पाकिस्तान ने यूएन में रागा कश्मीर राग; एस जयशंकर ने लगाई फटकार!

    जो देश ओसामा बिन लादेन की मेहमाननवाजी कर रहा था, जिसने अपने पड़ोसी की संसद पर हमला किया...वो यूएन जैसे शक्तिशाली मंच पर उपदेश देने के काबिल नहीं है।

    0
    352
    पाकिस्तान ने यूएन में रागा कश्मीर राग; एस जयशंकर ने लगाई फटकार!
    पाकिस्तान ने यूएन में रागा कश्मीर राग; एस जयशंकर ने लगाई फटकार!

    पाकिस्तान और चीन को भारत के विदेश मंत्री ने दिखाया आईना

    यूनाइटेड नेशंस में पाकिस्तान की कश्मीर पर टिप्पणी के बाद भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने उसी मंच पर जवाब दिया है। एस जयशंकर ने कहा कि जो देश ओसामा बिन लादेन की मेहमाननवाजी कर रहा था, जिसने अपने पड़ोसी की संसद पर हमला किया…वो यूएन जैसे शक्तिशाली मंच पर उपदेश देने के काबिल नहीं है।

    जयशंकर मंगलवार को यूनाइटेड नेशंस पहुंचे, जहां सिक्योरिटी काउंसिल में भारत की अध्यक्षता में काउंटर टेररिज्म और रिफॉर्म्ड मल्टीलेटरिज्म (बहुपक्षवाद) पर दो अहम इवेंट हो रहे हैं। मल्टीलेटरिज्म पर चर्चा की अध्यक्षता यूएन में भारत की स्थायी सदस्य रुचिरा कंबोज कर रही थीं। इसी दौरान पाकिस्तानी विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने कश्मीर मुद्दा उठाया था।

    जयशंकर ने चीन और पाकिस्तान, दोनों पर निशाना साधा। कहा, “स्वाभाविक तौर पर हम आज मल्टीलेटरलिज्म में सुधारों पर फोकस कर रहे हैं। हमारा अपना-अपना नजरिया हो सकता है, लेकिन एक आम राय बन रही है, कम से कम इसमें हमें ज्यादा देर नहीं करनी चाहिए। दुनिया टेररिज्म के खिलाफ संघर्ष कर रही है और ऐसे दौर में कुछ लोग आतंकी हमलों को अंजाम देनेवालों, साजिश रचने वालों को सही ठहरा रहे हैं। उन्हें बचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।”

    उन्होंने कहा, “दुनिया इमरजेंसी, युद्धों और हिंसा के दौर से गुजर रही है, संघर्ष कर रही है। शांति लाने और इसका रास्ता दिखाने के लिए महात्मा गांधी के आदर्श आज भी जरूरी हैं। यूनाइटेड नेशंस की साख महामारी, जलवायु परिवर्तन, विवादों और आतंकवाद जैसी चुनौतियों पर प्रभावी जवाब देने पर निर्भर है।” एस जयशंकर ने यह बयान यूएन दफ्तर में गांधी प्रतिमा के अनावरण के बाद दिया।

    भारत के विदेश मंत्री ने कहा, “हम रास्तों की तलाश कर रहे हैं, तब हमें ऐसे खतरों को नॉर्मल करने की कोशिशों को स्वीकार नहीं करना चाहिए। अभी तक यह सवाल नहीं उठा है कि जिस चीज को पूरी दुनिया स्वीकार नहीं कर रही, उसे न्यायोचित बताने की कोशिश क्यों हो रही है। यह क्रॉसबॉर्डर टेररिज्म, आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों पर भी लागू होता है।”

    उन्होंने कहा, “हमने 75 साल से भी पहले बनाए गए बहुपक्षीय संस्थानों की प्रभावशीलता के बारे में बातचीत करने के लिए बैठक बुलाई है। हमारे सामने सवाल यह है कि उनमें सुधार कैसे किया जा सकता है। हाल के वर्षों में दुनिया ने इंटरनेशनल सिस्टम पर बढ़ते तनाव से बदलाव की मांग तेजी से हुई है। बात जब क्लाइमेट जस्टिस और क्लाइमेट एक्शन की आती है, तब भी हालात बेहतर नहीं हैं। मंचों पर जरूरी मुद्दों पर बात होने की बजाय हमने ध्यान भटकाने और भ्रमित करने की कोशिशें देखी हैं।”

    भारत को सुरक्षा परिषद का स्थाई सदस्य बनाने की मांग के बीच बिलावल भुट्टो ने कहा था- कश्मीर का मुद्दा अब भी सुलझा नहीं है। यदि आप (भारत) बहुपक्षवाद की सफलता देखना चाहते हैं तो कश्मीर के मुद्दे पर आप सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव को लागू करने की अनुमति दे सकते हैं। आप साबित कर सकते हैं कि बहुपक्षवाद सफल होगा। आप ये साबित करें कि आपकी (भारत) अध्यक्षता में सुरक्षा परिषद हमारे क्षेत्र (कश्मीर) में शांति ला सकता है।

    [आईएएनएस इनपुट के साथ]

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.