दक्षिण अफ्रीका ने भगोड़े गुप्ता परिवार के स्वामित्व वाली कंपनी के बैंक खाते से 1.3 मिलियन अमेरिकी डॉलर जब्त किये

दक्षिण अफ्रीका, भगोड़े गुप्ता परिवार की संपत्ति पर शिकंजा कस रहा है, एक बैंक खाते से 1.3 मिलियन अमरीकी डालर संलग्न किये!

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दक्षिण अफ्रीका, भगोड़े गुप्ता परिवार की संपत्ति पर शिकंजा कस रहा है, एक बैंक खाते से 1.3 मिलियन अमरीकी डालर संलग्न किये!
दक्षिण अफ्रीका, भगोड़े गुप्ता परिवार की संपत्ति पर शिकंजा कस रहा है, एक बैंक खाते से 1.3 मिलियन अमरीकी डालर संलग्न किये!

एसएआरबी ने बंधुओं के स्वामित्व वाले सहारा कंप्यूटर्स से 19.7 मिलियन रैंड जब्त किए है!

दक्षिण अफ्रीका के केंद्रीय बैंक ने गुप्ता परिवार के स्वामित्व वाले सहारा कंप्यूटर्स (अब बन्द हो चुका) के बैंक खाते से 1.3 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक संलग्न किया है, यह देश के प्रमुख आईटी आपूर्तिकर्ताओं में से एक था। गुप्ता बंधुओं अजय, अतुल और राजेश को 2016 में पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा के बाहर निकलने के बाद परेशानी का सामना करना पड़ा। वर्तमान में, गुप्ता बंधु दुबई में रह रहे हैं और भारत और दक्षिण अफ्रीका के व्यवसायों के साथ कई सौदों और दलाली के लिए पकड़े गए थे। गुप्ता बंधुओं के साथ अवैध वित्तीय सौदों के कारण दक्षिण अफ्रीका में बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखाएँ बंद कर दी गईं।

टाइम्स लाइव अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी गजट में रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर कुबेन नाईडू द्वारा सहारा के नेडबैंक खाते से प्राप्त धन और किसी भी ब्याज की जब्ती और राष्ट्रीय राजस्व कोष में इसकी जमा राशि पर नोटिस प्रकाशित किया गया था। यह कहा गया, दक्षिण अफ्रीका रिजर्व बैंक (एसएआरबी) ने गुप्ता बंधुओं के स्वामित्व वाले सहारा कम्प्यूटर्स के दक्षिण अफ्रीकी बैंक खाते से 19.7 मिलियन रैंड (लगभग 1.3 मिलियन अमेरिकी डॉलर) जब्त किए हैं।

गुप्ता बंधुओं ने पिछले 30 सालों से कई कांग्रेस और भाजपा नेताओं के साथ अच्छे संबंध बनाए हैं और दक्षिण अफ्रीका में व्यवसाय करने वाले कई कॉर्पोरेट घरानों के एजेंट रहे।

सहारा कंप्यूटर्स तीन गुप्ता बंधुओं – अजय, अतुल और राजेश द्वारा शुरू की गई पहली प्रमुख आईटी कंपनी थी। गुप्ता बंधु उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के रहने वाले हैं, 1990 के दशक में नेल्सन मंडेला के नेतृत्व में लोकतंत्र के उदय के साथ ही वे दक्षिण अफ्रीका में बस गए थे। गुप्ता बंधु भारत में कई शक्तिशाली लोगों के लिए जाने-पहचाने लोग थे, जिनमें राजनीतिक सीमाओं के पार कई राजनेता भी थे। हाल ही में 2019 में, वे एक बड़े पारिवारिक शादी समारोह के लिए उत्तराखंड पहुँचे, और पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र उत्तराखंड के औली क्षेत्र में बहुत सारा कचरा फेंकने के बाद विवादों में घिर गए। पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत को पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र में इतनी बड़ा समारोह करने की अनुमति देने के लिए आलोचना झेलनी पड़ी थी[1]

