अलीबाबा पर दो साल की कार्रवाई के बाद चीन ने अरबपति जैक मा को यूरोप की यात्रा करने की अनुमति दी

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जैक मा के कुछ भाषणों ने उन्हें शी जिनपिंग शासन के लिए व्यक्तिगत रूप से आंख की किरकिरी बना दिया, जिसने उन्हें पिछले दो वर्षों से मौन अवस्था में डाल दिया है।

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अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जैक मा के कुछ भाषणों ने उन्हें शी जिनपिंग शासन के लिए व्यक्तिगत रूप से आंख की किरकिरी बना दिया, जिसने उन्हें पिछले दो वर्षों से मौन अवस्था में डाल दिया है।
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जैक मा के कुछ भाषणों ने उन्हें शी जिनपिंग शासन के लिए व्यक्तिगत रूप से आंख की किरकिरी बना दिया, जिसने उन्हें पिछले दो वर्षों से मौन अवस्था में डाल दिया है।

2 साल की कार्रवाई के बाद जैक मा की पहली विदेश यात्रा

दो साल की कार्रवाई के बाद, चीन ने ई-कॉमर्स दिग्गज के संस्थापक अरबपति जैक मा को यूरोप की यात्रा करने की अनुमति दे दी। चीनी मीडिया का कहना है कि जैक मा स्पेन में हैं और उन्हें “कृषि अध्ययन दौरे” के लिए यूरोप जाने की अनुमति दी गयी है। जैक के स्वामित्व वाले हॉन्गकॉन्ग स्थित साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने सूचना दी कि यूरोप जाने से पहले, जैक मा अपने परिवार के साथ शांतिपूर्ण “निजी समय” बिताने के लिए हांगकांग में थे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि, जैक मा पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर कृषि और प्रौद्योगिकी अध्ययन दौरे के लिए फिलहाल स्पेन में हैं। शी जिनपिंग शासन ने 2019 के अंत में जैक मा पर एकाधिकार विरोधी नियमों के उल्लंघन के आरोप के तहत कार्यवाही की थी। लेकिन कई लोगों का कहना है कि जैक मा “हद से ज्यादा बढ़ गए” और विदेशों में उनके कुछ भाषण चीनी सरकार को बिल्कुल पसंद नहीं आये थे। ऐसे अनुमानों की खबरें भी आईं कि चीनी कम्युनिस्ट शासन ने उन्हें जेल में डाल दिया है और यहां तक​​कि उनकी हत्या तक कर दी गई है।

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वह कई व्यापारिक बैठकों और कृषि अध्ययन दौरे के लिए यूरोप में होंगे। एक साल से अधिक समय में यह उनकी पहली विदेश यात्रा होगी। पोस्ट की रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे पहले, जैक मा 2018 में हर तीन दिनों में से एक में यात्रा करते थे। अरबपति 2019 में अपने 55 वें जन्मदिन पर अलीबाबा के अध्यक्ष के रूप में सेवानिवृत्त हुए, जिससे उनके अचानक पद छोड़ने के फैसले के बारे में अटकलें तेज हो गईं। अलीबाबा के कार्यकारी उपाध्यक्ष, उनके करीबी सहयोगी जोसेफ त्साई ने फर्म के खिलाफ हो रही कार्रवाई के दौरान जनता के समक्ष जैक की लंबी अनुपस्थिति की काल्पनिक रिपोर्टों के बारे में कहा था – “वे अभी छिपे हुए हैं।”

अलीबाबा एक तूफानी 2020 से गुजरा, जैक मा को राष्ट्रीय नियामकों द्वारा समन भेजा गया, जब उन्होंने पारंपरिक चीनी बैंकों की तुलना “ब्याजखोर दुकानों” से की और सवाल किया कि क्या बेसल समझौते – वैश्विक बैंकिंग नियामक सिफारिशों का एक सेट – चीन के लिए उपयुक्त है। जल्द ही चीनी सरकार ने अलीबाबा में एक अविश्वास जांच शुरू की और एकाधिकार प्रथाओं के लिए तकनीकी दिग्गज पर 2.8 बिलियन अमरीकी डालर का रिकॉर्ड जुर्माना लगाया।

अलीबाबा को पिछले साल एक बड़ा झटका लगा जब शंघाई स्टॉक एक्सचेंज ने समूह की सहायक कंपनी – एंट ग्रुप के 39.7 बिलियन अमरीकी डालर के दुनिया के सबसे बड़े प्रारंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव के शेयरों की दोहरी सूची को निलंबित कर दिया, और यह बहुप्रतीक्षित व्यापार शुरू होने से 48 घंटे पहले किया गया। भारत की मोबाइल फोन से पैसे ट्रांसफर करने वाली कंपनी पे टीएम के पास भी जैक मा नियंत्रित फर्मों के काफी शेयर थे।

गरीब परिवार में पैदा हुए जैक मा अचानक बढ़े और चीनी कम्युनिस्ट शासन के समर्थन से दुनिया के लिए चीन का सबसे जाना माना चेहरा बन गए। लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उनके कुछ भाषणों ने उन्हें शी जिनपिंग शासन के लिए व्यक्तिगत रूप से आंख की किरकिरी बना दिया, जिसने उन्हें पिछले दो वर्षों से साइलेंट मोड (मौन) में डाल दिया है।

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