भारत में 10% से भी कम कारों में 6 एयरबैग की सुविधा; ऑटो कंपनियां क्यों कर रही हैं इसका विरोध!

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक ऑटो उद्योग का मानना है कि ज्यादातर खरीदार ज्यादा एयरबैग के ऑप्शन के साथ आने वाले मॉडल में भी सस्ते वेरिएंट का ऑप्शन चुनते हैं।

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भारत में 10% से भी कम कारों में 6 एयरबैग की सुविधा
भारत में 10% से भी कम कारों में 6 एयरबैग की सुविधा

भारत में दुनिया की सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं होती हैं!

भारत की सड़कों पर चलने वाले कम से कम 90% वाहन 6 एयरबैग के साथ नहीं आते हैं। यह सबसे जरूरी सेफ्टी फीचर्स केवल महंगी गाड़ियों तक ही सीमित है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक ऑटो उद्योग का मानना है कि ज्यादातर खरीदार ज्यादा एयरबैग के ऑप्शन के साथ आने वाले मॉडल में भी सस्ते वेरिएंट का ऑप्शन चुनते हैं। इस वजह से देश में दो से ज्यादा एयरबैग वाली कारों की हिस्सेदारी कम है।

देश में बिकने वाली कारों में अब टू-एयरबैग फीचर स्टैंडर्ड रूप दिया जा रहा है। हालांकि, पहले ऐसा नहीं था। कुछ कंपनियां सिर्फ एक एयरबैग के साथ ही कारें बेच रहीं थी। बाद में सरकार ने कार में दो एयरबैग को अनिवार्य कर दिया। इससे सभी कार कंपनियों को इस साल जनवरी से अपग्रेड करने के लिए मजबूर होना पड़ा

दुनिया की सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं भारत में होती हैं। सरकार का मानना है कि वाहनों को ज्यादा एयरबैग से लैस करने से सड़कों पर लोगों की जान जाने की संख्या को कम करने में मदद मिलेगी। भारत में दुनिया भर के वाहनों की संख्या का सिर्फ 1% है, लेकिन सड़क पर होने वाली मौतों में इसकी हिस्सेदारी 11% है।

दूसरी तरफ सरकार सभी कारों में ज्यादा सेफ्टी फीचर्स मुहैया कराने के लिए कंपनियों पर दबाव बना रही है। हालांकि, ऑटो उद्योग के एक वर्ग का तर्क है कि मृत्यु दर में कटौती करने के लिए सीट बेल्ट नियमों को बेहतर ढंग से लागू करने, ड्रिंक एंड ड्राइव, स्पीड लिमिट और रॉन्ग-लेन ड्राइविंग जैसे मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने अक्टूबर 2022 से सभी कारों में 6 एयरबैग अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन अभी ऐसा लग रहा है कि फिलहाल यह संभव नहीं है। ऑटो उद्योग का एक वर्ग इस नियम के खिलाफ है। वहीं, मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को कहा कि इस योजना पर अभी काम चल रहा है।

गडकरी ने कार निर्माताओं से सवाल किया कि जब वे 6 एयरबैग वाली कारों का निर्यात कर रहे थे तो कुछ कार कंपनियां इस सेफ्टी फीचर का विरोध क्यों कर रही हैं। इससे पहले उन्होंने कहा था कि कारों में 6 एयरबैग से 2020 में 13,000 से अधिक लोगों की जान बचाई जा सकती थी। ऑटो उद्योग और सरकारी सूत्रों ने कहा कि ज्यादातर खरीदार 6 एयरबैग के ऑप्शन के साथ आने वाले मॉडल में भी दो-एयरबैग वेरिएंट चुनते हैं, इसलिए कंपनियां इसको लेकर जल्दी में नहीं हैं।

[आईएएनएस इनपुट के साथ]

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