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गुप्ता बंधुओं ने पिछले 30 सालों से कई कांग्रेस और भाजपा नेताओं के साथ अच्छे संबंध बनाए हैं और दक्षिण अफ्रीका में व्यवसाय करने वाले कई कॉर्पोरेट घरानों के एजेंट रहे। 2017 में पीगुरूज ने दक्षिण अफ्रीका में जेट एयरवेज के संचालन के लिए लॉबिंग में गुप्ता बंधुओं की भूमिका और जेट एयरवेज के लाभ के लिए एयर इंडिया की सेवाओं को रद्द करने के लिए कांग्रेस शासन के दौरान भारत सरकार में अपने संबंधों का उपयोग करने की सूचना दी थी[2]

कई दक्षिण अफ्रीकी राजनेताओं ने तो गुप्ता भाइयों को जुमा के मंत्रिमंडल में पद देने की पेशकश तक की। अपने अच्छे समय में, गुप्ता दक्षिण बैंक में पूर्ण रूप से बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखाएं चला रहे थे और आखिर में यहाँ से गुप्तों के कारोबार को भारी धन दिया गया था, जिनमें से अधिकांश गैर-निष्पादित संपत्ति बन कर रह गए। अंत में बैंक ऑफ बड़ौदा ने सभी शाखाओं को बंद कर दिया। आज तक गुप्ता बंधुओं के खिलाफ भारत में कोई कार्रवाई शुरू नहीं हुई है।

अपनी सफलता के चरम पर सहारा कंप्यूटर, दक्षिण अफ्रीका के प्रमुख आईटी आपूर्तिकर्ताओं में से एक था, जिसका देश के शीर्ष तीन क्रिकेट स्टेडियमों में नामकरण अधिकार था और ब्रांड एंबेसडर के रूप में खेल और मनोरंजन के क्षेत्र में प्रमुख भागीदार था। परिवार अब दुबई में निर्वासित है क्योंकि दक्षिण अफ्रीका ने राज्य पर कब्जा करने में उनकी कथित भूमिका में पूछताछ के लिए प्रत्यर्पण के प्रयासों को जारी रखा है, जिसमें राज्य के स्वामित्व वाले संस्थानों से दक्षिण अफ्रीकी रैंड्स की लूट भी शामिल हैं।

गुप्ता बंधुओं पर आरोप है कि वे पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा के साथ उनके करीबी रिश्ते के माध्यम से अरबों की लूट का हिस्सा थे, जुमा भी अब आपराधिक आरोपों की श्रृंखला का सामना कर रहे हैं। जुमा के जुड़वां बच्चों को कंपनी में प्रबंधन और बोर्ड के आकर्षक पदों पर बिठाये जाने के बाद सहारा कंप्यूटर भी विवादों में घिर गया था।

कंपनी ने 2004 में सुब्रत रॉय के सहारा इंडिया परिवार के साथ एक करार किया ताकि पूरे भारत में 25 वितरण केंद्रों के माध्यम से आईटी उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला का निर्माण और आपूर्ति की जा सके। लेकिन यह साझेदारी लखनऊ में एक मेगा लॉन्च के बावजूद, जिसमें बॉलीवुड की शीर्ष हस्तियों और दोनों देशों के व्यापारिक और राजनीतिक नेताओं ने भाग लिया था, नहीं चल सकी

2019 में, यूएस ट्रेजरी (कोष) विभाग ने दक्षिण अफ्रीका में भ्रष्टाचार में शामिल होने के लिए अजय गुप्ता, अतुल गुप्ता, राजेश गुप्ता, और उनके सहयोगी सलीम एसा पर प्रतिबंध लगाते हुए कहा कि वे ” दक्षिण अफ्रीका में एक महत्वपूर्ण भ्रष्टाचार नेटवर्क के सदस्य थे, जिन्होंने सरकारी अनुबंधों में ओवरपेमेंट (ज्यादा भुगतान), रिश्वत, और अन्य भ्रष्ट कार्यों के लिए राजनीतिक योगदान और वित्तीय कार्यों को प्रभावित करने का लाभ उठाया था”।

[पीटीआई और दक्षिण अफ्रीकी मीडिया के इनपुट के साथ]

संदर्भ:

[1] Uttarakhand’s Auli grapples with mountain of garbage after Rs 200 crore-Gupta weddingsJun 24, 2019, Financial Express

[2] Jet Airways lobbied with President Zuma’s aides Guptas to close South African Airlines Mumbai route, says BookDec 03, 2017, PGurus.com

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