राजौरी हमले की जांच करेगी एनआईए, मनोज सिन्हा ने इसकी कड़ी निंदा की

    जम्मू-कश्मीर पुलिस के मुताबिक यह टारगेट किलिंग थी, जिसमें हिंदुओं को निशाना बनाया गया

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    राजौरी हमले की जांच करेगी एनआईए
    राजौरी हमले की जांच करेगी एनआईए

    जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने राजौरी के डांगरी गांव में हुए आतंकी हमले को आतंकवादियों की कायरतापूर्ण हरकत बताया

    जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब स्थित गांव डांगरी को आतंकवादियों ने 24 घंटे के अंदर दो बार निशाना बनाया। आज सुबह गांव में आईईडी ब्लास्ट हुआ, जिसमें 2 लोग जख्मी हो गए। इससे पहले 1 जनवरी की शाम करीब 7 बजे दो नकाबपोश आतंकी गांव में घुसे और 3 घरों पर अंधाधुन गोलीबारी करनी शुरू कर दी। आतंकियों ने फायरिंग करने से पहले लोगों के आधार कार्ड चेक किए। जम्मू-कश्मीर पुलिस के मुताबिक यह टारगेट किलिंग थी, जिसमें हिंदुओं को निशाना बनाया गया। कल और आज हुए आतंकी हमले में एक बच्चे समेत 5 मासूम नागरिकों की मौत हुई है और 7 लोग घायल हुए हैं। घायलों को इलाज जम्मू के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। आज सुबह हुए आईईडी ब्लास्ट के बाद सुरक्षा बलों ने ड्रोन के जरिए सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान डांगरी गांव में एक और आईईडी प्लांट की हुई मिली, जिसे बम डिस्पोजल की टीम ने डिफ्यूज कर दिया।

    इस हमले की जांच में सहयोग के लिए एनआईए की टीम राजौरी जाएगी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी तफ्तीश में जम्मू-कश्मीर पुलिस का सहयोग करेगी, और अपने स्तर पर साक्ष्य जुटाएगी। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने राजौरी के डांगरी गांव में हुए आतंकी हमले को आतंकवादियों की कायरतापूर्ण हरकत बताया है। उन्होंने ट्वीट में लिखा, ‘मैं राजौरी में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले की कड़ी निंदा करता हूं। मैं लोगों को विश्वास दिलाता हूं कि इस घृणित हमले के पीछे जो लोग हैं उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। मेरे विचार और प्रार्थनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। इस कायरतापूर्ण हमले में शहीद हुए प्रत्येक नागरिक के निकट संबंधी को 10 लाख और एक सरकारी नौकरी दी जाएगी। गंभीर रूप से घायलों को 1 लाख रुपये दिए जाएंगे। अधिकारियों को घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।’

    डांगरी गांव, राजोरी से करीब 8 किलोमीटर दूर है। जम्मू के एडीजीपी मुकेश सिंह ने बताया कि अपर डांगरी गांव में दो हथियारबंद आतंकियों ने नागरिकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं। तीन घरों को निशाना बनाकर फायरिंग की गई, जो एक दूसरे से 50 मीटर दूरी पर स्थित हैं। चश्मदीदों के हवाले से पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शाम करीब 7 बजे आतंकी सबसे पहले एक घर में घुसे और सदस्यों के आधार कार्ड देखने के बाद फायरिंग शुरू कर दी। उसके बाद आतंकियों ने एक-एक कर आसपास के 2 अन्य घरों को निशाना बनाकर अंधाधुंध फायरिंग की। इसमें 10 लोग गंभीर रूप से घायल हुए जिन्हें राजोरी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. महमूद ने बताया कि 3 लोग हमारे पास मृत अवस्था में ही आए थे।

    उन्होंने बताया कि घायलों को कई गोलियां लगी हैं। बाद में एक और घायल ने दम तोड़ दिया। अन्य 6 घायलों को जम्मू शिफ्ट किया गया है। इनमें से एक 5 साल के बच्चे की आज मौत हो गई। आतंकी हमले में मारे गए सतीश कुमार के भाई संजय कुमार ने बताया कि आतंकियों ने मुंह पर लाल रंग का मास्क पहन रखा था। उन्होंने आधार कार्ड देखकर पहचान निर्धारित की फिर फायरिंग शुरू की। डांगरी गांव के सरपंच धीरज शर्मा ने बताया कि गांव के बीचो-बीच आतंकियों ने लोगों की पहचान कर हमला किया। स्थानीय लोग ही घायलों को अस्पताल लेकर पहुंचे। आतंकी हमले के विरोध में राजोरी अस्पताल में लोगों ने प्रदर्शन किया गया। लोगों ने आरोप लगाया कि लगातार खतरे के बाद भी जिला प्रशासन ने विलेज डिफेंस ग्रुप के सदस्यों के हथियार वापस ले लिए हैं।

    [आईएएनएस इनपुट के साथ]

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