अयप्पा भक्त! कृपया इस बार सबरीमाला से दूर रहें। सीपीआई-एम कुछ गड़बड़ करने को है

क्या सीपीआई-एम सरकार सबरिमाला की यात्रा अयप्पा भक्तों के लिए बेहद मुश्किल बना रही है? केंद्र कब कार्यवाही करेगा?

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अयप्पा भक्त! कृपया इस बार सबरीमाला से दूर रहें। सीपीआई-एम कुछ गड़बड़ करने को है
अयप्पा भक्त! कृपया इस बार सबरीमाला से दूर रहें। सीपीआई-एम कुछ गड़बड़ करने को है

अगर पिछले 24 घण्टे की पुलिस कार्यवाही का कोई इशारा है तो वो यह कि केरल में सीपीआई-एम की अगुवाई वाली सरकार सबरीमाला मंदिर को नष्ट करने और भक्तों को डराने के लिए यह सब कर रही है। शनिवार की शाम को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के युवा नेता के सुरेंद्रन की गिरफ्तारी हुई, जो शुरुआत से ही अपने दृष्टिकोण में दृढ़ रहे हैं कि मंदिर परंपराओं को सांप्रदायिकों और कम्युनिस्टों के बुरे क्रियाकलापों से संरक्षित किया जाना चाहिए।

अयप्पा भक्तों को जिसने ज्यादा परेशान किया वह, भक्तों को गिरफ्तार करने में मानव अधिकारों का अधिक उल्लंघन था जो पारंपरिक इरुमुडी के साथ मन्दिर जा रहे थे।

सुरेंद्रन अपने सिर पर परंपरागत इरुमुडी के साथ सबरीमाला के रास्ते जा रहे थे जब एक पुलिस दल ने उन्हें तिरुवनंतपुरम के पास कझाकुट्टम में रोक दिया, इरुमुडी को खींच लिया, उन्हें गिरफ्तार कर लिया और उन्हें पुलिस वाहन, कुख्यात रूप से इडिवंडी (हमलावर और हत्यारों को ले जाया जाता है), में ले जाया गया।

सुरेंद्रन की गिरफ्तारी राज्य में सभी हिंदू संगठनों के पालक संगठन हिंदू आयक वेदी की अध्यक्ष के पी शशिकला की गिरफ्तारी के 24 घंटों के भीतर हुई। शशिकला को गिरफ्तार किया गया, जबकि वह भी इरुमुडी के साथ मंदिर के रास्ते जा रही थी और उसे रांणी पुलिस स्टेशन ले जाया गया जहां उन्होंने रात को अयप्पा भक्ति गीत गाया। विभिन्न हिंदू संगठनों ने ससिकाला की गिरफ्तारी का विरोध करने के लिए शनिवार को केरल में एक हड़ताल का आव्हान किया। महिला नेता, एक लोकप्रिय वक्ता शशिकला को शनिवार दोपहर तिरुवल्ला के उप मंडल मजिस्ट्रेट द्वारा जमानत पर रिहा कर दिया गया।

यहां तक कि  शशिकला और सुरेंद्रन जैसे नेताओं को पुलिस द्वारा गिरफ्तार और हिरासत में लिया गया है, सरकार मंदिर के लिए रेहाना फातिमा और स्वीटी मैरी जैसे कार्यकर्ताओं के सुरक्षित मार्ग को सुनिश्चित कर रही है। उसे भक्तों द्वारा रोक दिया गया था जब वह चेनगानूर से मंदिर में जा रही थी।

अयप्पा भक्तों को जिसने ज्यादा परेशान किया वह, भक्तों को गिरफ्तार करने में मानव अधिकारों का अधिक उल्लंघन था जो पारंपरिक इरुमुडी (वह थैला जो देवता को चढ़ाया गया था जिसे केवल पवित्र स्थान में खोला जा सकता था) के साथ मन्दिर जा रहे थे। इसके अलावा, एक भक्त जो इरुमुडी के साथ मंदिर के रास्ते जा रहा हो उसे तीर्थयात्रा को पूरा करने से रोका नहीं जा सकता।

दिलचस्प बात यह है कि केरल के पत्रकार जो कभी भी बीजेपी और आरएसएस के नेताओं को प्रेस बैठक के दौरान बोलने से रोकने का कोई मौका नहीं छोड़ते, सुरेंद्रन की प्रेस बैठक में पूरे समय मूक बैठे थे।

शनिवार को दो भक्तों की मंदिर की ओर जाने के दौरान ह्रदय गति रुक गयी। मंदिर के रास्ते में तैनात अभूतपूर्व पुलिस बल और सन्निधनं में बन्दोबस्त ने कई भक्तों को परेशान किया, जो इस तरह की पुलिस तैनाती का अनुभव अपने जीवन में पहली बार कर रहे हैं। शनिवार को मरने वाले दोनों भक्त 50 वर्ष से कम आयु के थे और इससे तीर्थयात्रियों की चिंताओं में वृद्धि हुई।

केरल में अन्य जगह, सीपीआई-एम ने सोशलिस्ट डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई), एक इस्लामी चरमपंथी संगठन, जिसे हिंदुओं की हत्या और अपमान करने में विशेषज्ञता प्राप्त है, के समर्थन से केरल के अयप्पा भक्तों पर हमलों की एक श्रृंखला शुरू कर दी। समाचार चैनल जनम टीवी के अनुसार, पूरा राज्य सीपीआई-एम और एसडीपीआई गठबंधन के नियंत्रण में आ गया है और हमले बिना किसी दण्डनीय कार्यवाही के जारी हैं।

दिन की शुरूआत में, सीपीआई-एम मंत्री कदकंपल्ली सुरेंद्रन (तिरुवनंतपुरम के चेंगलचोला का एक पूर्व गैंगस्टर जो अब राजनेता बन गया), जो देवस्वम विभाग का प्रभारी है, ने ससिकला की सबरिमाला की लगातार यात्रा के पीछे के मकसद पर सवाल उठाया। “यह महिला, जो जहर उगलती है, अक्सर सबरीमाला का दौरा कर रही है। वह महीने में दो या तीन बार मन्दिर का दौरा क्यों कर रही है? उसे एक सबक सिखाया जाना चाहिए।” तिरुवनंतपुरम में एक प्रेस बैठक को संबोधित करते हुए सुरेंद्रन ने कहा।

दिलचस्प बात यह है कि केरल के पत्रकार जो कभी भी बीजेपी और आरएसएस के नेताओं को प्रेस बैठक के दौरान बोलने से रोकने का कोई मौका नहीं छोड़ते, सुरेंद्रन की प्रेस बैठक में पूरे समय मूक बैठे थे। वे नतीजों को भलीभांति जानते हैं अगर वे मंत्री से कोई प्रश्न पूछते हैं जो अपने अहंकार और गुस्से के लिए प्रसिद्ध है।

मलयालम टीवी चैनलों द्वारा प्रसारित शाम समाचार बुलेटिन सबरीमाला और आसपास के क्षेत्रों से दयनीय दृश्यों से भरे हुए थे। शौचालयों में बहाव, पीने के पानी की अनुपलब्धता, और उचित सीवेज प्रणाली की अनुपस्थिति ने सबरीमाला को एक समय बम बना दिया है जो किसी भी समय संक्रामक और महामारी संबंधी बीमारियों से विस्फोट कर सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ भक्तों को कोलेरा, टाइफोइड, पीलिया और संक्रामक बीमारियों जैसी बीमारियों के डर से मंदिर से बाहर रहने के लिए कह रहे हैं।

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