कांग्रेस ने अहमद पटेल से जुड़े नितिन-चेतन संदेसारा जोडी एवँ वाड्रा के करीबी संजय भंडारी को पलायक एवँ बैंक दिवालिया सूची से बाहर रखा

कांग्रेस अब ये दर्शाने की कोशिश कर रही है कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रही है और चतुराई से अहमद पटेल से जुड़े पलायकों को अपनी सूची में शामिल नहीं किया।

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कांग्रेस अब ये दर्शाने की कोशिश कर रही है कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रही है
कांग्रेस अब ये दर्शाने की कोशिश कर रही है कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रही है

कांग्रेस की मूर्खतापूर्ण गलती

जहाँ तक भ्रष्टाचार का सवाल है, हम बेशक कह सकते हैं कि कांग्रेस के हाथ मैले हैं। इसका सबसे नवीनतम उदाहरण है सितंबर 15 को बनाई गई ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी (एआईसीसी) की पलायक एवँ बैंक दिवालिया सूची। कांग्रेस ने दावा किया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे सरकार के कार्यकाल में 23 व्यक्ति देश से भाग गए हैं और यह भी दावा किया कि “मोदी ने उनके लिए बचकर निकलने का रास्ता साफ किया”। परंतु एआईसीसी की सूची में केवल 19 व्यक्तियों के ही नाम है। उन्होंने 4 लोगों के नाम क्यूँ नहीं जोड़े? ये 4 लोग कौन है?

अहमद पटेल के दामाद इरफान पटेल एवँ बेटे फैसल पटेल के नाम भी संदेसारा से जुड़े नकदी लेन-देन में आए हैं

तीन अहमद पटेल से जुड़े घोटालेबाज हैं जिसमे संदेसारा- स्टर्लिंग बायोटेक ग्रुप, पर केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) एवँ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा आंध्रा बैंक के नेतृत्व के सह-व्यवस्था को 5000 करोड़ रुपए के लिए जालसाज़ी करने के गुनाह को लेकर जाँच चल रही है। इसके संबंध में ईडी ने समराशि की सम्पति कुर्क की हुई है। ईडी और सीबीआई अब दुबई के अधिकारियों से संवाद कर रहे हैं ताकि आरोपी नितिन संदेसारा, उसके भाई चेतन संदेसारा एवँ उसकी पत्नी दीप्ति संदेसारा का प्रत्यर्पण प्राप्त कर सकें।के अन्य आरोपियों ने यह बयान दिया कि उन्होनें कई बार अहमद पटेल के आधिकारिक निवास पर नकदी से भरा बैग पहुंचाया है[1]

अहमद पटेल के दामाद इरफान पटेल एवँ बेटे फैसल पटेल के नाम भी संदेसारा से जुड़े नकदी लेन-देन में आए हैं – स्टर्लिंग बायोटेक ग्रुप के मालिक नितिन और चेतन। जॉनी नामक हवाला प्रचालक ने बताया कि उसने नकदी से भरा बैग अहमद पटेल के निवास पर कई बार पहुंचाया है[2]

गुजरात संवर्ग के अधिकारी अस्थाना

सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को 2011 में उसके सूरत पुलिस आयुक्त के कार्यकाल के दौरान स्टर्लिंग बायोटेक से 3.8 करोड़ रुपये लेते हुए पकड़ा गया था। उसका बेटा अंकुश अस्थाना भी इस बड़ौदा आधारित विवादास्पद ग्रुप में उच्च भुगतान कर्मचारी था और अस्थाना की बेटी का विवाह कंपनी के फ़ार्महाउस में किया गया। इतने सारे गंभीर आरोपों के चलते, कांग्रेस इस दूषित अधिकारी पर हमेशा चुप्पी साधे हुए थी। इसकी क्या वजह है? संदेसारा ग्रुप द्वारा किए गए भुगतानों से यह स्पष्ट होता है कि अस्थाना अहमद पटेल का करीबी है और साथ ही उसने भाजपा नेताओं से भी अच्छे संबंध बनाकर रखे। गुजरात संवर्ग के कई अधिकारियों ने दोनों ही पक्षों से अच्छे संबंध बनाकर रखे हैं।

कांग्रेस अब ये दर्शाने की कोशिश कर रही है कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रही है और चतुराई से अहमद पटेल से जुड़े पलायकों को अपनी सूची में शामिल नहीं किया। यदि वे केवल 23 की जगह 19 कहते तो उनका पर्दाफाश नहीं हुआ होता। हम कांग्रेस द्वारा प्रकाशित की गयी सूची, जिसमें कांग्रेस से जुड़े पलायकों के नाम नहीं है, को पुनः प्रकाशित कर रहे हैं।

अब यह बात भी सामने आई है कि यूपीए के कार्यकाल के दौरान भंडारी ने रफैल सौदा, जो अब निरस्त कर दिया गया है, में दलाल की भूमिका निभाई।

अन्य चूकें

पलायकों की सूची में और किसके नाम नहीं दिया गये हैं? हथियार विक्रेता संजय भंडारी, जो रॉबर्ट वाड्रा का करीबी है। जाँच के दौरान भंडारी ने वाड्रा के साथ अपने करीबी संबंध को कबूला एवँ उनके बीच हुए ईमेल सम्पर्क से यह स्पष्ट होता है कि लंदन में आलिशान मकान वाड्रा की बेनामी संपत्ति है जो भंडारी के नाम पर रखा गया है[3]। अब यह बात भी सामने आई है कि यूपीए के कार्यकाल के दौरान भंडारी ने रफैल सौदा, जो अब निरस्त कर दिया गया है, में दलाल की भूमिका निभाई। यूपीए के कार्यकाल में संजय भंडारी ने ढेर सारे हथियार सौदों में सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा के बेनामी प्रचालक के रूप में काम किया।

पीगुरुस ने संजय भंडारी एवं हिंदुस्तान टाइम्स के संपादक शिशिर गुप्ता के करीबी सम्बन्धों का पर्दाफाश किया है। दोनों के बीच हुए संपर्क सूची (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) से यह पता चलता है कि शिशिर ने भंडारी को 478 बार संपर्क किया। इसके खुलासे के बाद, शिशिर गुप्ता ने अपना ट्विटर अकाउंट बंद कर दिया एवँ संजय भंडारी नेपाल के मार्ग से देश छोड़कर भाग गया[4]

अर्थात यदि कांग्रेस भ्रष्टाचार के विषयों पर चर्चा ना करे तो बेहतर होगा।

निम्नलिखित एआईसीसी द्वारा सितंबर 15, 2018 को प्रकाशित की गई पलायक एवँ बैंक दिवालिया चयनात्मक सूची है जिसमें अहमद पटेल एवँ राबर्ट वाड्रा के करीबी लोगों को शामिल नहीं किया गया है।

AICC Press Release Sept 15, 2018 on Fugtives & Bank Defaulters by PGurus on Scribd

सन्दर्भ:

[1] Will CBI and ED be allowed to reach Ahmed Patel in the Sterling Biotech bribes and Rs.5000 cr Bank loan frauds?Jan 15, 2018, PGurus.com

[2] Ahmed Patel directly received money from Sterling – Sandesara Group, confesses the accused hawala operator JohnyAug 5, 2018, PGurus.com

[3] The rise and fall of arms consultant Sanjay Bhandari over alleged property links with Robert VadraJun 2, 2016, The Economic Times

[4] Why is MSM silent over involvement of Shishir Gupta of Hindustan Times with arms dealer Bhandari? Jun 2, 2016, PGurus.com

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