पश्चिम बंगाल में मस्जिदों में सभाएँ, मिठाई, फूल और पान की दुकानें खोलने की अनुमति के कारण तालाबंदी के उल्लंघन पर केंद्र और ममता में तनातनी

केंद्र ने ममता के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार पर तालाबंदी प्रतिबंधों की धज्जियां उड़ाने का आरोप लगाया

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केंद्र ने ममता के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार पर तालाबंदी प्रतिबंधों की धज्जियां उड़ाने का आरोप लगाया
केंद्र ने ममता के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार पर तालाबंदी प्रतिबंधों की धज्जियां उड़ाने का आरोप लगाया

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाली केंद्र सरकार और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के अगुवाई वाली पश्चिम बंगाल सरकार के बीच शनिवार को राज्य में लॉकडाउन नियमों के “क्रमिक कमजोर पड़ने” पर तनातनी हो गयी, जिसका कारण मस्जिदों में प्रायोजित जनसमूह और सत्तारूढ़ टीएमसी की अनुमति से राज्य में भोजन वितरण में जमा भीड़, कई क्षेत्रों में फूल, मिठाई और पान की दुकानों को खोलना बताया गया। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को लिखे पत्र में लॉकडाउन नियमों के उल्लंघन और धार्मिक स्थानों पर इकट्ठा होने की अनुमति देने पर नाराजगी जताई और इसे तुरंत रोकने के लिए कहा और कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस में राज्यपाल जगदीप धनखड़ पर सत्ता के दुरुपयोग का दोष दिया, इसके तुरंत बाद गृह मंत्रालय द्वारा पत्र राज्य सरकार को भेजा गया। बाद में शाम को, राज्यपाल सोशल मीडिया में एक वीडियो संदेश के साथ आये जिसमें राज्य के लोगों से कोविड-19 महामारी को रोकने के लिए लॉकडाउन और सामाजिक दूरी मानदंडों का पालन करने की अपील की।

“सुरक्षा एजेंसियों से प्राप्त आगे की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा प्रदान किए जा रहे अपवादों की संख्या में वृद्धि के साथ पश्चिम बंगाल से लॉकडाउन की क्रमिक कमजोर पड़ने की रिपोर्ट की गई है। उदाहरण के लिए, गैर-आवश्यक वस्तुओं से संबंधित दुकानों को कार्य करने की अनुमति दी गई है। सब्जी, मछली और मटन बाजारों में कोई विनियमन नहीं है, जहां लोग सामाजिक दूरी के मानदंडों का पूरी तरह से उल्लंघन कर रहे हैं,” गृह मंत्रालय ने कोलकाता के राजाबाजार, नाकेल दंगा, टॉप्सिया, मेटियाबुर्ज़, गार्डेनरीच, इकबालपुर और मणिकतला में भारी भीड़ का हवाला देते हुए कहा।

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दृढ़ता से लिखे गए पत्र में, गृहमंत्रालय ने कहा कि नर्केल दंगा पहले से ही अधिक कोविड-19 मामलों का गवाह है। टीएमसी पर निशाना साधते हुए, गृहमंत्रालय ने कहा कि “यह बताया गया है कि पुलिस धार्मिक सभाओं की अनुमति दे रही है।” एमएचए ने प्रमुख सचिव और डीजीपी से कार्यवाही रिपोर्ट सौंपने की मांग करते हुए कहा कि, “नि: शुल्क राशन संस्थागत वितरण प्रणाली के माध्यम से नहीं बल्कि राजनीतिक नेताओं द्वारा वितरित किया गया है। इसके परिणामस्वरूप कोविड-19 संक्रमण फैल सकता है।”

कई बीजेपी नेताओं ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर मस्जिदों में इस्लामिक सभाओं की अनुमति देने का आरोप लगाया। अमित शाह की अध्यक्षता वाले गृह मंत्रालय ने कहा कि इस तरह की गतिविधियाँ केंद्र सरकार के आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत समय-समय पर जारी आदेशों का उल्लंघन करती हैं और अधिनियम के तहत दंडात्मक कार्रवाई के लिए उत्तरदायी हैं।

केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता बाबुल सुप्रियो ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के एक बड़े फूल बाजार को कोविड-19 की महामारी के बावजूद खोलने की अनुमति के फैसले को दोषी ठहराया और दावा किया कि इससे सार्वजनिक सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी। “अगर मैं यह कहता हूं, तो मुझे राजनीति करने का दोषी ठहराया जाएगा। लेकिन आप मुझे बताएं कि क्या ऐसा होने दिया जाना चाहिए। यह एक मुद्दा बन रहा है क्योंकि ममता बनर्जी सरकार ने फूल, मिठाई, पान (सुपारी) की दुकानों – सब कुछ खोलने की अनुमति दी है।”

सुप्रियो ने कहा, “इससे जनता को गलत संदेश जाता है कि पश्चिम बंगाल कोरोना को हराने में कामयाब रहा है। इससे जनता के मन में यह बात आ जायेगी कि कोविड-19 अतीत की बात है।”

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