गूगल में छंटनी पर बोले सुंदर पिचई- अभी मुश्किल समय, नहीं लगा सकते भविष्‍य का अंदाजा!

    मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि गूगल साल 2023 की शुरुआत में करीब 10 हजार कर्मचारियों की छंटनी करेगी।

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    गूगल में छंटनी
    गूगल में छंटनी

    गूगल में होने वाली है बड़ी छटनी

    दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में शामिल गूगल में छंटनी की खबरों पर सीईओ सुंदर पिचाई ने दो टूक जवाब दिया है। उन्‍होंने साफ कहा कि अभी मुश्किल समय चल रहा है और मैं यहां बैठकर भविष्‍य का अंदाजा नहीं लगा सकता हूं। इससे पहले मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि गूगल साल 2023 की शुरुआत में करीब 10 हजार कर्मचारियों की छंटनी करेगी।

    बिजनेस इंसाइडर की रिपोर्ट के अनुसार, पिचाई ने स्‍टाफ के साथ एक मीटिंग के दौरान कहा कि इकोनॉमी में जारी तूफान के बीच गूगल अपनी बेहतरी के लिए कुछ जरूरी बदलाव कर रही है। इस दौरान उनसे छंटनी को लेकर सवाल पूछा गया जिस पर गूगल के सीईओ ने कहा, फिलहाल भविष्‍य का अंदाजा लगाना मुश्किल है। ईमानदारी से कहूं तो मैं यहां बैठकर भविष्‍य पर कोई टिप्‍पणी नहीं कर सकता हूं।

    पिचाई ने कहा, अभी इकोनॉमी में तूफान चल रहा है और हम इससे निपटने की जीतोड़ कोशिश कर रहे हैं। आपने पिछले दिनों और महीनों में आए संदेश तो देखे ही होंगे। अभी जरूरी फैसले और अनुशासन का समय है। हम अपनी प्राथमिकताएं तय कर रहें और जहां जरूरी है कटौती भी देख रहे हैं, ताकि तूफान के बीच बदलाव की बयार से चीजों को दोबारा अपने नियंत्रण में लाया जा सके। इसके लिए हम सभी अपना बेस्‍ट देने के लिए तैयार हैं।

    गौरतलब है कि नवंबर में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि गूगल के मैनेजरों से खराब प्रदर्शन करने वाले 6 फीसदी कर्मचारियों यानी करीब 10 हजार लोगों की छंटनी के लिए कहा गया है, जो 2023 की शुरुआत में होगी। मैनेजर्स ने रैंकिंग एंड परफॉर्मेंस इम्‍प्रूवमेंट प्‍लान बनाया है, जो अगले साल की शुरुआत में खुल जाएगा और इसमें खराब प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों का लेखाजोखा होगा।

    2022 की शुरुआत में कंपनी के मैनेजर्स को खराब प्रदर्शन करने वाले 2 फीसदी कर्मचारियों की पहचान करने के लिए कहा गया था। गूगल से पहले तकनीकी क्षेत्र की अन्‍य दिग्‍गज कंपनियां मेटा और अमेजन भी छंटनी का ऐलान कर चुकी हैं। अमेरिकी अर्थव्‍यवस्‍था में आई सुस्‍ती की वजह से कंपनियों को मंदी का खतरा दिख रहा है और वे खर्च घटाने के क्रम में लगातार छंटनी कर रही हैं।

    [आईएएनएस इनपुट के साथ]

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