अपस्ट्रीम सेक्टर के लिए तेल कीमतों में बढ़ोतरी सकारात्मक; ओएमसी के लिए नुकसान लंबा होगा: आईसीआरए

आईसीआरए कॉर्पोरेट संस्थाओं, वाणिज्यिक बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियों, वित्तीय संस्थानों और सार्वजनिक क्षेत्रों द्वारा जारी किए गए ऋण उपकरणों का मूल्यांकन करता है।

0
66
आईसीआरए : अपस्ट्रीम सेक्टर के लिए तेल कीमतों में बढ़ोतरी सकारात्मक;
आईसीआरए : अपस्ट्रीम सेक्टर के लिए तेल कीमतों में बढ़ोतरी सकारात्मक;

पीएसयू अपस्ट्रीम कंपनियों का प्राकृतिक गैस कारोबार मुनाफे में आएगा: आईसीआरए

रेटिंग एजेंसी आईसीआरए के अनुसार, पीएसयू अपस्ट्रीम कंपनियों का प्राकृतिक गैस कारोबार लाभदायक हो जाएगा क्योंकि अगले संशोधन में घरेलू कीमतों में काफी वृद्धि होने की उम्मीद है।

आईसीआरए कॉर्पोरेट संस्थाओं, वाणिज्यिक बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियों, वित्तीय संस्थानों और सार्वजनिक क्षेत्रों द्वारा जारी किए गए ऋण उपकरणों का मूल्यांकन करता है।

इस खबर को अंग्रेजी में यहाँ पढ़ें!

रेटिंग एजेंसी ने कहा कि तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से देश पर राजकोषीय बोझ बढ़ता है, लेकिन यह अपस्ट्रीम तेल कंपनियों के लिए सकारात्मक है। रूस-यूक्रेन संकट के बीच, रूसी कच्चे तेल में बढ़ोतरी देखी गयी है और इसके परिणामस्वरूप कच्चे तेल और गैस की कीमतों में वृद्धि हुई है।

कंपनी ने कहा – “इसके अतिरिक्त, वित्त वर्ष 2022 की दूसरी छमाही के लिए 2.9 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू (जीसीवी आधार) पर अधिसूचित घरेलू गैस की कीमतें कम बनी हुई हैं और तदनुसार अधिकांश भारतीय अपस्ट्रीम उत्पादकों के लिए गैस उत्पादन घाटे का सौदा बना हुआ है।”

इसके अलावा, एजेंसी ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में पेट्रोलियम उत्पादों की मांग में पिछले वित्त वर्ष की तुलना में कुछ सुधार देखा गया है, लेकिन यह कोविड-पूर्व स्तरों से कम है।

इसने कहा – “कच्चे तेल की ऊंची कीमतें हाल के महीनों में देखी गई मांग में सुधार पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं। बेंचमार्क सिंगापुर सकल रिफाइनिंग मार्जिन (जीआरएम) में हाल के महीनों में सुधार देखा गया है, हालांकि, कच्चे तेल की ऊँची कीमतें और कमजोर वैश्विक मांग जीआरएम पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।”

इसके अलावा, एजेंसी ने कहा कि रूस और यूक्रेन से भारत का कमोडिटी आयात 2 प्रतिशत से भी कम है। ऑटो ईंधन की खुदरा कीमतों में थोड़ी मात्रा में वृद्धि हो रही है। इसमें कहा गया है कि कीमतों में बढ़ोतरी से तेल विपणन कंपनियों को नुकसान होगा।

कंपनी ने कहा – “अन्य देशों से आयातित प्रमुख वस्तुओं में तेल, सोना, धातु और रसायन शामिल हैं। कई देशों द्वारा रूस पर प्रतिबंध लगाने के साथ, उक्त वस्तुओं की कीमतें बढ़ रही हैं। नतीजतन, भारत के विकास और मुद्रास्फीति के अनुमानों पर चिंताएं बढ़ रही हैं। यदि यह कमोडिटी मूल्य वृद्धि लंबे समय तक बनी रहती है, यह भारतीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकती है।”

[आईएएनएस से इनपुट्स के साथ]

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.