भारत सरकार ने ट्विटर के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। रद्द करने के लिए 1178 भारत-विरोधी हैंडल की सूची दी। ट्विटर इंडिया के नीति प्रमुख ने इस्तीफा दिया!

आखिरकार भारत सरकार ने ट्विटर पर कार्यवाही की। भारत के नीति प्रमुख (पॉलिसी हेड) ने दिया इस्तीफा!

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आखिरकार भारत सरकार ने ट्विटर पर कार्यवाही की। भारत के नीति प्रमुख (पॉलिसी हेड) ने दिया इस्तीफा!
आखिरकार भारत सरकार ने ट्विटर पर कार्यवाही की। भारत के नीति प्रमुख (पॉलिसी हेड) ने दिया इस्तीफा!

भारत सरकार द्वारा प्रबंधित 1178 भारत विरोधी हैंडल को हटाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर अपना रुख सख्त किया

पाकिस्तान और खालिस्तानी उपयोगकर्ताओं (यूजर्स) द्वारा चलाये जा रहे 1178 भारत विरोधी प्रचार हैंडलों को हटाने के लिए भारत सरकार द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर अपना रुख सख्त करने के साथ, ट्विटर इंडिया की सार्वजनिक नीति प्रमुख महिमा कौल ने इस्तीफा दे दिया। कई लोगों के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा जिन 257 हैंडल के ब्लॉक करने की मांग की गयी थी उनको ट्विटर द्वारा डी-ब्लॉक (फिर चालू कर देना) किए जाने के बाद कौल को क्रोध का सामना करना पड़ रहा था। ट्विटर ने पाकिस्तानियों और खालिस्तानी तत्वों द्वारा संचालित किए जा रहे 1178 हैंडल को ब्लॉक करने के नवीनतम आदेश का अनुपालन नहीं किया है। सूत्रों के मुताबिक, ट्विटर ने सरकार को जवाब दिया कि कंपनी “मुक्त अभिव्यक्ति के अपने मूलभूत सिद्धांत की रक्षा” करते हुए भी स्थानीय कानूनों का सम्मान करती है।

मंत्रालय ने किसानों के विरोध के बीच पाकिस्तान और खालिस्तान समर्थक हमदर्दों या विदेशी क्षेत्रों से संचालित होने वाले ट्विटर एकाउंट्स, जिन्हें सुरक्षा एजेंसियों द्वारा चिह्नित किया गया, की ताजा सूची को साझा किया। एक अधिकारी ने कहा, “इनमें से कई एकाउंट्स स्वचालित बॉट भी थे जो किसानों के विरोध प्रदर्शन पर गलत सूचना और उत्तेजक सामग्री को साझा करने और फैलाने के लिए उपयोग किए जा रहे थे।”

यदि यह किसी विशेष अधिकार क्षेत्र में अवैध निर्धारित है, लेकिन ट्विटर के नियमों का उल्लंघन नहीं है, तो हम केवल स्थान विशेष में सामग्री तक पहुंच को रोक सकते हैं। सभी मामलों में, हम एकाउंट यूजर को सीधे सूचित करते हैं ताकि वे अवगत हों कि हमें एकाउंट से संबंधित एक कानूनी आदेश मिला है।

हाल ही में कई दक्षिणपंथी ट्विटर उपयोगकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ महिमा कौल के पुराने अपमानजनक ट्वीट्स को खोद निकाला। पुराने ट्वीट्स से, यह दिखाई दे रहा था कि महिमा कौल 2010 और 2011 में मोदी के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रही थीं। अधिकारियों के अनुसार, ट्विटर को भारत सरकार के आदेशों का पालन करना होगा और ऐसा करने से इनकार करना सोशल मीडिया कंपनी द्वारा विभिन्न कानूनों का उल्लंघन होगा। “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर ट्विटर का रुख एक बहाना है। वे सिर्फ एक मंच हैं और उन्हें कानूनों का पालन करना चाहिए अन्यथा वे अभियोजन का सामना करेंगे।”

