अभियुक्त यूएई के पूर्व कर्मचारी स्वप्ना और सरिथ ने स्वीकार किया कि एक साल में उन्होंने 23 यात्राओं में कुल 152 किग्रा सोने की तस्करी की है।

स्वप्ना और सरिथ ने स्वीकार किया कि 23 यात्राओं में राजनयिक सामान के माध्यम से 152 किलोग्राम वजन सोने की तस्करी हुई

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स्वप्ना और सरिथ ने स्वीकार किया कि 23 यात्राओं में राजनयिक सामान के माध्यम से 152 किलोग्राम वजन सोने की तस्करी हुई
स्वप्ना और सरिथ ने स्वीकार किया कि 23 यात्राओं में राजनयिक सामान के माध्यम से 152 किलोग्राम वजन सोने की तस्करी हुई

केरल के संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) वाणिज्य दूतावास के माध्यम से राजनयिक सामान का दुरुपयोग करके सोने की तस्करी में आरोपी लोगों से पूछताछ पर एजेंसियों के सामने चौंकाने वाले विवरण सामने आ रहे हैं। आरोपी और वाणिज्य दूतावास के पूर्व कर्मचारी स्वप्ना और सरिथ, और कार्गो एजेंट संदीप नायर ने स्वीकार किया कि एक वर्ष के भीतर उन्होंने दुबई से केरल तक सोने की तस्करी गतिविधियों को 23 बार अंजाम दिया है और तस्करी किये गए सोने का वजन 152 किलोग्राम है। इसमें 30 किलोग्राम सोने की शलाखों की आखिरी तस्करी भी शामिल है जिसमें वे पकड़े गए। पिछले 22 बार, 9 जुलाई, 2019 को पहली तस्करी से शुरू होकर, उन्होंने विभिन्न थोक गहनों के एजेंटों और दुकानों के लिए 122 किलोग्राम सोने की तस्करी की। जांचकर्ताओं ने कहा कि 30 किलोग्राम की आखिरी खेप लालच और अति आत्मविश्वास के कारण सबसे बड़ी थी।

स्वप्ना वाणिज्य दूतावास की कार्यकारी सचिव थी और सरिथ वाणिज्य दूतावास के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) थे। अन्य सभी आरोपियों और कार्गो एजेंट संदीप नायर की मदद से सरिथ द्वारा व्यक्तिगत रूप से सीमा शुल्क कार्गो खंड से सभी 23 खेपें निकाली गईं। आम तौर पर यूएई के राजनयिक सामान के लिए दावा किया गया था कि उनके गृह-देश के राजनयिकों के लिए खाद्य सामग्री थी और सोने की शलाखों को अन्य वस्तुओं के बीच रखा गया था। पहले की खेपों में, खाद्य पदार्थों के साथ लगभग 5 किलोग्राम से 10 किलोग्राम सोने की छड़ें लाई जाती थीं। इस बार लालच के कारण अभियुक्तों ने 75 किलोग्राम वजनी राजनयिक सामान में 30 किलोग्राम सोने की छड़ें लगाईं।

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के सचिव एम शिवशंकर (आईएएस) को स्वप्ना से उनके करीबी संबंधों के कारण निलंबित कर दिया गया, स्वप्ना हाल में केरल सरकार की एक परियोजना में तैनात थीं।

स्वप्ना को 15 लाख रुपये और सरिथ को प्रत्येक खेप से 10 लाख रुपये मिलते थे। इन खेपों को अन्य आरोपी केरल के व्यवसायी फैसल फरीद द्वारा दुबई में पैक किया जाता था। भारत द्वारा उसका पासपोर्ट रद्द करने के बाद अब उसे दुबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और जल्द ही उसे भारत भेज दिया जाएगा और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और सीमा शुल्क को सौंप दिया जाएगा, जो वर्तमान में मामले की जांच कर रहे हैं।

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इस बीच, यूएई अधिकारी रशीद खामिस अली मुसाईकरी अल्शमेली 7 जुलाई को अपने देश भाग गया। उसके सुरक्षाकर्मी केरल पुलिस के सिपाही ने आत्महत्या करने की कोशिश की। सुरक्षाकर्मी अब खतरे से बाहर है और उम्मीद है कि एनआईए और सीमा शुल्क जल्द ही उससे पूछताछ करेंगे। यह पहली बार नहीं है जब यूएई के राजनयिक सोने की तस्करी में संलिप्त पाए गए हैं। मार्च 2013 में, दिल्ली दूतावास के राजनयिक को भी एक स्वर्ण व्यापारी कमल जैन के साथ पकड़ा गया था, जो दिल्ली हवाई अड्डे से 37 किलोग्राम सोने की शलाखों की तस्करी कर रहे थे[1]

हाल के घटनाक्रमों ने मई 2021 में होने वाले चुनावों के मद्देनजर राज्य व्यापी व्यापक विरोध प्रदर्शन के साथ, केरल की वामपंथी सरकार को पतन की कगार पर छोड़ दिया है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के सचिव एम शिवशंकर (आईएएस) को स्वप्ना से उनके करीबी संबंधों के कारण निलंबित कर दिया गया, स्वप्ना हाल में केरल सरकार की एक परियोजना में तैनात थीं। शिवशंकर स्वप्ना के घर पर एक नियमित आगंतुक थे और उन्होंने 10 वीं कक्षा उत्तीर्ण स्वप्ना को एक आईटी परियोजना में ऑपरेशन मैनेजर के रूप में नियुक्त किया था। शिवशंकर आईटी सचिव भी थे और स्वप्ना 1.70 लाख रुपये प्रति माह के भारी वेतन पर नियुक्त थी। भगवान के अपने देश में सोने की तस्करी शीर्षक वाली टीजी मोहनदास की इस वीडियो रिकॉर्डिंग में शिवसंकर की आइएएस कैडर में संदिग्ध पदोन्नति का विस्तृत विवरण है[2]

संदर्भ:

[1] यूएई और सोने की तस्करी! पहले 2013 में दिल्ली में 37 किलो पकड़ा गया, अब केरल में 30 किलो। अभियुक्त ने राजनयिक सामान द्वारा 12 बार तस्करी को कबूल कियाJul 17, 2020, hindi.pgurus.com

[2] In conversation with T G Mohandas President VHS Kerala on Gold smuggling in God’s own countryJul 17, 2020, PGurus.com

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