भारत में पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों द्वारा ‘कैलिफोर्निया बादाम’ आतंकी फंडिंग का एक तरीका बनता जा रहा है

एलओसी व्यापार को रोकने के कारणों में से एक है - भारत मे लाये जाने वाले कैलिफोर्निया बादाम का अधि-चालान (Over-invoice)।

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एलओसी व्यापार को रोकने के कारणों में से एक है - भारत मे लाये जाने वाले कैलिफोर्निया बादाम का अधि-चालान (Over-invoice)।
एलओसी व्यापार को रोकने के कारणों में से एक है - भारत मे लाये जाने वाले कैलिफोर्निया बादाम का अधि-चालान (Over-invoice)।

भारतीय एजेंसियों ने इस तथ्य का खुलासा किया कि कैलिफ़ोर्निया के बादाम, जिन्हें दुनिया भर में उनके उच्च पोषण मूल्य के लिए जाना जाता है, का उपयोग पाकिस्तान के आतंकवादियों द्वारा कश्मीर में सीमा चौकियों के माध्यम से भारत में तस्करी करने के लिए किया जा रहा है, ताकि लाभ कमाने के लिए एक माध्यम के रूप में उपयोग किया जा सके जो आतंकवादियों और जम्मू और कश्मीर में अलगाववादी के लिए प्राणवायु की तरह है। संयुक्त राज्य अमेरिका के कैलिफोर्निया में उत्पादित बादाम नियमित रूप से नियंत्रण रेखा (एलओसी) चेक पोस्ट व्यापार के माध्यम से अपना रास्ता खोज रहे हैं, जिसमें बड़े परिवहन तंत्र शामिल हैं।

पाकिस्तानी व्यापारियों की कार्यप्रणाली

पाकिस्तानी व्यापारियों की कार्यप्रणाली कैलिफोर्निया बादाम जैसे उत्पादों को न्यून-चालान (Under-invoice) करने के लिए है। एक सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि खेप मिलने के बाद, भारतीय पक्ष के व्यापारी मौजूदा बाजार मूल्य पर कैलिफोर्निया बादाम बेचते हैं और न्यून-चालान की वजह से भारी मुनाफा कमाते हैं।

पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) और उनके आतंकवादी संगठनों एक उपयुक्त पाकिस्तानी व्यापारी फर्म की पहचान करते हैं और उसे धन को सौंप दिया जाता है, जिसे भारत में स्थित राष्ट्र विरोधी तत्वों और आतंकवादी संगठनों को हस्तांतरित किया जाता है, – एक भारतीय खुफिया अधिकारी ने कहा।

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अधिकारी ने कहा कि उत्पन्न अतिरिक्त धनराशि कश्मीर की घाटी में व्यापारियों द्वारा आतंकवादियों, अलगाववादियों या राष्ट्रविरोधी तत्वों द्वारा भारत विरोधी गतिविधियों को हवा देने के लिए सौंप दी जाती है।

यह भी सुरक्षा एजेंसियों के संज्ञान में आया है कि प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों, विशेष रूप से हिज्बुल मुजाहिदीन से बहुत बड़ी संख्या में जुड़े व्यक्तियों द्वारा सीमा-पार (एलओसी) व्यापार को संचालित किया जा रहा है। कुछ भारतीय नागरिक जो सीमा पार पाकिस्तान में चले गए हैं और आतंकवादी संगठनों में शामिल हो गए हैं, उन्होंने पड़ोसी देश में व्यापारिक संस्थाएं शुरू कर दी हैं।

परिणामस्वरूप, उग्रवादी संगठनों के नियंत्रण में कई पाक-आधारित व्यापारिक फर्म भारत में स्थित अपने रिश्तेदारों द्वारा संचालित फर्मों के साथ व्यापार कर रहे हैं। भारत ने 18 अप्रैल को नियंत्रण रेखा के दो बिंदुओं पर क्रॉस-एलओसी व्यापार को अनिश्चित काल के लिए निलंबित कर दिया था, रिपोर्ट के अनुसार कि हथियारों, नशीले पदार्थों और नकली मुद्रा की तस्करी करने के लिए सीमा पार से तत्वों द्वारा इसका “दुरुपयोग” किया जा रहा था।

व्यापारी ज़ाहू अहमद वटाली, जो इस समय आतंकी फंडिंग के मामलों में जेल में है, एलओसी व्यापारी संघ का अध्यक्ष था और उसे घाटी में आतंकवादियों, अलगाववादियों और विध्वंसक तत्वों को धन मुहैया कराते पाया गया था। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पहले ही उसकी करोड़ों रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है और आगे की जांच जारी है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने आतंक के वित्तपोषण के लिए संदिग्ध हवाला लेनदेन की कार्यप्रणाली का पता लगा लिया है।

पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) और उनके आतंकवादी संगठनों एक उपयुक्त पाकिस्तानी व्यापारी फर्म की पहचान करते हैं और उसे धन को सौंप दिया जाता है, जिसे भारत में स्थित राष्ट्र विरोधी तत्वों और आतंकवादी संगठनों को हस्तांतरित किया जाता है, – एक भारतीय खुफिया अधिकारी ने कहा। इस व्यापार में आईएसआई द्वारा नकली भारतीय मुद्रा नोटों को भी भारत में पहुँचाया जाता था। नकली भारतीय मुद्रा नोटों की 57 लाख रुपये, 20 लाख रुपये, 15 लाख रुपये और 7.5 लाख रुपये की खेप और एक दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

अधिकारी ने कहा, “अवैध और देश विरोधी गतिविधियों के लिए बड़े पैमाने पर दुरुपयोग और खामियों का फायदा उठाने ने, भारत सरकार को एलओसी व्यापार को शुक्रवार से निलंबित करने के लिए मजबूर किया है,” अधिकारी ने बताया कि कैलिफोर्निया के बादाम के व्यापार का कैसे दुरुपयोग हुआ।

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