इस खबर को अंग्रेजी में यहाँ पढ़े।

इससे पहले, 31 जनवरी को, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इसी तरह के कारणों के लिए अवरुद्ध (ब्लॉक) किए जाने वाले 257 हैंडल और ट्वीट्स की एक सूची भेजी थी। ट्विटर ने कुछ ही घंटे के लिए इन एकाउंट्स को ब्लॉक कर, फिर कुछ ही समय बाद एकतरफा रूप से उन्हें अनब्लॉक (फिर से शुरू) कर दिया था। हाल ही में मंत्रालय ने किसानों के विरोध के बीच सार्वजनिक व्यवस्था को क्षति पहुँचाने की धमकी देने वाले पाकिस्तान और खालिस्तान समर्थक हमदर्दों या विदेशी क्षेत्रों से संचालित होने वाले ट्विटर एकाउंट्स, जिन्हें सुरक्षा एजेंसियों द्वारा चिह्नित किया गया, की ताजा सूची को साझा किया।

अधिकारियों ने कहा, “इनमें से कई एकाउंट्स स्वचालित बॉट भी थे जो किसानों के विरोध प्रदर्शन पर गलत सूचना और उत्तेजक सामग्री को साझा करने और फैलाने के लिए उपयोग किए जा रहे थे।” अधिकारियों ने यह भी कहा कि भारत सरकार ने ट्विटर के सीईओ जैक डोर्सी के रवैये पर भी ध्यान दिया है जिन्होंने किसानों के विरोध प्रदर्शन सहित कई भारत विरोधी ट्वीट लाइक किये हैं। अधिकारियों ने कहा, “सरकार ट्विटर के सीईओ द्वारा कुछ हस्तियों के भारत विरोधी ट्वीट्स को लाइक करने का विरोध करती है, क्योंकि यह ट्विटर के सीईओ की निष्पक्षता पर सवाल उठाता है।”

एक ट्विटर प्रवक्ता ने कहा कि प्लेटफॉर्म को पारदर्शिता और सार्वजनिक बातचीत को सशक्त बनाने के सिद्धांतों द्वारा निर्देशित किया गया था। प्रवक्ता ने कहा – “अगर हमें ट्विटर पर संभावित अवैध सामग्री के बारे में वैध कानूनी अनुरोध प्राप्त होता है, तो हम इसकी समीक्षा ट्विटर के नियमों और स्थानीय कानून दोनों के तहत करते हैं। यदि सामग्री ट्विटर के नियमों का उल्लंघन करती है, तो सामग्री को हटा दिया जाएगा।”

प्रवक्ता ने कहा – “यदि यह किसी विशेष अधिकार क्षेत्र में अवैध निर्धारित है, लेकिन ट्विटर के नियमों का उल्लंघन नहीं है, तो हम केवल स्थान विशेष में सामग्री तक पहुंच को रोक सकते हैं। सभी मामलों में, हम एकाउंट यूजर को सीधे सूचित करते हैं ताकि वे अवगत हों कि हमें एकाउंट से संबंधित एक कानूनी आदेश मिला है। हमारा लक्ष्य स्थानीय कानून का सम्मान करते हुए स्वतंत्र अभिव्यक्ति के हमारे मूलभूत सिद्धांतों की रक्षा करना है।” ट्विटर की प्रतिक्रिया पर पलटवार करते हुए, मंत्रालय के कई अधिकारियों ने कहा कि ट्विटर को भारत के कानूनों का पालन करना होगा और वे न्यायाधीश और न्यायपालिका की तरह बर्ताव नहीं कर सकते और सरकार के आदेशों का पालन नहीं करने पर अभियोजन का सामना करेंगे।

इस बीच, फरवरी के मध्य तक, सर्वोच्च न्यायालय द्वारा वकील मेहेक माहेश्वरी की याचिका पर सुनवाई करने की उम्मीद है, वे ट्विटर और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के लिए नियामक तंत्र की मांग कर रही हैं। अपनी याचिका में मेहेक माहेश्वरी ने अपने वैचारिक विरोधियों के खिलाफ ट्विटर के राजनीतिक पूर्वाग्रह और शेडो बैन (प्रतिबंध) तरह की चालों को विस्तृत रूप दिया है[1]

संदर्भ:

[1] Petition in Supreme Court for regulatory mechanism for Social media platforms like Twitter. Accuses Twitter for bias, shadow ban and change of algorithmJan 05, 2021, PGurus.com

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