सीआरपीएफ में शीर्ष स्थान संभालेंगी महिला अधिकारी, आईजी सीमा धुंडिया को बिहार सेक्टर का नेतृत्व!

उपलब्धि हासिल करने वाली महिला अधिकारी हैं आईजी सीमा धुंडिया और आईजी एनी अब्राहम।

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सीआरपीएफ में शीर्ष स्थान संभालेंगी महिला अधिकारी
सीआरपीएफ में शीर्ष स्थान संभालेंगी महिला अधिकारी

पहली बार दो महिला अधिकारियों को सीआरपीएफ के बिहार सेक्टर और आरएफ (रैपिड एक्शन फोर्स) का प्रमुख बनाया गया है।

ऐसा पहली बार हो रहा है जब केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने अपनी स्थापना के 35 सालों में किसी महिला अधिकारी को प्रोमोट करके महानिरीक्षक बनाया है। 1987 में स्थापित हुए बल में पहली बार दो महिला अधिकारियों को सीआरपीएफ के बिहार सेक्टर और आरएफ (रैपिड एक्शन फोर्स) का प्रमुख बनाया गया है। यह उपलब्धि हासिल करने वाली महिला अधिकारी हैं आईजी सीमा धुंडिया और आईजी एनी अब्राहम। आईजी सीमा धुंडिया को बिहार सेक्टर का नेतृत्व करने का जिम्मा मिला है वहीं आईजी एनी अब्राहम, 1992 में स्थापित हुई सीआरपीएफ की रैपिड एक्शन फोर्स का नेतृत्व संभालेंगी। एनी अब्राहम की हाल ही में आईजी के तौर पर पदोन्निति हुई थी।

सैनिक के तौर पर महिलाओं को सशक्त बनाने का सीआरपीएफ का इतिहास रहा है। 1986 में देश में पहली महिला बटालियन स्थापित करने का गौरव भी सीआरपीएफ को ही हासिल है। संयोग से दोनों महिला अधिकारी, सीमा धुंडिया और एनी अब्राहम महिला अधिकारियों के पहले बैच की हैं। दोनों ही 1987 में बल में शामिल हुई थीं। दोनों का ही करियर शानदार, चुनौतियों और उपलब्धियों से भरा रहा है।

आईजी सीमा धुंडिया की तैनाती देश के कई चुनौतीपूर्ण और संवेदनशील इलाकों में रही है जहां रहकर उन्होंनें अपनी बहुमूल्य सेवाएं प्रदान कीं और दूसरी महिला बटालियन को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाई। वह लाइबेरिया में संयुक्त राष्ट्र मिशन में पहली महिला एफपीयू की आकस्मिक कमांडर भी रहीं और आरएएफ में डीआईजी के रूप में कार्यरत रहीं।

वहीं आईजी एनी अब्राहम भी लाइबेरिया के संयुक्त राष्ट्र मिशन में सभी महिला एफपीयू की कमान संभालने के अलावा, फोर्स मुख्यालय में डीआईजी इंटेलीजेंस, कश्मीर ऑपरेशन सेक्टर में डीआईजी ऑपरेशन और डाईआजी सेंट्रल रिज़र्व और विजलेंस में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। दोनों ही अधिकारी अपनी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पदक, सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक और अति उत्कृष्ट सेवा पदक सहित कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित हो चुकी हैं।

दोनों महिलाओं की नियुक्ति उनकी दक्षता का प्रमाण है। गौरतलब है कि 2023 की गणतंत्र दिवस परेड के लिए गृहमंत्रालय ने महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित झांकी के निर्माण की जिम्मेदारी सीआरपीएफ को सौंपी है।

[आईएएनएस इनपुट के साथ]

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