भारत ने एक स्वदेशी ऑपरेटिंग सिस्टम BharOS को विकसित किया!

    BharOS को प्राइवेसी-फोकस्ड ऑपरेटिंग सिस्टम कहा जा रहा है, जिसे कमर्शियल ऑफ-द-शेल्फ हैंडसेट्स के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।

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    भारत ने एक स्वदेशी ऑपरेटिंग सिस्टम BharOS को विकसित किया!
    भारत ने एक स्वदेशी ऑपरेटिंग सिस्टम BharOS को विकसित किया!

    भारत का स्वदेशी ऑपरेटिंग सिस्टम जल्द ही आपके मोबाइल्स में होगा

    भारत में स्मार्टफोन का इस्तेमाल बीते कुछ सालों में काफी बढ़ गया है। इन स्मार्टफोन्स के लिए आपरेटिंग सिस्टम काफी अहम होता है, क्योंकि आपके फोन को चलाने ये ओएस जरूरी होते हैं। भारत में अभी फिलहाल दो आपरेटिंग सिस्टम लोकप्रिय है, जिसमें आईओएस और एंड्रॉयड शामिल है। लेकिन अब भारत में एक स्वदेशी ओएस को विकसित किया गया है, जिसे भारओएस (BharOS) नाम दिया गया है।

    आईआईटी मद्रास की इनक्यूबेटेड फर्म, JandK ऑपरेशंस ने BharOS नामक मोबाइल फोन के लिए एक नए ऑपरेटिंग सिस्टम की घोषणा की है। BharOS को प्राइवेसी-फोकस्ड ऑपरेटिंग सिस्टम कहा जा रहा है, जिसे कमर्शियल ऑफ-द-शेल्फ हैंडसेट्स के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।

    बता दें कि BharOS भारत का नया प्राइवेसी-सेंट्रिक ऑपरेटिंग सिस्टम है। BharOS को कड़े प्राइवेसी और सिक्योरिटी स्टैंडर्ड वाले संगठनों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। नया स्वदेशी ओएस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत‘ के दृष्टिकोण के तहत तैयार किया गया है।

    डेवलपर्स ने अभी तक यह नहीं बताया है कि वे किसके साथ साझेदारी करने की योजना बना रहे हैं, हालांकि BharOS कड़ी सिक्योरिटी और प्राइवेसी जरूरतों वाले ऑर्गेनाइजेशन को दिया जाएगा।

    BharOS गोपनीयता-केंद्रित होगा, जिसका मतलब है कि यह किसी भी थर्ड-पार्टी ऐप को डाउनलोड करने की अनुमति नहीं देगा, यानी कि आप गूगल के प्ले स्टोर से इंस्टॉल नहीं कर सकेंगे। इसके बजाय, इसकी अपना प्राइवेट ऐप स्टोर की सेवाएं होंगी।

    बता दें कि प्राइवेट ऐप स्टोर क्यूरेटेड ऐप्स पेश करेगा, जो संगठन के सिक्योरिटी और प्राइवेसी स्टैंडर्ड को पूरा करते हैं। BharOS नो डिफॉल्ट ऐप्स (एनडीए) के साथ आएगा, जो यूजर्स को प्राइवेट ऐप स्टोर से अपनी पसंद के ऐप्स डाउनलोड करने की सुविधा देगा।

    BharOS पर आधारित है और AOSP खुद कुछ एंड्रॉयड वर्जन पर आधारित है। इसलिए इसे गूगल द्वारा मेनटेन किया जाता है। गूगल AOSP के लिए नियमित सिक्योरिटी बैकपोर्ट देता है। इसका मतलब है कि यह एंड्रॉयड की जगह नहीं लेगा। लेकिन अगर ओएस इंटरप्राइज के लिए है, तो इसे एंड्रॉयड सिस्टम के विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

    भरोस के डेवलपर्स ने खुलासा किया है कि BharOs चलाने वाले फोन में डिफॉल्ट ऐप्स नहीं होंगे। लेकिन जहां तक सुविधाओं की बात है, तो अभी तक इसकी कोई जानकारी नहीं है। ऐसे में यह एंड्रॉयड जैसी प्राइवेसी डैशबोर्ड, पर्सनलाइज्ड विकल्प और बैटरी से जुड़ी सुविधाएं देगा या नहीं इसकी कोई सूचना नहीं है। यह आईओएस को प्रभावित करेगा या नहीं, इसका अंदाजा इसके पूरी तरह से शुरू होने के बाद ही बताया जा सकता है।

    [आईएएनएस इनपुट के साथ]

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