कोवैक्सीन की शेल्फ लाइफ निर्माण की तारीख से 12 महीने तक बढ़ा दी गयी है

    कंपनी का कहना है कि कोवैक्सीन की शेल्फ लाइफ बढ़ाने से कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में मदद मिलेगी

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    कोवैक्सीन की शेल्फ लाइफ निर्माण की तारीख से 12 महीने तक बढ़ा दी गयी है
    कोवैक्सीन की शेल्फ लाइफ निर्माण की तारीख से 12 महीने तक बढ़ा दी गयी है

    कोवैक्सीन का विस्तारित संग्रहण समय (शेल्फ लाइफ) टीके की बर्बादी को कम करने में मदद करेगा

    केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने भारत बायोटेक की कोविड-19 वैक्सीन कोवैक्सीन की शेल्फ लाइफ को निर्माण की तारीख से 12 महीने तक बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। “शैल्फ-लाइफ बढ़ाने की यह मंजूरी अतिरिक्त स्थिरता डेटा की उपलब्धता पर आधारित है, जिसे सीडीएससीओ को प्रस्तुत किया गया था। शैल्फ लाइफ विस्तार के साथ, अस्पताल अब वैक्सीन की बर्बादी से बचने के लिए स्टॉक का उपयोग कर सकते हैं, वैक्सीन निर्माता द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया। भारत बायोटेक ने इंट्रानैसल कोविड-19 वैक्सीन बूस्टर के परीक्षण के लिए मंजूरी मांगी है।

    कोवैक्सीन को भारत के ड्रग कंट्रोलर जनरल और डब्ल्यूएचओ इमरजेंसी यूज़ लिस्टिंग की 28-दिवसीय बहु-खुराक (मल्टी डोज) शीशी नीति के तहत उपयोग के लिए अनुमोदित किया गया है। कोवैक्सिन ओपन शीशी 28 दिनों के लिए 2 से 8 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर है और इसे एक दिन में या टीकाकरण सत्र के अंत में तुरंत नष्ट करने की आवश्यकता नहीं है। भारत बायोटेक ने ट्वीट कर अपनी विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति जारी की:

    भारत बायोटेक ने कहा कि वह पर्यावरण के लिए कुछ करने में विश्वास करती है। बहु-खुराक शीशी नीति कोल्ड चेन लॉजिस्टिक्स और प्रबंधन को कम करके खरीद एजेंसियों के लिए पैसे की बचत करती है, जिससे कार्बन फुटप्रिंट, खुली शीशी की बर्बादी, कोल्ड चेन वितरण, कोल्ड चेन स्टोरेज और बायोमेडिकल अपशिष्ट निपटान से संबंधित लागत में कमी आती है।

    इस खबर को अंग्रेजी में यहाँ पढ़ें!

    कंपनी ने कहा – “सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हम पैकिंग सामग्री और एकल-उपयोग (एक बार उपयोग होने वाला) वाले प्लास्टिक की मात्रा को कम करके पर्यावरण के अनुकूल होने में विश्वास करते हैं, इसी प्लास्टिक का उपयोग टीकों के निर्माण, भंडारण, वितरण और निपटान में किया जाता है।”

    इस बीच, समाचार एजेंसी एएनआई ने बताया कि भारत बायोटेक ने अपने इंट्रानैसल कोविड वैक्सीन की बूस्टर खुराक के लिए डीसीजीआई को चरण 3 नैदानिक परीक्षण (क्लीनिकल ट्रायल) का आवेदन प्रस्तुत किया है जो कोवैक्सिन और कोविशील्ड टीकाकरण वाले लोगों को दिया जा सकता है:

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत बायोटेक ने देश के ड्रग रेगुलेटर को अपने इंट्रानैसल कोविड-19 वैक्सीन की बूस्टर खुराक के लिए लेट-स्टेज ट्रायल करने के लिए एक आवेदन प्रस्तुत किया है।

    भारत बायोटेक के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा – “हमने डीसीजीआई (भारत के औषधि महानियंत्रक) को चरण 3 नैदानिक परीक्षण आवेदन जमा कर दिया है।” भारत ने अभी तक भारत बायोटेक के इंट्रानैसल वैक्सीन, बीबीवी154 के उपयोग को मंजूरी नहीं दी है। अगस्त में बीबीवी154 को मिड-टू-लेट-स्टेज ट्रायल के लिए रेगुलेटरी मंजूरी मिली थी। स्थानीय मीडिया ने बताया था कि मिड-स्टेज ट्रायल पूरा हो चुका है। [1]

    संदर्भ :

    [1] Bharat Biotech seeks trial for intranasal COVID-19 vaccine boosterDec 20, 2021, Yahoo

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