहुत सस्ते दाम पर एतिहाद को बेचे गए और दोनों सौदों को चिदंबरम ने मंजूरी दी थी[1]

इस पूरे सौदे में विवादित दीपक तलवार बिचौलिया था। पिछले साल, तलवार को दुबई से निर्वासित कर दिया गया और वर्तमान में वह तिहाड़ जेल में बंद है। बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने इस भ्रष्ट सौदे में शिकायतों की श्रृंखला दर्ज की, जिनमें चिदंबरम को मुख्य सरगना (किंगपिन) बताया गया। “इन सारों से से यह स्पष्ट है कि खरीदे गए विमानों को वित्त मंत्री के रूप में चिदंबरम के नेतृत्व वाले ईजीओएम द्वारा अनुमोदित किया गया था। जैसा कि आप देख सकते हैं कि चिदंबरम द्वारा हस्ताक्षर किए गए हैं, और चिदंबरम के अनुसार, नागरिक उड्डयन मंत्रालय एयर इंडिया को बोइंग और जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) को ऑर्डर देने के लिए और इंडियन एयरलाइंस एयरबस को खरीदने का निर्देश देने के लिए अधिकृत है,” स्वामी ने 2005 में ईजीओएम की बैठकों का प्रस्तुतिकरण करते हुए कहा। स्वामी की याचिका का विवरण यहां देखा जा सकता है[2]

अधिकारियों ने कहा कि एक कथित विमानन घोटाले की धन शोधन (मनी-लॉन्ड्रिंग) जांच यूपीए के शासन के दौरान हुई थी।

चिदंबरम का बयान धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज किया गया था, उन्होंने कहा, यहां एक एजेंसी के कार्यालय में लगभग छह घंटे तक पूछताछ चली।

इस खबर को अंग्रेजी में यहाँ पढ़े।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता को इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ने पिछले साल 23 अगस्त को पहली बार समन भेजा गया था, लेकिन उस समय आईएनएक्स मीडिया कथित भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार होने के बाद वह सीबीआई की हिरासत में थे।

एक कथित बहु-करोड़ विमानन घोटाले और अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों के लिए एयर स्लॉट्स को ठीक करने में अनियमितता के कारण नवीनतम जांच एयर इंडिया को नुकसान से संबंधित है। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय की जांच भी लगभग 70,000 करोड़ की कीमत वाले 2006 में राष्ट्रीय एयरलाइन के 110 से अधिक विमानों की खरीद से संबंधित है।

कैग (नियंत्रक और महालेखा परीक्षक) ने 2011 में हवाई जहाज का ऑर्डर देने के सरकार के फैसले के पीछे तर्क पर सवाल उठाया था। पूर्व उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल से ईडी ने इन फैसलों के सिलसिले में पूछताछ की है और समझा जाता है कि एजेंसी चिदंबरम से इस मामले में प्राप्त कुछ सुरागों पर पूछताछ करना चाहती है।

अधिकारियों ने कहा कि चिदंबरम इन सौदों के लिए मंत्रियों के एक सशक्त समूह का नेतृत्व कर रहे थे और इसलिए सरकार द्वारा किए गए निर्णय लेने की प्रक्रिया को जानने के लिए उनसे बात करना महत्वपूर्ण है।

चिदंबरम आईएनएक्स मीडिया मामले में सीबीआई और ईडी की हिरासत में 100 दिन से अधिक समय बाद पिछले साल दिसंबर की शुरुआत में जेल से बाहर आए। सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दी थी। पूर्व वित्त और गृह मंत्री को ईडी द्वारा एयरसेल-मैक्सिस सौदे से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग के तीसरे मामले में भी जांच की जा रही है। उनसे इस मामले में भी पूछताछ की गई है।

चिदंबरम ने इससे पहले एयरसेल-मैक्सिस मामले में ईडी की कार्रवाई को “झूठ और अनुमान का बेहूदा मिश्रण” बताया था।

संदर्भ:

[1] ईडी ने बड़े विमानन घोटाले में चिदंबरम को समन भेजाAug 20, 2019, hindi.pgurus.com

[2] Aircraft purchase scam – CBI must question Chidambaram, the key approver of the deal: SwamyJun 6, 2017, PGurus.com

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