अज्ञात कंपनी गौरव मर्केंटाइल्स के शेयर महज छह महीने में 20 रुपये से बढ़कर 148 रुपये क्यों हो गए?

क्या राघव बहल सेबी के आँखों में धूल झोंकने की कोशिश कर रहा है और एक फर्जी खोल कंपनी द्वारा अपनी वेबसाइट की खरीदी करवाके मजे कर रहा है?

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मीडिया दबंग राघव बहल के पदभार संभालने के बाद स्टॉक आगे बढ़ा। स्टॉक एक्सचेंज हेराफेरी?
मीडिया दबंग राघव बहल के पदभार संभालने के बाद स्टॉक आगे बढ़ा। स्टॉक एक्सचेंज हेराफेरी?

मीडिया दबंग राघव बहल के पदभार संभालने के बाद स्टॉक आगे बढ़ा। स्टॉक एक्सचेंज हेराफेरी?

मीडिया दबंग राघव बहल द्वारा स्वामित्व लेने के बाद कम ज्ञात कंपनी के शेयर की कीमतें आसमान क्यों छू रही हैं? गौरव मर्केंटाइल्स लिमिटेड के शेयर, जो जनवरी 2019 तक पिछले कई सालों से लगभग 20-23 रुपये की कीमत पर मृतप्राय थे, अब जनवरी के पहले सप्ताह में मीडिया दबंग द्वारा अधिग्रहित करने के बाद इसकी कीमत 148 रुपये हो गई है। इस कम ज्ञात कंपनी के शेयरों में आई तेजी का कारण क्या था कि बहल और उनकी पत्नी रितु कपूर ने 66 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल कर ली?

राघव और उनकी पत्नी क्विंट और वित्तीय समाचार वेबसाइट ब्लूमबर्ग क्विंट वेबसाइट भी चला रहे हैं। एक अज्ञात कंपनी के स्टॉक मूल्य में यह तेजी से वृद्धि उनके मीडिया संगठन का उपयोग करते हुए स्टॉक एक्सचेंज जोड़तोड़ के लिए जांच का एक उचित मामला है। आराम से सो रहे सेबी को तुरंत इस पर ध्यान देना चाहिए। राघव बहल पहले से ही आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मुकदमों का सामना कर रहे हैं।

जांच अधिकारियों के सामने पेश होने के बजाय, राघव बहल अब अपने मीडिया साख का दुरुपयोग करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिख रहे हैं।

पीगुरूज ने राघव बहल की उनकी नई अधिग्रहीत फर्म गौरव मर्केंटाइल्स के साथ सम्बंध को और उनकी स्वयं की फर्म क्विंटिलियन मीडिया प्राइवेट लिमिटेड की मालकियत वाली क्विंट वेबसाइट के घटिया अधिग्रहण को उजागर किया है। अब गौरव मर्केंटाइल्स ने स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित किया है कि उन्होंने क्विंट वेबसाइट का अधिग्रहण करने के लिए 17 जुलाई को बोर्ड की बैठक बुलाई है। पीगुरूज ने सबसे पहले राघव बहल द्वारा इस धोखाधड़ी सौदे को उजागर किया, जो आयकर और ईडी द्वारा पकड़ा नहीं गया है[1]

इकोनॉमिक टाइम्स ने भी राघव बहल द्वारा गैर-कामकाजी शिपब्रेकिंग ( पुराने जहाजों को तोड़ फोड़ कर उसके हिस्सों को बेचना) फर्म गौरव मर्केंटाइल को खरीदने के संदिग्ध सौदे पर रिपोर्ट दी थी [2]। इस रिपोर्ट के अनुसार, ईडी द्वारा धन शोधन के लिए पकड़े गए मीडिया दबंग ने इस गैर-कामकाजी फर्म को सिर्फ 5.64 करोड़ रुपये में खरीदा था, जब स्टॉक एक्सचेंज में इसके शेयर की कीमत 20-23 रुपये के बीच थी। अब हम देख रहे हैं कि छह महीने के भीतर इस अज्ञात फर्म के शेयरों में 148 रुपये तक का उछाल है। कैसे? जबकि सबसे बड़ा शेयरधारक शेयर बाजार-संबंधित वेबसाइट, ब्लूमबर्ग क्विंट चला रहा है, तो शेयर कीमतों की अप्राकृतिक बढ़ोतरी पर सेबी और स्टॉक एक्सचेंज क्या कर रहे थे? क्या यह मीडिया गतिविधियों की आड़ में स्टॉक हेराफेरी का स्पष्ट मामला नहीं है? पिछले दो दशकों से, स्टॉक एक्सचेंजों में धांधली के लिए कई व्यापारिक पत्रकारों और व्यापार को कवर करने वाले मीडिया घरानों के बारे में विवाद हैं और सेबी ने कुछ पत्रकारों को इस प्रकार की बेईमान गतिविधि के लिए दंडित किया था [3]

इस खबर को अंग्रेजी में यहाँ पढ़े।

जांच अधिकारियों के सामने पेश होने के बजाय, राघव बहल अब अपने मीडिया साख का दुरुपयोग करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिख रहे हैं। राघव बहल अब एक मुजरिम है और उसे मंत्रियों को पत्र लिखने और काले धन को वैध बनाते हुए पकड़े जाने के बाद खुद को पीड़ित बताने का कोई अधिकार नहीं। अब ईडी ने उसके लंदन में घर खरीद विवरण का खुलासा किया है। बहल, विजय माल्या और नीरव मोदी की तरह देश से बाहर भाग सकता है और सही समय है कि एजेंसियों को उसका पलायन रोकने के लिए सतर्क किया जाए।

संदर्भ:

[1] Raghav Bahl engaged in dubious sale of his The Quint website to his own newly acquired firm Gaurav Mercantiles. A case of Money laundering? Jul 3, 2019, PGurus.com

[2] Will a little-known ship breaker help Raghav Bahl raise funds from the market? Jul 4, 2019, Economic Times

[3] SEBI will soon take action in WhatsApp leak caseJun 27, 2019, Economic Times

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