पाकिस्तानी पीएम शाहबाज शरीफ ने यूएई प्रेसिडेंट से अपील की; पीएम मोदी को भारत – पाक मुद्दों पर चर्चा के लिए मनाएं

    पाकिस्तान में जब शरीफ के भारत के सामने गिड़गिड़ाने का मामला गरमाया तो पीएम शाहबाज के ऑफिस ने सोशल मीडिया पर सफाई दी।

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    पाकिस्तान पीएम की यूएई प्रेसिडेंट से अपील; भारत को चर्चा के लिए तैयार करें
    पाकिस्तान पीएम की यूएई प्रेसिडेंट से अपील; भारत को चर्चा के लिए तैयार करें

    पकिस्तान के पीएम ने यूएई के प्रेसिडेंट शेख जायद के सामने लगाई गुहार; किसी तरह भारत को पाकिस्तान से बातचीत के लिए तैयार करें

    पाकिस्तान के अखबार ‘द डॉन’ ने बुधवार को एक रिपोर्ट में यह खुलासा किया। रिपोर्ट के मुताबिक- शाहबाज ने जायद से कहा था कि आपके भारत और प्रधानमंत्री मोदी से बहुत अच्छे रिश्ते हैं और आप हमारे मुस्लिम भाई हैं। इसलिए भारत को हमसे बातचीत के लिए तैयार करें।

    मंगलवार को गल्फ कंट्रीज के न्यूज चैनल ‘अल अरबिया’ ने शाहबाज का इंटरव्यू टेलिकास्ट किया था। बुधवार को इसका सेकंड पार्ट सामने आया। इसमें ही शरीफ ने खुद मोदी और भारत से बातचीत को लेकर बेसब्री की बात कबूल की है।

    शाहबाज पिछले हफ्ते जिनेवा से लौटते वक्त यूएई गए थे। वहां से उन्हें बाढ़ राहत के लिए 1 अरब डॉलर का कर्ज भी मिला था। बाद में उन्होंने यहीं अल अरेबिया को इंटरव्यू दिया था। इसका कुछ हिस्सा मंगलवार को सामने आया था। बुधवार को दूसरे हिस्से में कुछ नई बातें सामने आईं।

    इंटरव्यू में एक सवाल पर पाकिस्तान के वजीर-ए-आजम कहते हैं- मैंने शेख नह्यान से मदद मांगी है। मैंने उनसे कहा है कि वो भारत को बातचीत के लिए तैयार करें। यूएई के भारत से बहुत अच्छे ताल्लुकात हैं और वो हमारा मुस्लिम भाई भी है। वो चाहे तो प्रधानमंत्री मोदी और भारत को बातचीत के लिए तैयार कर सकता है। पाकिस्तान अब अमन चाहता है और इसके लिए गंभीरता से बातचीत करना जरूरी है। मैंने शेख नह्यान से यह वादा भी किया है कि पाकिस्तान अब पूरी ईमानदारी से और नतीजे पाने के लिए बातचीत करना चाहता है।

    विजिट के बाद पाकिस्तान और यूएई की तरफ से एक ज्वॉइंट स्टेटमेंट जारी किया गया। पाकिस्तान के लिए शर्मिंदगी की बात ये है कि इस पूरे बयान में कश्मीर शब्द का कहीं जिक्र तक नहीं किया गया। हालांकि, ये भी पहली बार नहीं है। इसके पहले सऊदी अरब ने भी एक ज्वॉइंट स्टेटमेंट में कश्मीर शब्द के इस्तेमाल से परहेज किया था।

    शाहबाज ने कहा, “कश्मीर में हर वक्त मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। धारा 370 के तहत कश्मीरियों को जो अधिकार मिले थे भारत ने वह ले लिए हैं। अगस्त 2019 में ऑटोनॉमी खत्म कर दी गई। भारत में अल्पसंख्यकों पर जुल्म किए जा रहे हैं। ये सब हर हाल में रुकना चाहिए ताकि दुनिया में यह मैसेज जाए कि भारत बातचीत के लिए तैयार हैं।

    उन्होंने कहा, “भारत और पाकिस्तान पड़ोसी हैं और उन्हें एक-दूसरे के साथ ही रहना है। यह हम पर है कि हम शांति के साथ रहें, तरक्की करें या फिर झगड़ते रहें। हमने भारत के साथ 3 युद्ध लड़े। इससे लोगों को केवल गरीबी, बेरोजगारी ही मिली। हमने अपना सबक सीख लिया है। हम शांति के साथ रहना चाहते हैं। हम अपनी वास्तविक परेशानियों को सुलझाना चाहते हैं।”

    पाकिस्तानी पीएम ने कहा, “हम गरीबी को खत्म करना चाहते हैं। हमें खुशहाली और तरक्की चाहिए। हम अपने लोगों को शिक्षा देना चाहते हैं, उन्हें स्वास्थ्य सुविधाएं और रोजगार देना चाहते हैं। हम अपने संसाधनों को बम और गोला-बारूद पर बर्बाद नहीं करना चाहते हैं। मैं यही संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देना चाहता हूं। हम दोनों ही न्यूक्लियर पावर्स हैं। पूरी तरह हथियारों से लैस हैं। ऊपरवाला न करे कि कोई जंग हो। ऐसा हुआ तो कौन जिंदा बचेगा, ये बताने के लिए क्या हुआ था।”

    पाकिस्तान में जब शरीफ के भारत के सामने गिड़गिड़ाने का मामला गरमाया तो पीएम शाहबाज के ऑफिस ने सोशल मीडिया पर सफाई दी। कहा- प्रधानमंत्री ने वही कहा है जो पाकिस्तान की पॉलिसी है। कश्मीर समेत तमाम मुद्दों को बातचीत से हल करना चाहिए। कश्मीर में 5 अगस्त 2019 से पहले की स्थिति बहाल करनी होगी। इस मामले का हल यूएन रिजोल्यूशन्स और जम्मू-कश्मीर की अवाम की इच्छा के तहत होना चाहिए।

    [आईएएनएस इनपुट के साथ]

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