धर्मशाला घोषणापत्र: 2047 तक पर्यटन के क्षेत्र में भारत को विश्‍व का अग्रणी बनाने का लक्ष्‍य

2047 तक पर्यटन उद्योग एक ट्रिलियन डालर तक पहुंचाने का लक्ष्‍य रखा गया है।

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धर्मशाला में लिया गया प्रण, भारत बनेगा पर्यटन अग्रणी
धर्मशाला में लिया गया प्रण, भारत बनेगा पर्यटन अग्रणी

धर्मशाला में लिया गया प्रण, भारत बनेगा पर्यटन अग्रणी

देश को 2047 तक पर्यटन के क्षेत्र में विश्‍व का अग्रणी बनाने का लक्ष्‍य रखा गया है। हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में राज्‍यों के पर्यटन मंत्रियों के राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन में अंतिम दिन जारी किए गए धर्मशाला घोषणा पत्र में इस संबंध में संकल्‍प लिया गया है। इसके साथ ही, वर्ष 2024 तक 150 बिलियन डालर और 2030 तक 250 बिलियन डालर देश की जीडीपी में सहयोग का लक्ष्‍य रखा गया है।

भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के सचिव अरविंद सिंह ने घोषणा पत्र जारी करते हुए कहा कि नई पर्यटन नीति का मसौदा तैयार हो गया है। इसके लागू होने के बाद 2047 तक पर्यटन उद्योग एक ट्रिलियन डालर तक पहुंचाने का लक्ष्‍य रखा गया है। इसके साथ ही उन्‍होंने कहा क‍ि वर्ष 2024 के मध्‍म तक पर्यटन प्री कोविड के स्‍तर तक पहुंच जाएगा। वहीं, उन्‍होंने कहा कि 2030 तक पर्यटन के क्षेत्र में करीब 14 करोड़ रोजगार का लक्ष्‍य रखा गया है।

सम्‍मेलन के अंतिम दिन केन्‍द्रीय पर्यटन और संस्‍कृति मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि देश में इंडिया टूरिज्‍म इनवेस्‍टमेंट कन्‍क्‍लेव का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए सभी राज्‍यों को मिलकर तैयारी करनी होगी। जब तक पर्यटन उद्योग में इनवेस्‍टर नहीं आएगा, इसे विकसित नहीं किया जा सकता है। उन्‍होंने कहा कि सभी राज्‍यों में केन्‍द्रीय पर्यटन मंत्रालय अपना आफिस खोलेगा और वहां एक-एक पर्यटन अधिकारी नियुक्‍त किया जाएगा, जो राज्‍य और केन्‍द्रीय मंत्रालय के बीच में समन्‍वय का करेगा। इस तरह राज्‍य और केन्‍द्र के सहयोग से घरेलू पर्यटन को विकसित किया जा सकेगा।

जी 20 के शेरपा और नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभकांत ने कहा कि राज्‍यों को पर्यटन बढ़ाने के लिए पश्चिमी देशों की नकल नहीं करनी चाहिए। उन्‍हें अपनी जड़ों से जुड़े रहना चाहिए। हमे पर्यटन की मार्केटिंग करनी चाहिए। केरल में इसी का परिणाम है कि ग्रामीण इलाकों का विकास हुआ है। इस राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन में अरुणाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, असम, मिजोरम, हरियाणा, सिक्किम, गोवा, मेघालय, कर्नाटक, लद्दाख, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, जम्मू व कश्मीर, झारखंड, केरल और महाराष्ट्र के पर्यटन मंत्री और पर्यटन सचिव समेत तमाम अधिकारी शामिल हुए।

[आईएएनएस इनपुट के साथ]

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