जंतर-मंतर पर किसान महापंचायत आज; किसानों को नहीं मिली मंजूरी; धारा 144 लागू

किसानों को इस महापंचायत के लिए मंजूरी नहीं मिली है। दिल्ली पुलिस ने टिकरी, सिंघु और गाजीपुर बॉर्डर पर सीमेंटेड बैरिकेड्स लगाए हैं।

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जंतर-मंतर पर किसान महापंचायत आज; किसानों को नहीं मिली मंजूरी; धारा 144 लागू
जंतर-मंतर पर किसान महापंचायत आज; किसानों को नहीं मिली मंजूरी; धारा 144 लागू

संयुक्त किसान मोर्चा के टिकैत फिर एक बार राजनीति करने दिल्ली पहुँचे!

संयुक्त किसान मोर्चा सोमवार को एमएसपी की गारंटी समेत विभिन्न मांगों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर किसान महापंचायत करने जा रहा है। जहां प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा जाएगा। हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश के किसानों ने महापंचायत में भाग लेने के लिए दिल्ली पहुंचना शुरू कर दिया है।

हालांकि किसानों को इस महापंचायत के लिए मंजूरी नहीं मिली है। दिल्ली पुलिस ने टिकरी, सिंघु और गाजीपुर बॉर्डर पर सीमेंटेड बैरिकेड्स लगाए हैं। जहां से चेकिंग के बाद ही एंट्री दी जा रही है। प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में धारा 144 लगाई गई है।

अधिकतर किसानों ने दिल्ली जाने के लिए पंजाब की ओर से आने वाली ट्रेनों का इस्तेमाल किया और बहादुरगढ़ स्टेशन पर खड़ी पुलिस के सामने ही जयकारे लगाते हुए दिल्ली में आए, जहां से वे सीधे बंगला साहिब गुरुद्वारे पहुंचे। यहां पहुंचे किसान पुराने परिचितों से मिलकर मेट्रो और बसों के जरिए दिल्ली में चले गए। किसानों का कहना है कि वे दिल्ली बॉर्डर पर पक्के मोर्चा लगाने नहीं आए हैं। अभी केवल एक दिन के प्रदर्शन के लिए आए हैं, ताकि सरकार को चेताया जा सके।

सरकार ने पहले की तरह से जिद बांधी तो फिर से बोरिया बिस्तर लेकर दिल्ली में धरना शुरू करने से पीछे नहीं हटेंगे। उधर, भाकियू नेता राकेश टिकैत को हिरासत में लेकर वापस भेज दिया गया है।

पुलिस इस बात को लेकर अलर्ट है कि कोई असामाजिक तत्व दिल्ली में प्रवेश न कर पाए। इसके लिए ड्रोन कैमरों की भी सहायता ली जाएगी और बॉर्डर पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पर भी निगरानी रखी जाएगी। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि जैसा आदेश होगा, वैसी कार्रवाई की जाएगी।

बेरोजगारी को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन में भाग लेने दिल्ली जा रहे भाकियू नेता राकेश टिकैत व कुछ कार्यकर्ताओं को गाजीपुर बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उन्हें दिल्ली के मधु विहार थाने ले जाया गया। बाद में उन्हें पुलिस ने वापस गाजीपुर बॉर्डर पर ले जाकर छोड़ दिया। टिकैत ने कहा, ‘क्या दिल्ली में किसानों का प्रवेश बैन है?

क्या कोई हरा गमछा और चद्दर ओढ़कर दिल्ली में नहीं जा सकता? केंद्र सरकार के इशारों पर काम करने वाली दिल्ली पुलिस किसानों की आवाज को नहीं दबा सकती। यह संघर्ष आखिरी सांस तक चलता रहेगा। हम रुकेंगे नहीं, हम थकेंगे नहीं, हम झुकेंगे नहीं।’ हिरासत से छूटने के बाद टिकैत ने कहा कि वह यूपी आ रहे हैं। सोमवार को दिल्ली में कार्यक्रम होगा।

ट्रेनों से करीब 2 हजार किसान दिल्ली पहुंच चुके हैं। वहीं, रात 8 बजे गांवों के रास्ते बरनाला से पंजाब के किसानों को लेकर आई पिकअप व कारें टिकरी बॉर्डर पर पहुंचीं। किसानों ने बसों से उतरकर नारेबाजी शरू कर दी। बॉर्डर पर जाम की समस्या देख दिल्ली पुलिस ने किसानों की करीब 6 बसों, कारों व जीपों के लिए बॉर्डर खोल दिया। रात 8:30 बजे तक सैकड़ों किसान सड़क मार्ग से भी दिल्ली में पहुंच गए।

अब दिल्ली पुलिस ने बठिंडा की तरफ से आ रही बसों की लोकेशन के हिसाब से बॉर्डर को मजबूत बैरिकेडिंग करने की तैयारी शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि सुबह 7 बजे तक बठिंडा के किसान बहादुरगढ़ पहुंचेेंगे। पुलिस को पंजाब से वाहनों से निकले किसानों के टिकरी व झाड़ौदा बॉर्डर के साथ-साथ सोनीपत के खरखौदा सैदपुर की तरफ दिल्ली में प्रवेश करने की सूचना है।

बठिंडा एक्सप्रेस से उतरे किसान नेता जगजीत सिंह व बिट्टू प्रधान ने कहा कि वे बहादुरगढ़ में 12-13 माह रहे हैं। यहां के लोगों से भाईचारा बन गया है। उनके परिवार की महिलाओं ने फोन कर राखी बंधवाने का आग्रह किया था। इसे निभाने के लिए बहादुरगढ़ उतरे। भाईचारे से मिलने के बाद दिल्ली पहुंचेंगे।

[आईएएनएस इनपुट के साथ]

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