अंत में कानून ने नकली स्कीम चलाने वाली कुख्यात सरगना नोहेरा शेख को पकड़ लिया

नोहेरा को लोगों को ठगने के उसके कुख्यात तरीकों और योजनाओं के लिए ईडी ने गिरफ्तार किया।

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नोहेरा को लोगों को ठगने के उसके कुख्यात तरीकों और योजनाओं के लिए ईडी ने गिरफ्तार किया।
नोहेरा को लोगों को ठगने के उसके कुख्यात तरीकों और योजनाओं के लिए ईडी ने गिरफ्तार किया।

कानून के लंबे हाथ आखिरकार नोहेरा शेख तक पहुँच ही गए।

नोहेरा शेख, जिसने दो लाख से अधिक निवेशकों को बेवकूफ बनाया, अब उसे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नकली सूक्ष्म वित्तीय कृत्य और स्वर्ण वितरण, और अवैध इस्लामिक बैंकिंग-फाइनेंस स्कीमों में पकड़ा है। उसने पिछले 15 वर्षों से धर्म और कुटिलता का उपयोग करते हुए कई धोखाधड़ी कीं, इसके समर्थन के लिए उसे बिके हुए राजनेताओं और चाटुकार मीडिया हाउसों से, जिन्होंने उसकी अवैध नकली योजनाओं हेतु करोड़ों-अरबों के विज्ञापन स्वीकार किए। उसने और उसकी फर्म हीरा ग्रुप ने अवैध सोने के आयात योजना में निवेश के जरिए बड़े रिटर्न का वादा करके भारत और खाड़ी क्षेत्र में निवेशकों को धोखा दिया। जांचकर्ताओं का मानना है कि उसने लाखों लोगों को धोखा देकर 3000 करोड़ रुपये से अधिक इकट्ठा किया।

तिरुपति में एक गरीब परिवार में जन्मी, नोहेरा शेख (45) ने सब्जी विक्रेता के रूप में अपना पहला व्यवसाय शुरू किया। उसने कक्षा -12 में पढ़ाई छोड़ दी और उसने अपने नाम के साथ डॉक्टरेट की उपाधि लगा ली। नोहेरा पहली बार 2013 में कांग्रेस शासन के दौरान तिरुपति मंदिर से संबंधित क्षेत्र में एक अवैध ‘अंतर्राष्ट्रीय इस्लामिक विश्वविद्यालय‘ बनाकर विवादों में आई थी। उसने दावा किया कि उसने श्रीलंका के एक विश्वविद्यालय से इस्लामिक स्टडीज में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की थी और मदरसे से वरिष्ठ पाठ्यक्रमों में भाग लिया था।

यहां तक कि उसने सोने के आयात और लोगों को बेवकूफ बनाने के लिए अफ्रीकी देशों में भी ऑपरेशन शुरू किया। उसने बड़ी चतुराई से धर्म को अपने व्यवसाय में मिलाया और अपनी फर्मों में निवेश करके “ब्याज के खिलाफ और लाभ को प्राथमिकता” का प्रचार किया।

जब विवाद छिड़ गया, तो उसने अवैध इस्लामिक विश्वविद्यालय परियोजना को छोड़ दिया और अपने रसूख के कारण कानूनी कार्यवाहियों से बच गई। तिरुपति मंदिर के पास इस्लामिक विश्वविद्यालय स्थापित करने पर कई विवाद थे[1]। कई मीडिया हाउस सभी अवैधताओं को जानते थे, लेकिन चुप रहे और अपने हीरा ग्रुप के बड़े बजट के विज्ञापनों को स्वीकार कर रहे थे। यह व्यापक रूप से माना जाता है कि वह कई हवाला कारोबारियों और उनके संरक्षक राजनेताओं के लिए एक मोर्चे के रूप में काम कर रही है। जांचकर्ताओं का मानना है कि आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु के कई राजनेताओं ने उसे उनके काले धन को वैध बनाने के लिए सभी प्रकार की नकली योजनाओं को चलाने की अनुमति दी।

नोहेरा शेख ने 2007 में शादी की और 2014 में तलाक ले लिया और उसकी एक बेटी है। 80 के दशक के मध्य से, उसने गरीब महिलाओं के माध्यम से सूक्ष्म वित्तपोषण योजनाओं में काम किया और दक्षिण भारत और मुंबई में अपनी नकली स्कीमों से संबंधित गतिविधियों का विकास किया। जांचकर्ताओं ने पाया कि उसने लगभग 20 कंपनियों को 300 बैंक खातों के साथ निर्मित किया था और 2010 के बाद से सभी खाड़ी देशों में कारोबार कर रही हैं। उसके ठगी के बारे में हजारों शिकायतों के कारण, अक्टूबर 2018 में, वह ईडी और भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड (सेबी) सहित अन्य एजेंसियों के रडार पर आ गई। मुंबई में ऑपरेशन शुरू करने के बाद उसकी परेशानी शुरू हो गई। कई लोग उसके अवैध इस्लामी वित्तपोषण और बैंकिंग के तरीकों के बारे में शिकायत करने लगे[2]

2012 में, हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने उसके खिलाफ फर्जी वित्तीय योजनाओं के जरिए हजारों लोगों को ठगने की शिकायत दर्ज की थी। ऐसे आरोप थे कि कांग्रेस नेताओं ने उसे हैदराबाद सांसद की शिकायत से बचाया। 2016 में, नोहेरा शेख ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें उसके तलाकशुदा पति पर उसकी बच्ची को छोड़ने के लिए फिरौती के रूप में 10 किलोग्राम सोना मांगने का आरोप लगाया गया। उसका पूर्व पति मोहम्मद सनाउल्लाह कुरैशी, जिन्हें सलमान के नाम से जाना जाता है, रियल एस्टेट का कारोबार करता है और उसने अपनी पत्नी पर दुबई से 200 किलोग्राम सोने की तस्करी का आरोप लगाया है।

2017 में, उसने देश के सभी मीडिया स्त्रोतों पर करोड़ों रुपये के विज्ञापनों के साथ अखिल भारतीय महिला सशक्तिकरण पार्टी नामक एक राजनीतिक पार्टी भी शुरू की। 2018 के कर्नाटक विधानसभा चुनावों में, उसने सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारे और मीडिया में विज्ञापन दिए जा रहे थे।

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यहां तक कि उसने सोने के आयात और लोगों को बेवकूफ बनाने के लिए अफ्रीकी देशों में भी ऑपरेशन शुरू किया। उसने बड़ी चतुराई से धर्म को अपने व्यवसाय में मिलाया और अपनी फर्मों में निवेश करके “ब्याज के खिलाफ और लाभ को प्राथमिकता” का प्रचार किया। माना जाता है कि उसने अपनी नकली सोने की निवेश योजनाओं के माध्यम से दो लाख से अधिक लोगों को ठगा है। यहां तक कि खाड़ी के समाचार पत्रों ने ईडी द्वारा उसकी गिरफ्तारी की सूचना दी[3]

सन्दर्भ:

[1] Tirupati rises as one against Islamic varsityOct 21, 2013, The Pioneer

[2] Nowhera Shaikh: From trading gold to launching a party, her career was full of twistsNov 5, 2018, The Times of India

[3] Heera Group Ponzi scam mastermind gets 7-day custodyMay 15, 2019, GulfNews.com

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