बीआरओ का नया कीर्तिमान, पिछले 5 सालों में पाक चीन सीमा पर साढ़े 13 हजार किमी से अधिक सड़कों का हुआ निर्माण!

    पिछले पांच सालों में 10 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 13,525.417 किलोमीटर में 257 सड़कों का निर्माण किया गया है।

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    बीआरओ का नया कीर्तिमान
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    बीआरओ सीमावर्ती क्षेत्रों में युद्ध स्तर पर सड़कों के निर्माण में लगी

    सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने पिछले पांच साल में अरुणाचल प्रदेश में 3,097 किलोमीटर और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में 3,140 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया है। भारत सरकार ने शुक्रवार को संसद में जानकारी दी है। रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने लोकसभा को बताया कि रक्षा मंत्रालय ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण का काम बीआरओ को सौंपा है। गौरतलब है कि सेना द्वारा पांच साल की लंबी अवधि के रोल ओवर वर्क्स प्लान के आधार पर प्राथमिकता तय की गई है।

    अपने लिखित जवाब में रक्षा राज्य मंत्री ने देश भर में निर्मित सड़कों की लंबाई का डेटा भी साझा किया। डेटा के अनुसार, पिछले पांच सालों में 10 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 13,525.417 किलोमीटर में 257 सड़कों का निर्माण किया गया है। साझा की गई जानकारी के मुताबिक, बीआरओ ने पिछले पांच सालों में अरुणाचल प्रदेश में 3,097 किलोमीटर लंबी 64 सड़कों और लद्दाख में 3,140 किलोमीटर लंबी, 43 सड़कों का निर्माण किया है।

    बता दें कि भारत और चीन के बीच साल 2020 में गंभीर स्थिति पैदा हो गई थी। एक मई 2020 को दोनों देशों के सौनिकों के बीच पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग त्सो झील के नॉर्थ बैंक में झड़प हुई थी। इस झड़प में दोनों देशों की ओर से दर्जनों सैनिक घायल हो गए थे। इस घटना के बाद भारत सरकार वास्तविक नियंत्रण रेखा के आसपास बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में जुटी है।

    अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में निर्मित सड़कों की बात करें तो सिक्किम में 18 सड़कें (663,535 किमी), उत्तराखंड में 22 सड़कें (947.21 किमी), जम्मू और कश्मीर में 61 सड़कें (2381.963 किमी) और राजस्थान में 13 सड़कें (884.309 किमी) बनाई गई। भट्ट ने आगे यह भी जानकारी दी कि भारत सरकार 16 राज्यों और दो राज्यों के 117 सीमावर्ती जिलों में मौजूद अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के आसपास ( 0-10 किमी के भीतर स्थित बस्तियों में) सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम (बीएडीपी) लागू कर रही है। बीएडीपी का मुख्य उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय सीमा (आईबी) के पास रह रहे लोगों को विशेष विकासात्मक आवश्यकताओं प्रदान करना है।

    प्रतिक्रिया के अनुसार, पिछले पांच वित्तीय वर्षों में, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 2,975.22 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। उन्होंने 28 अक्टूबर, 2022 को लॉन्च किए गए सीमावर्ती क्षेत्रों में बनने वाली 75 नई ढांचागत परियोजनाओं का विवरण भी साझा किया। एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने यह भी जानकारी दी कि बनाई जाने वाली परियोजनाओं में से एक ‘कार्बन न्यूट्रल हैबिटेट’ भी है। दरअसल, यह लद्दाख के यूटी में हनले में मौजूद है। बता दें कि 19,000 फीट ऊंचाई पर बनाए गए कार्बन न्यूट्रल हैबिटेट में 57 कर्मियों का आवास है।

    [आईएएनएस इनपुट के साथ]

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