प्रयागराज में बम बनाने और फेंकने के आरोप में नाबालिग गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक, छात्रों ने ऑनलाइन वीडियो और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से बम बनाना सीखा। उन्होंने अपने वर्चस्व को साबित करने के लिए न केवल तीन प्रमुख कॉन्वेंट स्कूलों के गेट के बाहर बम फेंके, बल्कि इस गतिविधि का वीडियो भी सोशल मीडिया पर अपलोड किया।

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प्रयागराज में बम बनाने और फेंकने के आरोप में नाबालिग गिरफ्तार
प्रयागराज में बम बनाने और फेंकने के आरोप में नाबालिग गिरफ्तार

प्रयागराज के नाबालिग ऑनलाइन वीडियो देखकर सीख रहे बम बनाना!

प्रयागराज पुलिस ने नाबालिग छात्रों को शहर में बम फेंकने की कम से कम छह घटनाओं में कथित रूप से शामिल पाया है। पिछले कुछ दिनों में एक प्रतिष्ठित स्कूल के बाहर बम फेंके गए।

पुलिस के मुताबिक, छात्रों ने ऑनलाइन वीडियो और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से बम बनाना सीखा। उन्होंने अपने वर्चस्व को साबित करने के लिए न केवल तीन प्रमुख कॉन्वेंट स्कूलों के गेट के बाहर बम फेंके, बल्कि इस गतिविधि का वीडियो भी सोशल मीडिया पर अपलोड किया।

पुलिस के मुताबिक इन छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुप और गैंग में तांडव, जगुआर, टाइगर, इम्मोर्टल और रंगबाज जैसे नाम हैं।

तीन दिन पहले, शहर की पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से 11 छात्रों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से 10 नाबालिग थे। उन पर आईपीसी की उचित धाराओं और विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

इनके पास से दो मोटरसाइकिल, 10 मोबाइल फोन और दो देसी बम भी बरामद किए गए। एक नाबालिग को जेल भेज दिया गया, जबकि बाकी को किशोर गृह भेज दिया गया है।

पुलिस महानिरीक्षक (प्रयागराज रेंज), राकेश सिंह ने कहा, सोशल मीडिया ऐप पर ग्रुप बनाने के बाद, शहर के तीन अलग-अलग कॉन्वेंट स्कूलों के ये छात्र अपने क्षेत्रों में अपना वर्चस्व साबित करना चाहते थे।

बम बनाने के लिए वे पटाखे खरीदते थे, विस्फोटक सामग्री निकालकर उसे शीशे, ईंट आदि के साथ मिलाकर बम तैयार करते थे। इन छात्रों से पूछताछ करने वाले क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने बताया कि इनकी उम्र 14 से 17 साल के बीच है।

पहली बमबारी की घटना इस साल मई में सिविल लाइंस थाने की सीमा के तहत दर्ज की गई थी। बाद में 4, 15, 16, 22 और 25 जुलाई को अन्य स्कूलों के बाहर भी इसी तरह की घटनाएं हुईं।

[आईएएनएस इनपुट के साथ]

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