सुब्रमण्यम स्वामी ने लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि वे सोनिया गांधी को फिर से कैंब्रिज विश्वविद्यालय की योग्यता पर झूठ बोलने हेतु दंडित करें

स्वामी ने, सोनिया गांधी को अपनी शिक्षा के बारे में झूठ फैलाने हेतु, फिर से पकड़ लिया!

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स्वामी ने, सोनिया गांधी को अपनी शिक्षा के बारे में झूठ फैलाने हेतु, फिर से पकड़ लिया!
स्वामी ने, सोनिया गांधी को अपनी शिक्षा के बारे में झूठ फैलाने हेतु, फिर से पकड़ लिया!

भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने सोमवार को फिर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से शिकायत की और कहा कि लोकसभा की वेबसाइट पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा अपनी शैक्षणिक योग्यता के तौर पर कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से एक सर्टिफिकेट कोर्स के फर्जी दावे पर कार्यवाही की जाए। स्मरण पत्र में, स्वामी ने आग्रह किया कि अध्यक्ष को बार-बार धोखाधड़ी के लिए सोनिया को “दंडित” करना चाहिए। दो महीने पहले स्वामी ने सोनिया गांधी के बारे में बिड़ला से शिकायत की थी कि वे लोकसभा वेबसाइट के व्यक्तिगत जानकारी वाले पेज पर कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी की योग्यता के बारे में फिर से फर्जी दावा कर रही हैं [1]

दस्तावेजों के साथ अपनी विस्तृत तीन पेज की शिकायत में, सुब्रमण्यम स्वामी ने बताया कि 1999 में, उनकी शिकायत के आधार पर तत्कालीन अध्यक्ष मनोहर जोशी ने सोनिया गांधी से स्पष्टीकरण मांगा था और सोनिया ने यह स्वीकार किया था कि यह “टाइपिंग की गलती” थी। स्वामी ने आग्रह किया कि अध्यक्ष को अभिलेखों की जाँच करना चाहिए और सोनिया से स्पष्टीकरण मांगना चाहिए कि उन्होंने फिर से अपनी झूठी शैक्षणिक योग्यता क्यों बताई और उन्हें बार-बार अपराध करने के कारण दंड दिया जाना चाहिए।

सोनिया गांधी की प्राथमिक शिक्षा इटली से हुई, फिर वह नौकरी के लिए लंदन गयीं और उन्हें कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के पास कैंटीन में नौकरी मिली, जहां वे राजीव गांधी से मिलीं और उनकी पत्नी बन गईं।

स्वामी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिडला से कहा – “मेरा अनुरोध, इसलिए, यह अध्यक्ष मनोहर जोशी को मेरी पूर्व शिकायत के आधार पर सत्यापन का एक बहुत ही साधारण मामला है, जिसे अमल में लाया जा सकता है। इसलिए कृपया संसद के रिकॉर्ड को सुधारने के लिए उचित कार्रवाई करें। हमारे देश में, शैक्षणिक योग्यता बहुत महत्वपूर्ण है और अत्यधिक प्रयास के बाद प्राप्त की जाती है। इसलिए, हमारी संस्कृति ने शैक्षिक योग्यता को इतना उच्च मूल्य दिया है। इसलिए संसद की गरिमा बनाए रखने के हित में, यदि यह उचित हो तो, यदि अध्यक्ष कार्यालय के रिकॉर्ड के अनुसार मेरे आरोप सटीक हों तो श्रीमति सोनिया गांधी को दंडित किया जाए।” दस्तावेज़ के साथ स्वामी की तीन पेज की शिकायत इस लेख के नीचे प्रकाशित की गयी है।

इस खबर को अंग्रेजी में यहाँ पढ़े।

सोनिया गांधी की फर्जी कैम्ब्रिज शिक्षा योग्यता का विवाद

1999 में अमेठी से पहली बार सांसद बनने के बाद, सोनिया गांधी ने अपने चुनावी हलफनामे में और लोकसभा वेबसाइट पर दावा किया कि उन्होंने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से डिग्री प्राप्त की है। सुब्रमण्यम स्वामी विश्वविद्यालय गए और उन्हें जवाब मिला कि कैंब्रिज विश्वविद्यालय में ऐसी कोई छात्रा अध्ययनरत नहीं रही। स्वामी की शिकायत के बाद, सोनिया गांधी ने कहा कि यह एक टाइपिंग त्रुटि थी और उनकी वास्तविक शैक्षणिक योग्यता विश्वविद्यालय के पास लेनोक्स कुक स्कूल नामक संस्थान से कुछ महीनों की अंग्रेजी भाषा का प्रमाण पत्र थी। रिकॉर्ड के अनुसार अंग्रेजी भाषा प्रमाण पत्र देने वाला यह छोटा सा संस्थान 1966 में बन्द हो गया था। उन दिनों इटली और अन्य गैर-अंग्रेजी भाषी देशों से अंग्रेजी बोलने वाले प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए लोग आते थे। दरअसल, सोनिया गांधी की प्राथमिक शिक्षा इटली से हुई, फिर वह नौकरी के लिए लंदन गयीं और उन्हें कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के पास कैंटीन में नौकरी मिली, जहां वे राजीव गांधी से मिलीं और उनकी पत्नी बन गईं।

स्वामी इस मामले को सर्वोच्च न्यायालय तक ले गए, जहां तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश के जी बालाकृष्णन ने स्वामी से “बड़ा हृदय” दिखाने का आग्रह किया और कहा कि सोनिया ने स्वीकार किया है कि यह “टाइपिंग त्रुटि” थी। अब सोनिया गांधी द्वारा फिर से लोकसभा में व्यक्तिगत जानकारी के तौर पर कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रमाण पत्र के फर्जी दावे के बाद स्वामी ने विवाद को उठाया है…

सुब्रमण्यम स्वामी का विस्तृत पत्र नीचे प्रकाशित किया गया है:

Subramanian Swamy’s Letter to Speaker on Sonia Faking Qualifications Sept 28, 2020 by PGurus on Scribd

संदर्भ:

[1] Subramanian Swamy complains to Lok Sabha Speaker against Sonia Gandhi for using again the fake claim of having Cambridge University educationAug 2, 2020, PGurus.com

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