टीआरपी हेरफेर मामला: सीबीआई ने ‘बार्क’ के पूर्व सीईओ के खिलाफ दाखिल किया आरोपपत्र!

    बार्क के पूर्व सीईओ पर उनके कार्यकाल के दौरान टीआरपी में छेड़छाड़ करने का आरोप है।

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    टीआरपी हेरफेर मामला: सुनील लुल्ला पर उनके कार्यकाल के दौरान टीआरपी में छेड़छाड़ करने का आरोप

    केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने विभिन्न टेलीविजन चैनल की ‘टेलीविजन रेटिंग प्वाइंट’ (टीआरपी) में छेड़छाड़ करने के मामले में रेटिंग एजेंसी ‘बार्क’ के पूर्व सीईओ सुनील लुल्ला के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। लुल्ला पर उनके कार्यकाल के दौरान टीआरपी में छेड़छाड़ करने का आरोप है। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि लखनऊ के एक विज्ञापनदाता की शिकायत पर शुरू की गई जांच के दौरान सीबीआई को किसी भी टीवी चैनल द्वारा ग्राहकों के स्तर पर कथित गड़बड़ी किये जाने का कोई साक्ष्य नहीं मिला है।

    लखनऊ की विशेष सीबीआई अदालत में सीबीआई द्वारा दाखिल आरोपपत्र के मुताबिक, टीआरपी में कथित छेड़छाड़ सुनील लुल्ला के तहत की गई, जो उस समय ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (बार्क) की अगुवाई कर रहे थे। हालांकि, लुल्ला ने आरोपों से इनकार किया है। सूत्रों ने आरोपपत्र का विवरण साझा करने से इनकार कर दिया, क्योंकि विशेष अदालत द्वारा इस पर संज्ञान लेना अभी बाकी है।

    उन्होंने कहा कि सीबीआई ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात) और धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत आरोप लगाए हैं। सूत्रों ने बताया कि अदालत 15 दिसंबर को आरोपपत्र पर संज्ञान लेगी, जिसके लिए लुल्ला को समन जारी किया गया है।

    गौरतलब है कि विज्ञापन एजेंसियों द्वारा किसी टीवी चैनल या कार्यक्रम की लोकप्रियता मापने के लिए टीआरपी का सहारा लिया जाता है, जो विज्ञापन की कीमतें प्रभावित करता है। टीआरपी की गणना बार्क द्वारा देश भर में 45,000 से अधिक घरों में लगाये गये एक उपकरण का उपयोग कर की जाती है, जिसे बार-ओ-मीटर कहा जाता है।

    [आईएएनएस इनपुट के साथ]

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