सौर उपकरण निर्माताओं को बजट के प्रावधानों से होगा लाभ

घरेलू निर्माण क्षमता को वर्ष 2030 तक 280 गीगावाट के महत्वाकांक्षी लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए पीएलआई योजना के तहत 19,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आवंटन किया गया है।

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सौर उपकरण निर्माताओं को बजट के प्रावधानों से होगा लाभ
सौर उपकरण निर्माताओं को बजट के प्रावधानों से होगा लाभ

सौर उपकरण निर्माताओं को बजट से लाभ

केंद्रीय बजट में किये गये प्रावधानों से घरेलूू सौर उपकरण निर्माताओं को लाभ होने की उम्मीद है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में सोलर मॉड्यूल निर्माण के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) के तहत अतिरिक्त वित्तीय आवंटन जैसे प्रावधानों से इस क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।

रिपोर्ट के अनुसार, अपना सोलर पीवी मॉड्यूल स्थापित करने के लिए इच्छुक टाटा पावर, एलएंडटी, अडानी इंटरप्राइजेज और कोल इंडिया जैसी कंपनियों को इस प्रावधान से लाभ मिलने की उम्मीद है।

घरेलू निर्माण क्षमता को वर्ष 2030 तक 280 गीगावाट के महत्वाकांक्षी लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए पीएलआई योजना के तहत 19,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आवंटन किया गया है।

इसके अलावा सोलर बैट्री पर लगने वाली सेफगार्ड ड्यूटी को हटाकर उसकी जगह सीमाशुल्क को 20 से 25 प्रतिशत करने तथा सोलर मॉड्यूल पर सीमाशुल्क को 20 से 40 प्रतिशत करने से घरेलू सौर उपकरण निर्माताओं को लाभ होने होने की उम्मीद है। इससे घरेलू सौर बैट्री और मॉड्यूल निर्माता आयातित सामानों के प्रतिस्पर्धी कीमत पर कारोबार कर सकेंगे। इससे टाटा पावर, अडानी इंटरप्राइजेज, एलएंडटी तथा कोल इंडिया आदि घरेलू सौर बैट्री एवं मॉड्यूल निर्माता कंपनियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

इसके अलावा, ग्रीन बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए संसाधन जुटाने के लिए ग्रीन बांड जारी करने का प्रस्ताव भी क्षेत्र को मदद देगा। इसके साथ ही बजट में ग्रिड स्केल बैटरी सिस्टम समेत ऊर्जा भंडारण प्रणाली को बुनियादी ढांचे का दर्जा देने के प्रस्ताव पेश किया गया है।

नवीकरणीय एवं स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं में आधारभूत ढांचे को दीर्घकालिक वित्तीय सहायता पहुंचाने के लिए फंड तक पहुंच भी क्षेत्र को समर्थन देगी।

[आईएएनएस इनपुट के साथ]

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